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राजमार्ग खुलने के बाद भी दिन भर वाहनों की आवाजाही रही प्रभावित
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ऊधमपुर: ऊधमपुर जखैनी क्षेत्र में घाटी की ओर जाने वाले रोके गए वाहन
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर/रामबन। राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही मंगलवार को भी प्रभावित रही। सोमवार शाम को बंद हुआ राष्ट्रीय राजमार्ग मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे खुला। पुलिस ने बीच में फंसे वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया।
लेकिन, कुछ समय बाद फिर से पत्थर गिरना शुरू हो गए। इसके बाद शाम तक रोक रोक कर वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया गया। वहीं, उधमपुर से किसी भी वाहन को घाटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी गई। ट्रकों को लगातार पांचवें दिन उधमपुर में रोक कर रखा गया है।
मौसम में सुधार होने के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित है। बार बार राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो रहा है। सोमवार को कुछ घंटे के लिए ही मार्ग खुला, और छोटे यात्री वाहन घाटी व जम्मू की तरफ रवाना हुए। लेकिन, शाम करीब सात बजे कैफेटेरिया मोड़ इलाके में फिर से पस्सियां गिर गईं, तो राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। राजमार्ग के बंद होने के बाद कई यात्री वाहन रामबन के विभिन्न हिस्सों में फंस गए।
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रात होने के कारण राजमार्ग को खोलने का कार्य शुरू नहीं किया जा सका। लेकिन, मंगलवार को तड़के ही फोरलेन राजमार्ग का निर्माण कर रही मशीनरी ने राजमार्ग को खोलने का काम शुरू कर दिया। सुबह करीब आठ बजे राजमार्ग को खोलने में कायमाबी मिल भी गई। राजमार्ग के खुलते ही पुलिस ने बीच में फंसे यात्रियों के वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया।
वाहन अभी चल ही रहे थे कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे मेहाड़ में बड़ी पस्सी गिरने पर फिर से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया, और कई यात्रियों के वाहन फंस गए। वहीं, मशीनरी ने फिर से राजमार्ग को खोलने का काम शुरू कर दिया। करीब छह घंटे मशक्कत करने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिली। इसके बाद पुलिस ने फिर रामबन के विभिन्न हिस्सों में फंसे यात्री वाहनों को जम्मू और श्रीनगर की तरफ रवाना किया।
इसके बाद भी मेहाड़ में पहाड़ से बार बार पत्थर गिरते रहे। जब पत्थर गिरते तो वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया जाता। और, पत्थर गिरना बंद होते तो वाहनों को चलने की अनुमति दे दी जाती। हालांकि, उधमपुर से किसी वाहन को घाटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं मिली। पुलिस ने घोषणा की कि बुधवार सुबह पांच बजे यात्री वाहनों को घाटी की तरफ जाने की अनुमति दी जाएगी। तब तक कोई वाहन घाटी की तरफ रवाना नहीं होगा। कई यात्री वाहन वापस जम्मू की तरफ लौट गए। वहीं, मालवाहक पांचवें दिन भी स्थिर रहे।
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लेकिन, कुछ समय बाद फिर से पत्थर गिरना शुरू हो गए। इसके बाद शाम तक रोक रोक कर वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया गया। वहीं, उधमपुर से किसी भी वाहन को घाटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं दी गई। ट्रकों को लगातार पांचवें दिन उधमपुर में रोक कर रखा गया है।
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मौसम में सुधार होने के बाद भी राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित है। बार बार राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो रहा है। सोमवार को कुछ घंटे के लिए ही मार्ग खुला, और छोटे यात्री वाहन घाटी व जम्मू की तरफ रवाना हुए। लेकिन, शाम करीब सात बजे कैफेटेरिया मोड़ इलाके में फिर से पस्सियां गिर गईं, तो राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया। राजमार्ग के बंद होने के बाद कई यात्री वाहन रामबन के विभिन्न हिस्सों में फंस गए।
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रात होने के कारण राजमार्ग को खोलने का कार्य शुरू नहीं किया जा सका। लेकिन, मंगलवार को तड़के ही फोरलेन राजमार्ग का निर्माण कर रही मशीनरी ने राजमार्ग को खोलने का काम शुरू कर दिया। सुबह करीब आठ बजे राजमार्ग को खोलने में कायमाबी मिल भी गई। राजमार्ग के खुलते ही पुलिस ने बीच में फंसे यात्रियों के वाहनों को जम्मू की तरफ रवाना किया।
वाहन अभी चल ही रहे थे कि सुबह करीब साढ़े आठ बजे मेहाड़ में बड़ी पस्सी गिरने पर फिर से राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया, और कई यात्रियों के वाहन फंस गए। वहीं, मशीनरी ने फिर से राजमार्ग को खोलने का काम शुरू कर दिया। करीब छह घंटे मशक्कत करने के बाद दोपहर करीब ढाई बजे राजमार्ग को खोलने में कामयाबी मिली। इसके बाद पुलिस ने फिर रामबन के विभिन्न हिस्सों में फंसे यात्री वाहनों को जम्मू और श्रीनगर की तरफ रवाना किया।
इसके बाद भी मेहाड़ में पहाड़ से बार बार पत्थर गिरते रहे। जब पत्थर गिरते तो वाहनों की आवाजाही को बंद कर दिया जाता। और, पत्थर गिरना बंद होते तो वाहनों को चलने की अनुमति दे दी जाती। हालांकि, उधमपुर से किसी वाहन को घाटी की तरफ जाने की अनुमति नहीं मिली। पुलिस ने घोषणा की कि बुधवार सुबह पांच बजे यात्री वाहनों को घाटी की तरफ जाने की अनुमति दी जाएगी। तब तक कोई वाहन घाटी की तरफ रवाना नहीं होगा। कई यात्री वाहन वापस जम्मू की तरफ लौट गए। वहीं, मालवाहक पांचवें दिन भी स्थिर रहे।