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आखिर चिनाब दरिया में बहाई जा रही है टैंकर की गैस
ब्यूरो/अमर उजाला, रामबन
Updated Sun, 01 May 2016 01:22 AM IST
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चिनाब में गिरा भारत प्रेट्रोलियम का गैस टैंकर
- फोटो : अमर उजाला
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लाख प्रयास के बावजूद आखिर भारत पेट्रोलियम के इंजीनियरों के दल को चिनाब में गिरे टैंकर से गैस को दूसरे टैंकर में पलटने में विफलता ही हाथ लगी। मजबूरन गैस को चिनाब दरिया में ही बहा देने का फैसला किया गया। इसके तहत एक पाइप के जरिये गैस को टैंकर से चिनाब के पानी में धीरे-धीरे निकाला जा रहा है।
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इस दौरान संभावित खतरे को भांपते हुए पूरे शहर की बिजली आपूर्ति शनिवार की दोपहर से बंद कर दी गई है। मौके पर दमकल विभाग का पूरा दस्ता साजो-सामान के साथ मौके पर मौजूद है। भारत पेट्रोलियम के इंजीनियरों का दल और अधिकारी भी मैत्रा में कैंप किए हुए हैं। पुलिस की नफरी को मैत्रा कसबे के आसपास तैनात कर दिया गया है।
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बाकायदा पुलिस इलाके में घूम-घूम कर लोगों को सावधान कर रही है कि वे माचिस या लाइटर का प्रयोग मैत्रा इलाके में नहीं करें। अन्यथा आग की बड़ी घटना हो सकती है। गैस टैंकर पूरी तरह से खाली होने के बाद लोगों को फिर सूचना दे दी जाएगी। सूत्रों का कहना है कि अभी मात्र 25-30 फीसदी गैस ही टैंकर से बहायी गई है। टैंकर में 14 हजार मीट्रिक टन गैस भरी थी। इस तरह गैस खाली होने में कुछ दिन का वक्त लग सकता है।
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एक सप्ताह से सहमे हैं मैत्रा के लोग
एक सप्ताह पहले रामबन के करोल इलाके में एलपीजी से भरा एक टैंकर चिनाब दरिया में गिर गया था। घटना के दो दिन बाद टैंकर पानी के तेज बहाल में बहकर पांच किलोमीटर दूर मैत्रा पहुंच गया। इस हादसे में बहे टैंकर के ड्राइवर का अब तक पता नहीं चल सका है। जबकि टैंकर को निकालने की जद्दोजहद जारी है। पहले तो गैस सहित टैंकर को बाहर निकलने की कोशिश हुई। फिर गैस पलटने की कोशिश। कोई उपाय नहीं सूझा तो गैस को बहाना ही विकल्प बचा। इस जद्दोजहद और हादसे के खतरा के चलते मैत्रा के लोग एक सप्ताह से सहमे हुए हैं।