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फल उत्पादन पर ओलावृष्टि का असर
ब्यूरो/अमर उजाला, पंचैरी
Updated Fri, 13 Mar 2015 12:01 PM IST
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जिले के पहाड़ी क्षेत्र पंचेरी, डूडू, बसंतगढ़ क्षेत्र में ओलावृष्टि के कारण फल उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ा है। आलू बुखारा, खुमानी, अखरोट का उत्पादन कम होने से किसानों को भी काफी नुकसान हुआ है।
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इन क्षेत्रों से करीब एक हजार टन फल का उत्पादन होता है, जिसमें अधिकतर फल खराब हो गए। पंचैरी के गिरधारी लाल, मदन गोपाल, मंगतराम, बलदेव सिंह के अनुसार इन दिनों फल का उत्पादन होता है।
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ओलावृष्टि के कारण पेड़ों पर लगे फूल झड़ गए हैं। अब आलू बुखारी और खुमानी के फल लगते हैं। जबकि सेब और अखरोट के फल का सीजन शुरू होता है। क्षेत्र के कई लोग इस फल उत्पादन पर ही निर्भर हैं।
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इन फलों को बेचकर अपनी रोजी-रोटी कमाते हैं। ठंड वाले क्षेत्र होने के कारण इन फलों का काफी उत्पादन होता है।
आलू बुखारा और खुमानी के पेड़ों पर इन दिनों फूल उगते हैं। कई पेड़ों पर छोटे फल भी उग आए थे।
बारिश और ओलावृष्टि के कारण सब तबाह हो गया। बेमौसम ओलावृष्टि के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि इन क्षेत्रों में बर्फ बारी होती है। बर्फ हलकी होती है और पेड़ों पर भी काफी देर तक बर्फ जमा रहती है, लेकिन उससे फलों को नुकसान नहीं होता है।
इन किसानों ने सरकार से मांग की कि फल की फसल तबाह होने के लिए उन्हें मुआवजा दिया जाए। ताकि किसान अपनी गुजर बसर कर सकें।