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Udhampur News: सैन्य सम्मान के साथ हुआ बलिदानी सूबेदार सुरजीत का अंतिम संस्कार
Fri, 26 Dec 2025 12:25 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Fri, 26 Dec 2025 12:25 AM IST
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रियासी।सुबेदार की अंतिम यात्रा में उमड़ी लोगों की भीड़।फोटो,संवाद।
रियासी। सिरला निवासी सूबेदार सुरजीत सिंह का अंतिम संस्कार वीरवार को उनके पैतृक गांव के श्मशानघाट पर नम आंखों के साथ किया गया। सूबेदार की अंतिम यात्रा में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
सुबह से ही बलिदानी सूबेदार के घर लोगों का आना शुरू हो गया था। जैसे ही अंतिम यात्रा निकलनी शुरू हुई तो लोगों ने भारत माता की जय, सुरजीत सिंह अमर रहे के जयघोष लगाए। इससे पहले बुधवार देर शाम सूबेदार सुरजीत सिंह का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा जिसके बाद गांव का माहौल गमगीन रहा। लोग उनके परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंचे।
वीरवार सुबह सिख रेजिमेंट के अधिकारी व जवान अंतिम यात्रा में शामिल हुए। श्मशानघाट पर सूबेदार सुरजीत सिंह को उनके 13 वर्षीय बेटे सूर्यांश सिंह ने मुखाग्नि दी। मौके पर आए सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
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बलिदानी सूबेदार की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था जिसे परिवार के अन्य सदस्य संभालते रहे। सूबेदार के अंतिम संस्कार में गांव के स्थानीय लोगों के साथ रियासी-कटड़ा के कई गणमान्य लोग व जनप्रतिनिधि पहुंचे।
गौरतलब है कि चार्ट ड्यूटी को लेकर हुए विवाद के बाद सेना के एक जवान ने उन पर गोलियां बरसाईं। बाद में उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बलिदानी सूबेदार सुरजीत सिंह एक महीना पहले घर आए थे और कुछ दिन पहले फोन पर परिजन से बात भी हुई थी।
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सुबह से ही बलिदानी सूबेदार के घर लोगों का आना शुरू हो गया था। जैसे ही अंतिम यात्रा निकलनी शुरू हुई तो लोगों ने भारत माता की जय, सुरजीत सिंह अमर रहे के जयघोष लगाए। इससे पहले बुधवार देर शाम सूबेदार सुरजीत सिंह का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा जिसके बाद गांव का माहौल गमगीन रहा। लोग उनके परिजनों को सांत्वना देने के लिए पहुंचे।
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वीरवार सुबह सिख रेजिमेंट के अधिकारी व जवान अंतिम यात्रा में शामिल हुए। श्मशानघाट पर सूबेदार सुरजीत सिंह को उनके 13 वर्षीय बेटे सूर्यांश सिंह ने मुखाग्नि दी। मौके पर आए सेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
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बलिदानी सूबेदार की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल था जिसे परिवार के अन्य सदस्य संभालते रहे। सूबेदार के अंतिम संस्कार में गांव के स्थानीय लोगों के साथ रियासी-कटड़ा के कई गणमान्य लोग व जनप्रतिनिधि पहुंचे।
गौरतलब है कि चार्ट ड्यूटी को लेकर हुए विवाद के बाद सेना के एक जवान ने उन पर गोलियां बरसाईं। बाद में उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बलिदानी सूबेदार सुरजीत सिंह एक महीना पहले घर आए थे और कुछ दिन पहले फोन पर परिजन से बात भी हुई थी।