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अनुच्छेद 370 हटने के बाद ही प्रदेश में पंचायती राज को मिली मजबूती- केंद्रीय मंत्री
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उधमपुर। अनुच्छेद 370 हटने के बाद प्रदेश में बहुत बड़ा बदलावा आया है और यह विकास कार्यों को देख कर पता चलता है। सबसे बड़ा बदलाव पंचायती राज में आया है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद ही प्रदेश में थ्री टीयर सिस्टम को लागू किया जा सका है। पहली बार डीडीसी और बीडीसी के चुनाव संभव हो जाए हैं। यह बातें केंद्रीय विदेश एवं शिक्षा राज्य मंत्री डा. राज कुमार रंजन सिंह ने शुक्रवार को तहसील रामनगर में केंद्र सरकार के जन संपर्क कार्यक्रम के तहत आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के दौरान कही।
केंद्रीय मंत्री ने सरकारी हाई स्कूल देहारी आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनता की मांगें सुनी। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में बहुत बड़ा बदलाव आया है। विकास को देख कर बदलाव का पता चलता है। कार्यक्रम में सबसे पहले मंत्री ने रामनगर, कुलवंता और परलीधर में विभिन्न सरकारी योजनाओं मंजूर विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने कृषि, शिक्षा, हैंडलूम व अन्य कई सरकारी विभागों की तरफ से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया।
उन्होंने कर्मचारियों और लाभार्थियों के साथ बातचीत की और जमीन पर योजनाओं के कार्यान्वयन की विस्तृत समीक्षा की और लाभार्थियों से फीडबैक भी लिया। इसके बाद मंत्री ने बीबीबीपी के तहत ममता किट, खेलो इंडिया के तहत खेल किट, आयुष्मान भारत योजना के तहत सेहत कार्ड, अधिवास प्रमाण पत्र, ई-शर्म कार्ड और व्हील चेयर के अलावा लाभार्थियों को पावर टिलर मशीन और मक्का शेलर सौंपे।
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सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के बाद, विकास के क्षेत्र में कई बदलाव दिखाई दे रहे हैं। जैसे कि मेगा परियोजनाओं को पूरा करना, चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और जम्मू-कश्मीर में विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं को लागू करना। वर्तमान सरकार जम्मू-कश्मीर को विकास के गौरवशाली पथ पर लाने की पूरी कोशिश कर रही है।
उन्होंने सरकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन के साथ-साथ विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना की। अनुच्छेद 370 हटने के बाद थ्री टीयर सिस्टम की पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना हो पाई है। पंचायती राज संस्थाओं की स्थापना से आम लोगों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए पूरे उत्साह और समर्पण के साथ विकास की प्रक्रिया में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार धन, कार्यों और पदाधिकारियों के समर्पण के माध्यम से पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि स्थानीय प्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की जरूरतों से अच्छी तरह वाकिफ हैं और प्राथमिकता के आधार पर सर्वोत्तम समाधान के साथ मुद्दों को हल कर सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक संपत्ति और प्राकृतिक सुंदरता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जम्मू संभाग में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और साथ ही सब्जियों की स्थानीय उपज को एक संगठित उद्यम में बदलने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि इस आउटरीच कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं केे क्रियान्वयन का धरातल पर आकलन करना और लोगों से फीडबैक लेना है। नई शिक्षा नीति 2020 के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से सरकार छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जल जीवन मिशन योजना के बारे में मंत्री ने बताया कि जेजेएम भारत सरकार द्वारा सभी घरों में शत-प्रतिशत नल का पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र प्रायोजित योजना है। कार्यक्रम के दौरान, प्रसिद्ध स्थानीय कलाकार रोमालो राम और पार्टी ने थीम आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इस मौके पर डीसी इंदु कंवल चिब, डीडीसी चेयरमैन लाल चंद, प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्कूल एजूकेशन डिपार्टमेंट विश्वाजीत कुमार, डीडीसी वाइस चेयरमैन जूही मन्हास व अन्य मौजूद थे।
रामनगर में केंद्रीय व नवादेय विद्यालय खोलने की मांग
रामनगर के लोगों ने केंद्रीय मंत्री से रामनगर में केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय और आईटीआई कालेज खोलने की मांग को रेखा। लोगों ने कहा कि इनके खुलने पर पांच क्लाब की लाखों की आवादी को गुणवत्ता भरी शिक्षा मिल सकेगी। आईटीआई कालेज से युवा स्वरोजगार शुरू कर सकेंगे।
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केंद्रीय मंत्री ने सरकारी हाई स्कूल देहारी आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनता की मांगें सुनी। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में बहुत बड़ा बदलाव आया है। विकास को देख कर बदलाव का पता चलता है। कार्यक्रम में सबसे पहले मंत्री ने रामनगर, कुलवंता और परलीधर में विभिन्न सरकारी योजनाओं मंजूर विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने कृषि, शिक्षा, हैंडलूम व अन्य कई सरकारी विभागों की तरफ से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया।
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उन्होंने कर्मचारियों और लाभार्थियों के साथ बातचीत की और जमीन पर योजनाओं के कार्यान्वयन की विस्तृत समीक्षा की और लाभार्थियों से फीडबैक भी लिया। इसके बाद मंत्री ने बीबीबीपी के तहत ममता किट, खेलो इंडिया के तहत खेल किट, आयुष्मान भारत योजना के तहत सेहत कार्ड, अधिवास प्रमाण पत्र, ई-शर्म कार्ड और व्हील चेयर के अलावा लाभार्थियों को पावर टिलर मशीन और मक्का शेलर सौंपे।
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सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के हटने के बाद, विकास के क्षेत्र में कई बदलाव दिखाई दे रहे हैं। जैसे कि मेगा परियोजनाओं को पूरा करना, चल रहे विकास कार्यों की प्रगति और जम्मू-कश्मीर में विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं को लागू करना। वर्तमान सरकार जम्मू-कश्मीर को विकास के गौरवशाली पथ पर लाने की पूरी कोशिश कर रही है।
उन्होंने सरकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जिला प्रशासन के साथ-साथ विभिन्न विभागों के प्रयासों की सराहना की। अनुच्छेद 370 हटने के बाद थ्री टीयर सिस्टम की पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना हो पाई है। पंचायती राज संस्थाओं की स्थापना से आम लोगों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए पूरे उत्साह और समर्पण के साथ विकास की प्रक्रिया में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार धन, कार्यों और पदाधिकारियों के समर्पण के माध्यम से पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है क्योंकि स्थानीय प्रतिनिधि अपने क्षेत्रों की जरूरतों से अच्छी तरह वाकिफ हैं और प्राथमिकता के आधार पर सर्वोत्तम समाधान के साथ मुद्दों को हल कर सकते हैं।
जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक संपत्ति और प्राकृतिक सुंदरता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जम्मू संभाग में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और साथ ही सब्जियों की स्थानीय उपज को एक संगठित उद्यम में बदलने की क्षमता है। उन्होंने कहा कि इस आउटरीच कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्र प्रायोजित योजनाओं केे क्रियान्वयन का धरातल पर आकलन करना और लोगों से फीडबैक लेना है। नई शिक्षा नीति 2020 के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति से सरकार छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
जल जीवन मिशन योजना के बारे में मंत्री ने बताया कि जेजेएम भारत सरकार द्वारा सभी घरों में शत-प्रतिशत नल का पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई केंद्र प्रायोजित योजना है। कार्यक्रम के दौरान, प्रसिद्ध स्थानीय कलाकार रोमालो राम और पार्टी ने थीम आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इस मौके पर डीसी इंदु कंवल चिब, डीडीसी चेयरमैन लाल चंद, प्रिंसिपल सेक्रेटरी स्कूल एजूकेशन डिपार्टमेंट विश्वाजीत कुमार, डीडीसी वाइस चेयरमैन जूही मन्हास व अन्य मौजूद थे।
रामनगर में केंद्रीय व नवादेय विद्यालय खोलने की मांग
रामनगर के लोगों ने केंद्रीय मंत्री से रामनगर में केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय और आईटीआई कालेज खोलने की मांग को रेखा। लोगों ने कहा कि इनके खुलने पर पांच क्लाब की लाखों की आवादी को गुणवत्ता भरी शिक्षा मिल सकेगी। आईटीआई कालेज से युवा स्वरोजगार शुरू कर सकेंगे।