{"_id":"63a21523b9414a55983d0973","slug":"strike-udhampur-news-jmu2748178190","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: लंबित मांगों को पूरा करने के लिए मिड डे मील बनाने वाले कुक ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: लंबित मांगों को पूरा करने के लिए मिड डे मील बनाने वाले कुक ने किया प्रदर्शन
Wed, 21 Dec 2022 12:34 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
अमर उजाला नेटवर्क, उधमपुर
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Dec 2022 12:34 PM IST
सार
सरकार की तरफ से उनको मिड-डे-मील बनाने के लिए एक दिन के हिसाब से 30 रुपये दिए जाते हैं। महीने में उनको करीब 900 रुपये मिलते हैं।
विज्ञापन
उधमपुर
- फोटो : UDHAMPUR
विस्तार
उधमपुर में स्थायी कर्मचारी बनाने, मानदेय बढ़ाने व अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर मिड-डे-मील बनाने वाले कर्मचारियों ने मंगलवार को उधमपुर पहुंच कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद सभी कुक ने भाजपा नेता और पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया के सामने अपनी परेशानी को रखा। उन्होंने बताया कि मिड-डे-मील बनाने के लिए हर रोज 30 रुपये दिए जा रहे हैं। इस राशि से उनके लिए काम करना मुश्किल होता जा रहा है।
विज्ञापन
दोपहर करीब एक बजे मिड-डे-मील कुक यूनियन के बैनर तले सभी कुक ने शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान नीलम देवी, काका राम, सोहन लाल, बिशन दास व अन्य ने बताया कि सरकार की तरफ से उनको मिड-डे-मील बनाने के लिए एक दिन के हिसाब से 30 रुपये दिए जाते हैं। महीने में उनको करीब 900 रुपये मिलते हैं। उनको स्कूलों में काम करते हुए 15 वर्ष से अधिक हो गए हैं लेकिन अभी तक उनको न तो स्थायी कर्मचारी बनाने के लिए कोई योजना तैयार की गई है और न ही मानदेय बढ़ाने को लेकर कुछ किया जा रहा है।
विज्ञापन
अगर शिक्षा विभाग ने उनको स्थायी कर्मचारी नहीं बनाना है तो कम से कम मिनिमम वेज एक्ट के तहत को वेतन दिया जाना चाहिए। उनके लिए अब 900 रुपये मानदेय में काम करना संभव नहीं हो पा रहा है। इस राशि से तो यात्री वाहन का किराया भी पूरा नहीं हो सकता, इसलिए उनकी मांग है कि उनकी सभी मांगों को सरकार तक पहुंचा कर हल करवाया जाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो उन्हें मजबूरन मीड-डे-मील बनाना बंद करना पड़ेगा। सभी कुक की मांगों को सुनने के बाद पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया ने कहा कि उनकी सभी मांगें पूरी तरह से जायज हैं।
विज्ञापन
ये लोग सुबह से स्कूल बंद होने तक स्कूलों में काम करते हैं और फिर भी इनको मिड-डे-मील बनाने के लिए न के बराबर मानदेय दिया जा रहा है। कम से कम मिनिमम वेज एक्ट के तहत तो इनको वेतन मिलना चाहिए। जल्द ही सरकार के उच्च अधिकारियों के साथ मुलाकात कर परेशानी को रखा जाएगा।