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हरी सब्जियों के दाम बढने से लोग परेशान
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उधमपुर शहर में सब्जी बेचता सब्जी विक्रेता
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। नगर में एक महीने से सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं। आम लोगों की थाली से हरी सब्जियां गायब होने लगी हैं। सब्जियों के भावों में एकदम से इतना उछाल आया है कि गरीब के साथ मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए भी हरी सब्जी खरीदकर खाना मुश्किल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक शिमला मिर्च सौ से ऊपर, टमाटर 60, गोभी 60, हरी मिर्च और बैंगन 50, आदि सब्जियों के दाम कुछ दिनों से दोगुना बढ़े हैं। स्थानीय राजकुमार, सुधा देवी, संजय कुमार, अरुण, आदि कहना है कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के मूल्य तो बढ़ ही रहे थे, इनके साथ सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। महज एक महीने के अंदर सब्जी की कीमत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।
सब्जी विक्रेता गिरधारी लाल और हंसराज का कहना है कि सब्जियों के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। लगातार बढ़ रहे भाव का असर दुकानदारी पर पड़ रहा है। सब्जी महंगी होने के चलते ग्राहक कम आ रहा है। मंडी से दस हजार की सब्जी लेकर आते हैं, लेकिन शाम तक आधी भी नहीं बिक पाती। जो ग्राहक पहले किलो सब्जी लेते थे, वे दाम बढ़ने के बाद अब आधा किलो में ही गुजारा कर रहे हैं। अधिकतर सब्जी विक्रेता शाम तक हजार रुपये की सब्जी भी नहीं बेच पा रहे हैं।
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उनके मुताबिक सब्जियों के महंगा होने का कारण महंगे पेट्रोल, डीजल के साथ अक्तूबर में हुई बारिश व ओलावृष्टि भी है। जिसके कारण हरी सब्जी की फसल खेतों में ही नष्ट हो गई। इससे बाजार में स्थानीय हरी सब्जी की आवक कम हो गई है। वहीं रेस्टोरेंट, ढाबे और होटलों वाले भी सब्जियों के बढे़ दामों से परेशानी में हैं। उनका कहना है कि सब्जियों के दाम बढ़ने का असर उनके कारोबार पर भी पड़ा है। रेस्त्रां में ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। सरकार को जल्द जरूरी कदम उठाने चाहिए।
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जानकारी के मुताबिक शिमला मिर्च सौ से ऊपर, टमाटर 60, गोभी 60, हरी मिर्च और बैंगन 50, आदि सब्जियों के दाम कुछ दिनों से दोगुना बढ़े हैं। स्थानीय राजकुमार, सुधा देवी, संजय कुमार, अरुण, आदि कहना है कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के मूल्य तो बढ़ ही रहे थे, इनके साथ सब्जियां भी महंगी हो गई हैं। महज एक महीने के अंदर सब्जी की कीमत में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है।
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सब्जी विक्रेता गिरधारी लाल और हंसराज का कहना है कि सब्जियों के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। लगातार बढ़ रहे भाव का असर दुकानदारी पर पड़ रहा है। सब्जी महंगी होने के चलते ग्राहक कम आ रहा है। मंडी से दस हजार की सब्जी लेकर आते हैं, लेकिन शाम तक आधी भी नहीं बिक पाती। जो ग्राहक पहले किलो सब्जी लेते थे, वे दाम बढ़ने के बाद अब आधा किलो में ही गुजारा कर रहे हैं। अधिकतर सब्जी विक्रेता शाम तक हजार रुपये की सब्जी भी नहीं बेच पा रहे हैं।
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उनके मुताबिक सब्जियों के महंगा होने का कारण महंगे पेट्रोल, डीजल के साथ अक्तूबर में हुई बारिश व ओलावृष्टि भी है। जिसके कारण हरी सब्जी की फसल खेतों में ही नष्ट हो गई। इससे बाजार में स्थानीय हरी सब्जी की आवक कम हो गई है। वहीं रेस्टोरेंट, ढाबे और होटलों वाले भी सब्जियों के बढे़ दामों से परेशानी में हैं। उनका कहना है कि सब्जियों के दाम बढ़ने का असर उनके कारोबार पर भी पड़ा है। रेस्त्रां में ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। सरकार को जल्द जरूरी कदम उठाने चाहिए।