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पहले ओलों ने और अब सूखे ने बढ़ाई किसानों की चिंताए ।
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चिनैनी। करीब एक माह पहले चिनैनी में हुई ओलावृष्टि के बाद अब सूखे के कारण किसानों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। जिसके चलते किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं हुई तो मुश्किलें बढ़ जाएंगी। जबकि, कई सब्जियां पर भी ठंड का असर देखने को मिल रहा है। गांव मादा के किसानों ने कहा कि ओलावृष्टि ने पहले सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचाया। और जो बच गईं, उन पर अब सूखे की मार पड़ रही है। इस समय कनक लगाई जा रही है। कुछ स्थानों पर फसल लगाई जानी है। लेकिन, बारिश न होने से समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
किसान गंधर्व सिंह ने कहा कि ओले से उनकी फसल को भारी नुकसान पहुंचा था। अब बारिश न होने से परेशानियां बढ़ गई हैं। ठंड के कारण मटर, धनिया, गोभी और कड़म की पैदावार पर असर पड़ता है। यदि बारिश हो जाती है तो कुछ हद तक राहत मिलेगी। वहीं, किसान मोहम्मद फीशा ने कहा कि बारिश 15 दिन पहले होती तो फसल को लाभ होता। अब भी बारिश होने से कुछ लाभ हो सकता है। सरकार को नुकसान का मुआवजा और मुफ्त में बीज देने चाहिए।
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किसानों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं हुई तो मुश्किलें बढ़ जाएंगी। जबकि, कई सब्जियां पर भी ठंड का असर देखने को मिल रहा है। गांव मादा के किसानों ने कहा कि ओलावृष्टि ने पहले सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचाया। और जो बच गईं, उन पर अब सूखे की मार पड़ रही है। इस समय कनक लगाई जा रही है। कुछ स्थानों पर फसल लगाई जानी है। लेकिन, बारिश न होने से समस्याएं बढ़ती जा रही हैं।
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किसान गंधर्व सिंह ने कहा कि ओले से उनकी फसल को भारी नुकसान पहुंचा था। अब बारिश न होने से परेशानियां बढ़ गई हैं। ठंड के कारण मटर, धनिया, गोभी और कड़म की पैदावार पर असर पड़ता है। यदि बारिश हो जाती है तो कुछ हद तक राहत मिलेगी। वहीं, किसान मोहम्मद फीशा ने कहा कि बारिश 15 दिन पहले होती तो फसल को लाभ होता। अब भी बारिश होने से कुछ लाभ हो सकता है। सरकार को नुकसान का मुआवजा और मुफ्त में बीज देने चाहिए।
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