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Udhampur News: आत्मनिर्भर बन रहीं उधमपुर की बेटियां, आरएसईटीआई ने 400 महिलाओं को दिया हुनर

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The daughters of Udhampur are becoming self-reliant; RSETI has provided skills training to 400 women
संवाद न्यूज एजेंसी
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उधमपुर। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण की दिशा में भारतीय स्टेट बैंक का ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) एक नई इबारत लिख रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष में संस्थान ने उधमपुर जिले की 400 ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न व्यवसायों में प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाई है। प्रशिक्षण के बाद महिलाओं में बढ़ते आत्मविश्वास के चलते अब संस्थान में भागीदारी का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है।
ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित इस संस्थान में वर्तमान में ब्यूटी पार्लर, सिलाई, इलेक्ट्रीशियन, डेयरी फार्मिंग, प्लबिंग, मशरूम उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग सहित 17 प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। योजना का उद्देश्य प्रशिक्षण प्राप्त करने वालों को आत्मनिर्भर बनाना है।
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संस्थान के निदेशक अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि वार्षिक सत्र (अप्रैल से मार्च) के दौरान युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और यूथ मिशन जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है। इसका वार्षिक सत्र अप्रैल से मार्च तक चलता है। प्रशिक्षण के लिए सरकार की स्वरोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता, एमएसएमई, यूथ मिशन आदि सरकारी योजनाओं के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य होता है।
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प्रशिक्षण की विशेषताएं और पात्रता

योग्यता: न्यूनतम आठवीं पास और आयु 18 से 50 वर्ष के बीच (महिला व पुरुष दोनों पात्र)।

सुविधाएं: सुबह 9:30 से शाम 5:30 बजे तक सत्र, मुफ्त भोजन, चाय और दूर-दराज के प्रशिक्षुओं के लिए हॉस्टल की सुविधा।

अवधि : विभिन्न प्रशिक्षणों की अवधि अलग-अलग होती है। दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभागियों के लिए हास्टल की सुविधा भी प्रदान की जाती है।
लक्ष्य: प्रशिक्षण लेने वाले कम से कम 70 प्रतिशत लाभार्थी अपना स्वरोजगार स्थापित करें।

ऋण और सब्सिडी की भी सुविधा
निदेशक अमित कुमार ने बताया कि जो उम्मीदवार प्रशिक्षण के बाद आर्थिक तंगी के कारण अपना काम शुरू नहीं कर पाते, संस्थान उन्हें बैंक ऋण दिलाने में मदद करता है। खास बात यह है कि इन योजनाओं के तहत लाभार्थियों को 25 से 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान की जाती है, जिससे उन पर वित्तीय बोझ कम हो सके। इस योजना का मुख्य लक्ष्य है कि प्रशिक्षण लेने वालों में से कम से कम 70 प्रतिशत लोग स्वरोजगार स्थापित कर सकें।


इस वर्ष 500 से अधिक लोग प्रशिक्षण ले चुके
निदेशक ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक 500 से अधिक उम्मीदवार इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें लगभग 100 पुरुष और 400 महिलाएं शामिल हैं। महिलाओं की भागीदारी इस योजना में लगातार बढ़ रही है। प्रशिक्षण देने वाले प्रशिक्षकों की भी परीक्षा होती है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उम्मीदवारों की परीक्षा और साक्षात्कार लिया जाता है। सफल उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है जिससे उन्हें रोजगार या स्वरोजगार शुरू करने में सहायता मिलती है।
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