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बारीदारों का मुद्दा हल करने वाली पार्टी को मिलेगा समर्थन
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वारिदार कमेटी के पूर्व प्रधान आपनी वात बताते हुए
- फोटो : KATRA
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कटड़ा। धर्मनगरी में माता वैष्णो देवी की वर्षों तक सेवा करते बारीदारों ने एक बार फिर अपनी आवाज बुलंद की है। उनकी पुरानी मांग है कि माता के चढ़ावे में से एक हिस्सा उन्हें भी दिया जाए। अब उन्होंने फैसला कर लिया है कि वह कटड़ा में उसी पार्टी को समर्थन देंगे, जो उनकी इस मांग को पूरा कर देगी।
उधमपुर में एक बैठक के दौरान हाल ही में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए थे कि वह बारीदारों से बात कर मामले का निपटारा करे। बारिदारान सेवा समिति के पूर्व प्रधान शेर सिंह ने बताया है कि वर्ष 1986 में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड बनने से पहले सदियों से बारीदार ही माता की सेवा करते थे। लेकिन, श्राइन बोर्ड ने उनसे उनका अधिकार छीन लिया। तबसे वह अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
समिति के पूर्व प्रधान ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बीते 37 वर्षों में जितने भी राज्यपाल हुए उनसे निरंतर इस मामले को सुलझाने की गुहार लगाई गई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई से भी मुलाकात कर समिति के सदस्यों ने अपने हक की आवाज को बुलंद किया था। वर्ष 2014 में चुनावों के दौरान उधमपुर में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं आश्वासन दिया था कि बारीदरों का जल्द ही स्थायी हल निकाला जाएगा। लेकिन, अब तक ऐसा कुछ हो न सका।
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वहीं, बारीदारों के बीच मतभेदों के चलते गठित बारीदार संघर्ष कमेटी के बारे में उनका कहना है कि बारीदार समाज के बीच कोई मतभेद नहीं है। सभी एकजुट हैं, और बारीदारान सेवा समिति के बैनर तले अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बारीदारों को उनका हक मिलेगा। परिसीमन आयोग की ओर से बनाई गए श्री माता वैष्णो देवी विधानसभा क्षेत्र का बारीदार समाज स्वागत करता हैं। इसकी मांग भी लंबे समय से की जा रही थी। लेकिन, चुनावों में बारीदार समाज समर्थन उसी पार्टी को देगा जो उनकी मांगों को हल करेगी।
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उधमपुर में एक बैठक के दौरान हाल ही में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए थे कि वह बारीदारों से बात कर मामले का निपटारा करे। बारिदारान सेवा समिति के पूर्व प्रधान शेर सिंह ने बताया है कि वर्ष 1986 में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड बनने से पहले सदियों से बारीदार ही माता की सेवा करते थे। लेकिन, श्राइन बोर्ड ने उनसे उनका अधिकार छीन लिया। तबसे वह अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं।
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समिति के पूर्व प्रधान ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बीते 37 वर्षों में जितने भी राज्यपाल हुए उनसे निरंतर इस मामले को सुलझाने की गुहार लगाई गई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई से भी मुलाकात कर समिति के सदस्यों ने अपने हक की आवाज को बुलंद किया था। वर्ष 2014 में चुनावों के दौरान उधमपुर में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं आश्वासन दिया था कि बारीदरों का जल्द ही स्थायी हल निकाला जाएगा। लेकिन, अब तक ऐसा कुछ हो न सका।
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वहीं, बारीदारों के बीच मतभेदों के चलते गठित बारीदार संघर्ष कमेटी के बारे में उनका कहना है कि बारीदार समाज के बीच कोई मतभेद नहीं है। सभी एकजुट हैं, और बारीदारान सेवा समिति के बैनर तले अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही बारीदारों को उनका हक मिलेगा। परिसीमन आयोग की ओर से बनाई गए श्री माता वैष्णो देवी विधानसभा क्षेत्र का बारीदार समाज स्वागत करता हैं। इसकी मांग भी लंबे समय से की जा रही थी। लेकिन, चुनावों में बारीदार समाज समर्थन उसी पार्टी को देगा जो उनकी मांगों को हल करेगी।