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विद्यार्थियों ने ली भ्रष्टाचार रोकने की शपथ
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किश्तवाड़। डिग्री कॉलेज में वीरवार को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस पर प्राचार्य प्रो. अनिरुद्ध शर्मा के संरक्षण में संगोष्ठी का आयोजन किया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि उप प्रधानाचार्य प्रो. डॉ. अथर गुंदना थे।
कार्यक्रम की शुरुआत में संयोजक प्रो. यासीन सिरवाल ने इस दिन के महत्व और दुनिया भर में 9 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाने के उद्देश्य पर विचार रखे। मुख्य भाषण प्रो. मुसरत मतू ने दिया, जहां उन्होंने समाज में भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों और देश में भ्रष्टाचार के वर्तमान परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2020 के अनुसार भारत 180 देशों में से 86वें स्थान पर है, जो चिंता का विषय है।
उन्होंने जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए मजबूत कानूनी ढांचा और भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायतें दर्ज करने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों के कुछ संपर्क नंबर और ईमेल आईडी साझा किए। इसमें 20 से अधिक छात्रों ने भाग लिया और संबंधित विषय पर अपने विचार साझा किए। प्रो. अजय कुमार (भौतिकी विभागाध्यक्ष), डॉ. मधु बाला (वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष), और डॉ. माधव राम (विभागाध्यक्ष गणित) निर्णायक सदस्य थे जिन्होंने छात्रों को चुना। कार्यक्रम में जैशा रसूल, अंदलीब जहां और उजला देवी ने पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। अंत में कॉलेज के प्राध्यापकों और छात्रों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शपथ ली।
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कार्यक्रम की शुरुआत में संयोजक प्रो. यासीन सिरवाल ने इस दिन के महत्व और दुनिया भर में 9 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस मनाने के उद्देश्य पर विचार रखे। मुख्य भाषण प्रो. मुसरत मतू ने दिया, जहां उन्होंने समाज में भ्रष्टाचार के दुष्प्रभावों और देश में भ्रष्टाचार के वर्तमान परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की। कहा कि भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक 2020 के अनुसार भारत 180 देशों में से 86वें स्थान पर है, जो चिंता का विषय है।
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उन्होंने जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए मजबूत कानूनी ढांचा और भ्रष्टाचार के संबंध में शिकायतें दर्ज करने के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों के कुछ संपर्क नंबर और ईमेल आईडी साझा किए। इसमें 20 से अधिक छात्रों ने भाग लिया और संबंधित विषय पर अपने विचार साझा किए। प्रो. अजय कुमार (भौतिकी विभागाध्यक्ष), डॉ. मधु बाला (वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष), और डॉ. माधव राम (विभागाध्यक्ष गणित) निर्णायक सदस्य थे जिन्होंने छात्रों को चुना। कार्यक्रम में जैशा रसूल, अंदलीब जहां और उजला देवी ने पहला, दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया। अंत में कॉलेज के प्राध्यापकों और छात्रों ने भ्रष्टाचार के खिलाफ शपथ ली।
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