{"_id":"6240aeb9d5df5e000a44994b","slug":"protest-udhampur-news-jmu2565959142","type":"story","status":"publish","title_hn":"सडकों की हालत सुधारने की मांग को लेकर चरी स्याल के लोगों ने रोड जाम कर किया प्रदर्शन,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सडकों की हालत सुधारने की मांग को लेकर चरी स्याल के लोगों ने रोड जाम कर किया प्रदर्शन,
विज्ञापन
उधमपुर : अपनी मांगों को लेकर नॉर्दन रेलवे के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए चरी स्वैल गांव के लोग.
- फोटो : UDHAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। रेलवे की सड़कों की खस्ता हालत को लेकर रविवार को चरी स्याल के लोगों ने चरी स्याल मार्ग को जाम कर प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया और पार्षद जगदीश कुमार के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में सभी वर्गों के लोगों ने एकत्रित होकर रेलवे व प्रदेश प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
उनका कहना था कि रेलवे प्रशासन व जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण क्षेत्रवासी वर्षों से सड़कों की खस्ता हालत से परेशान हैं। हर रोज सैकड़ों ट्रक रेलवे स्टेशन पर माल ढुलाई के लिए आवाजाही करते हैं। जबकि, रेलवे स्टेशन के दोनों किनारों की सड़कों की हालत इतनी खराब है कि यहां सड़क के नाम पर सिर्फ धूल, मिट्टी व बडे़-बडे़ गड्ढे नजर आते हैं। लगातार मांग उठाने की बाद भी न तो रेलवे प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है, और न ही जिला प्रशासन ने कोई कदम उठाया है। इससे पूरे क्षेत्र में धूल व मिट्टी फैली हुई है। सबसे बड़ा प्राकृतिक जलाशय ‘साकन बावली’ का पानी भी इससे दूषित हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले दिनों भी जिला प्रशासन के कुछ अधिकारी यहां आए थे, और लोगों के साथ बैठक की थी। इसके बाद वे प्रशासन के दफ्तरों में भी गए, जहां अधिकारियों ने विश्वास दिलाया था कि इस रोड को ठीक किया जाएगा। लेकिन, तीन महीने बीत जाने के बावजूद लोगों की समस्या का हल नहीं हुआ है। मौके पर पूर्व विधायक ने कहा सड़कों की खस्ता हालत के कारण यहां के बच्चे व बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। इस मार्ग पर गाड़ी तो दूर की बात है, पैदल चलना तक मुश्किल है। अगर एक हफ्ते में मार्ग की हालत ठीक नहीं हुई तो लोग रेल पटरी बंद कर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाया, और करीब एक घंटे बाद मार्ग को खुलवाकर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई।
विज्ञापन
विज्ञापन
उनका कहना था कि रेलवे प्रशासन व जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण क्षेत्रवासी वर्षों से सड़कों की खस्ता हालत से परेशान हैं। हर रोज सैकड़ों ट्रक रेलवे स्टेशन पर माल ढुलाई के लिए आवाजाही करते हैं। जबकि, रेलवे स्टेशन के दोनों किनारों की सड़कों की हालत इतनी खराब है कि यहां सड़क के नाम पर सिर्फ धूल, मिट्टी व बडे़-बडे़ गड्ढे नजर आते हैं। लगातार मांग उठाने की बाद भी न तो रेलवे प्रशासन कोई कार्रवाई कर रहा है, और न ही जिला प्रशासन ने कोई कदम उठाया है। इससे पूरे क्षेत्र में धूल व मिट्टी फैली हुई है। सबसे बड़ा प्राकृतिक जलाशय ‘साकन बावली’ का पानी भी इससे दूषित हो रहा है।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले दिनों भी जिला प्रशासन के कुछ अधिकारी यहां आए थे, और लोगों के साथ बैठक की थी। इसके बाद वे प्रशासन के दफ्तरों में भी गए, जहां अधिकारियों ने विश्वास दिलाया था कि इस रोड को ठीक किया जाएगा। लेकिन, तीन महीने बीत जाने के बावजूद लोगों की समस्या का हल नहीं हुआ है। मौके पर पूर्व विधायक ने कहा सड़कों की खस्ता हालत के कारण यहां के बच्चे व बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं। इस मार्ग पर गाड़ी तो दूर की बात है, पैदल चलना तक मुश्किल है। अगर एक हफ्ते में मार्ग की हालत ठीक नहीं हुई तो लोग रेल पटरी बंद कर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाया, और करीब एक घंटे बाद मार्ग को खुलवाकर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई।
विज्ञापन