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मजदूरों का बकाया वेतन जारी करे विभाग
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रामनगर में लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन करते जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारी
- फोटो : UDHAMPUR
रामनगर। लंबित मांगों को लेकर जल शक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने सुभाष चंद्र की अध्यक्षता में कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार उनका बकाया वेतन जारी कर सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करे।
साथ ही अन्य सभी अस्थायी कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का लाभ प्रदान करे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से मांगों को लेकर विभिन्न मंचों से सरकार से गुहार लगा रहे हैं। लेकिन, सरकार उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। वर्षों से अस्थायी कर्मचारी विभाग में निष्ठा के साथ सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन, विभाग में उन्हें अभी तक स्थायी नियुक्ति प्रदान नहीं हुई।
उन्होंने कहा कई कर्मचारी अस्थायी ही सेवानिवृत्त भी हो गए हैं। उन्हें सरकार ने कोई लाभ प्रदान नहीं किया। सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अस्थायी कर्मियों को न तो स्थायी किया गया, और न ही उन्हें नियमित वेतन दिया जा रहा है। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का लाभ भी उन्हें नहीं दिया गया है। इससे उनकी आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ती जा रही है। इसी को लेकर रोष प्रदर्शन किया गया है। अगर उनकी समस्याओं को जल्द हल न किया गया तो आने वाले दिनों में वे उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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साथ ही अन्य सभी अस्थायी कर्मचारियों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का लाभ प्रदान करे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे लंबे समय से मांगों को लेकर विभिन्न मंचों से सरकार से गुहार लगा रहे हैं। लेकिन, सरकार उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। वर्षों से अस्थायी कर्मचारी विभाग में निष्ठा के साथ सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन, विभाग में उन्हें अभी तक स्थायी नियुक्ति प्रदान नहीं हुई।
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उन्होंने कहा कई कर्मचारी अस्थायी ही सेवानिवृत्त भी हो गए हैं। उन्हें सरकार ने कोई लाभ प्रदान नहीं किया। सात साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अस्थायी कर्मियों को न तो स्थायी किया गया, और न ही उन्हें नियमित वेतन दिया जा रहा है। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का लाभ भी उन्हें नहीं दिया गया है। इससे उनकी आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ती जा रही है। इसी को लेकर रोष प्रदर्शन किया गया है। अगर उनकी समस्याओं को जल्द हल न किया गया तो आने वाले दिनों में वे उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे।
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