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उधमपुर विकास प्राधिकरण का जल्द होगा पुनर्गठन
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उधमपुर:वार्ड नंबर 2 के पार्षद सुनील प्रोच द्वारा की गई पत्रकार वार्ता.
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। उधमपुर विकास प्राधिकरण का जल्द ही पुनर्गठन होने वाला है। साथ ही शहर के मास्टर प्लान की भी समीक्षा की जाएगी। यह जानकारी वार्ड 2 के पार्षद सुनील प्रोच ने रविवार को प्रेसवार्ता कर दी।
पार्षद ने कहा कि शहर में पेयजल की कमी और लीकेज जैसी समस्याओं को लेकर वह प्रमुख सचिव धीरज गुप्ता (आवास एवं शहरी स्थानीय निकाय जेके यूटी) और जल शक्ति विभाग के प्रमुख सचिव अशोक कुमार से मिले। पार्षद ने बताया कि सभी जगह विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, लेकिन उधमपुर में 2018 के बाद से इसे पुनर्गठित नहीं किया गया है। इस कारण उधमपुर का विकास तेजी से नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण को सीधे तौर पर इलाके के विकास के लिए फंड दिया जाता है। उधमपुर में इसके गठन के पांच साल के बाद किसी ने इसके पुनर्गठन पर ध्यान नहीं दिया। अब प्रमुख सचिव ने 15 दिन के भीतर उधमपुर विकास प्राधिकरण का पुनर्गठन करवाने का आश्वासन दिया है।
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इसके अलावा उन्होंने प्रमुख सचिव को उधमपुर के मास्टर प्लान की अनियमितताओं के बारे में भी अवगत करवाया, और मांग की कि इन्हें जल्द दूर किया जाए। इसके जवाब में उन्होंने मौके पर ही उधमपुर के मास्टर प्लान की समीक्षा करवाने के निर्देश दिए। पार्षद ने कहा कि शहर में तीन साल से सफाई कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाने की मांग भी उन्होंने प्रमुख सचिव के सामने रखी। इसके जवाब में उन्होंने निदेशक लोकल बॉडीज को कर्मचारियों की कमी दूर करने के निर्देश जारी किए।
इसके अलावा उन्होंने अधिकारी को नई हाउसिंग कॉलोनी के मुद्दे, देविका परियोजना के तहत हो रही परेशानी, आदि भी बताईं। सभी समस्याओं को सुनने के बाद प्रमुख सचिव ने आश्वासन दिया कि वह जल्द ही सभी मुद्दों की जानकारी के लिए उधमपुर का दौरा करेंगे।
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पार्षद ने कहा कि शहर में पेयजल की कमी और लीकेज जैसी समस्याओं को लेकर वह प्रमुख सचिव धीरज गुप्ता (आवास एवं शहरी स्थानीय निकाय जेके यूटी) और जल शक्ति विभाग के प्रमुख सचिव अशोक कुमार से मिले। पार्षद ने बताया कि सभी जगह विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, लेकिन उधमपुर में 2018 के बाद से इसे पुनर्गठित नहीं किया गया है। इस कारण उधमपुर का विकास तेजी से नहीं हो पा रहा है।
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उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरण को सीधे तौर पर इलाके के विकास के लिए फंड दिया जाता है। उधमपुर में इसके गठन के पांच साल के बाद किसी ने इसके पुनर्गठन पर ध्यान नहीं दिया। अब प्रमुख सचिव ने 15 दिन के भीतर उधमपुर विकास प्राधिकरण का पुनर्गठन करवाने का आश्वासन दिया है।
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इसके अलावा उन्होंने प्रमुख सचिव को उधमपुर के मास्टर प्लान की अनियमितताओं के बारे में भी अवगत करवाया, और मांग की कि इन्हें जल्द दूर किया जाए। इसके जवाब में उन्होंने मौके पर ही उधमपुर के मास्टर प्लान की समीक्षा करवाने के निर्देश दिए। पार्षद ने कहा कि शहर में तीन साल से सफाई कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाने की मांग भी उन्होंने प्रमुख सचिव के सामने रखी। इसके जवाब में उन्होंने निदेशक लोकल बॉडीज को कर्मचारियों की कमी दूर करने के निर्देश जारी किए।
इसके अलावा उन्होंने अधिकारी को नई हाउसिंग कॉलोनी के मुद्दे, देविका परियोजना के तहत हो रही परेशानी, आदि भी बताईं। सभी समस्याओं को सुनने के बाद प्रमुख सचिव ने आश्वासन दिया कि वह जल्द ही सभी मुद्दों की जानकारी के लिए उधमपुर का दौरा करेंगे।