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शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर शिक्षकों की कमी पर जताई नाराजगी
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उधमपुर: पूर्व शिक्षा मंत्री हरदेव सिंह चीफ एजुकेशन ऑफीसर के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते हुए.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। जिले के ग्रामीण स्कूलों में स्टाफ की कमी को लेकर सोमवार को सीईओ कार्यालय में आम आदमी पार्टी नेता हर्ष देव सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की, और प्रभावित स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ तैनात करने की मांग की।
पूर्व मंत्री हर्ष देव सिंह ने कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षण स्टाफ की भारी कमी ने बच्चों की शिक्षा पर प्रभाव डाला है। इनकी कमी को लेकर संबंधित गांव बार-बार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में स्टाफ की कमी है। जबकि, लाट्टी, चिनैनी, डूडू-बसंतगढ़ और घोरडी ब्लॉक में पड़ने वाले स्कूलों में हालात ज्यादा गंभीर हैं।
बताया कि इनमें एचएसएस बसंतगढ़ में 13 पद, एचएसएस धनास (चिनैनी) में 15 पद, एचएस पनारा में सात पद, एचएसएस खनेड में 13 पद, एचएस बलोता में सात पद, एचएस पारला चफड़ में 12 पद, एमएस घाडियां कलां में तीन पद और एमएस कुलसार में तीन पद रिक्त हैं। जबकि, एमएस पट्टनगढ़ और एमएस भुगतरियान को केवल दो और पीएस खानस्ताली, पीएस कौत्री और पीएस नाग-चौकी को मात्र एक-एक शिक्षक चला रहे हैं।
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ग्रामीण शिक्षा क्षेत्रों के प्रति उदासीनता के लिए शिक्षा अधिकारियों की आलोचना करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर अटैचमेंट और तबादलों ने दूरदराज के स्कूलों में अराजकता पैदा कर दी है, जिससे प्रभावित छात्रों का करियर खतरे में है। उन्होंने आरईटी योजना को फिर से शुरू करने की मांग की, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रभावित आबादी को राहत मिल सके।
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पूर्व मंत्री हर्ष देव सिंह ने कहा कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षण स्टाफ की भारी कमी ने बच्चों की शिक्षा पर प्रभाव डाला है। इनकी कमी को लेकर संबंधित गांव बार-बार आवाज उठा रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में स्टाफ की कमी है। जबकि, लाट्टी, चिनैनी, डूडू-बसंतगढ़ और घोरडी ब्लॉक में पड़ने वाले स्कूलों में हालात ज्यादा गंभीर हैं।
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बताया कि इनमें एचएसएस बसंतगढ़ में 13 पद, एचएसएस धनास (चिनैनी) में 15 पद, एचएस पनारा में सात पद, एचएसएस खनेड में 13 पद, एचएस बलोता में सात पद, एचएस पारला चफड़ में 12 पद, एमएस घाडियां कलां में तीन पद और एमएस कुलसार में तीन पद रिक्त हैं। जबकि, एमएस पट्टनगढ़ और एमएस भुगतरियान को केवल दो और पीएस खानस्ताली, पीएस कौत्री और पीएस नाग-चौकी को मात्र एक-एक शिक्षक चला रहे हैं।
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ग्रामीण शिक्षा क्षेत्रों के प्रति उदासीनता के लिए शिक्षा अधिकारियों की आलोचना करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि बड़े पैमाने पर अटैचमेंट और तबादलों ने दूरदराज के स्कूलों में अराजकता पैदा कर दी है, जिससे प्रभावित छात्रों का करियर खतरे में है। उन्होंने आरईटी योजना को फिर से शुरू करने की मांग की, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की प्रभावित आबादी को राहत मिल सके।