{"_id":"612e7a0e8ebc3e7a1117d147","slug":"the-mountains-of-bhaderwah-resonating-with-the-sound-of-alphabets-udhampur-news-jmu242687712","type":"story","status":"publish","title_hn":"अ आ इ ई... की आवाज से गूंज रहे भद्रवाह के पहाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अ आ इ ई... की आवाज से गूंज रहे भद्रवाह के पहाड़
विज्ञापन
भद्रवाह। भद्रवाह के दूरदराज पहाड़ी इलाकों में भी अब शिक्षा की लौ जलने लगी है, जिसके लिए ऑपरेशन सद्भावना के तहत सेना ने गुज्जर-बक्करवालों के बच्चों को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया है। भद्रवाह के दूरदराज पहाड़ों से अब पक्षियों की चहचहाहट के बीच कभी अ आ इ ई तो कभी ए बी और सी के स्वर सुनाई दे रहे हैं।
सेना की ओर से भद्रवाह में गुज्जर-बक्करवाल समुदाय के बच्चों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। सेना ने थनाला, बिहोटा और जाई घाटी में कोचिंग कक्षाएं शुरू की हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार सेना लगातार स्थानीय आबादी के लिए घर द्वार पर कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इसी के तहत इन कक्षाओं का संचालन शुरू किया है।
प्रदेश के के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में गुज्जर-बकरवाल बिहोटा, थनाला और जाई घाटी की ऊंची पहाड़ियों में स्थित चरागाहों पर एकत्र होते हैं। ये घुमंतू जीवन जीते हैं, जिस कारण इनके बच्चों तक शिक्षा की लौ नहीं पहुंच पाती है। इसी उद्देश्य से गुज्जर और बकरवालों के बच्चों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करने के लिए यह पहल की गई। इसके लिए व्यापक प्रचार भी किया गया है, ताकि बच्चे इसका लाभ उठा सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन
सेना की ओर से भद्रवाह में गुज्जर-बक्करवाल समुदाय के बच्चों के लिए विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। सेना ने थनाला, बिहोटा और जाई घाटी में कोचिंग कक्षाएं शुरू की हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार सेना लगातार स्थानीय आबादी के लिए घर द्वार पर कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। इसी के तहत इन कक्षाओं का संचालन शुरू किया है।
विज्ञापन
प्रदेश के के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में गुज्जर-बकरवाल बिहोटा, थनाला और जाई घाटी की ऊंची पहाड़ियों में स्थित चरागाहों पर एकत्र होते हैं। ये घुमंतू जीवन जीते हैं, जिस कारण इनके बच्चों तक शिक्षा की लौ नहीं पहुंच पाती है। इसी उद्देश्य से गुज्जर और बकरवालों के बच्चों को बुनियादी शिक्षा प्रदान करने के लिए यह पहल की गई। इसके लिए व्यापक प्रचार भी किया गया है, ताकि बच्चे इसका लाभ उठा सकें।
विज्ञापन