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Udhampur News: पॉलीहाउस की मदद से देसी से लेकर विदेशी सब्जियां तैयार कर रहे किसान
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उधमपुर। कृषि विभाग की ओर से बनाए गए पॉली हाउस में लगाई गई सब्जी।
जिले में 10 हाईटेक और 39 सामान्य पॉलीहाउस तैयार
परवेज खान
उधमपुर। जिले में धीरे-धीरे खेती का स्वरूप बदलने लगा है। कई किसान सरकार की योजनाओं से आकर्षित होकर हाईटेक पॉलीहाउस बनवा चुके हैं। कृषि विभाग की ओर से जिले में 10 हाईटेक पॉलीहाउस तैयार कराए गए हैं, जबकि कम लागत वाले 39 पॉलीहाउस बनाए गए हैं। हाईटेक पॉलीहाउस बनाने में 21 लाख रुपये खर्च आते हैं, जबकि कम लागत वाले पॉलीहाउस के लिए 2 लाख रुपये की जरूरत होती है। इन दोनों प्रकार के पॉलीहाउस के निर्माण पर विभाग की ओर से किसानों को 95 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।
ये पॉलीहाउस टिकरी जोन के धनु और बरेडिया, सतैनी, कैंबल डंगा में बनाए गए हैं। किसानों का कहना है कि अब वे देसी खाद से विदेशी सब्जियां उगा रहे हैं। धनु गांव के संजीत सिंह ने बताया कि सरकार से उन्हें पॉलीहाउस निर्माण पर 95 प्रतिशत सब्सिडी मिली है। अब वे देसी सब्जियों के साथ-साथ विदेशी सब्जियां भी तैयार कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है।
किसान हंसराज, संजीत सिंह, रामलाल और कृष्णलाल ने बताया कि वे सरकार की इस सब्सिडी से बहुत खुश हैं। अब वे बेमौसमी सब्जियां तैयार करके समय से पहले मंडी में ले जाकर बेच रहे हैं। हाईटेक पॉलीहाउस बनाने में 21 लाख रुपये का खर्च आता है, लेकिन सरकार की 95 प्रतिशत सब्सिडी मिलने के बाद किसानों को केवल 2 लाख रुपये ही खर्च करने पड़ते हैं।
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वर्तमान में किसान देसी सब्जियों के साथ-साथ विदेशी सब्जियां भी देसी खाद से तैयार कर रहे हैं। बाजार में महंगे दामों पर बिकने वाली विदेशी सब्जियां जैसे शिमला मिर्च (लाल और पीली किस्में), खीरा, बैंगन और टमाटर आदि अब किसान स्वयं उगाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
जिले में किसानों को आधुनिक तरीके से खेती कर मुनाफा कमाने के लिए विभाग की ओर से 10 हाईटेक पॉलीहाउस बनाए गए हैं, जबकि 39 कम लागत वाले पॉलीहाउस तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग समय-समय पर किसानों को जागरूक कर रहा है और सरकारी योजनाओं का लाभ दे रहा है। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसानों को पॉलीहाउस बनवाकर दिए जाएं, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरे और कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आए।
संजय आनंद, जिला कृषि विभाग के अधिकारी
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परवेज खान
उधमपुर। जिले में धीरे-धीरे खेती का स्वरूप बदलने लगा है। कई किसान सरकार की योजनाओं से आकर्षित होकर हाईटेक पॉलीहाउस बनवा चुके हैं। कृषि विभाग की ओर से जिले में 10 हाईटेक पॉलीहाउस तैयार कराए गए हैं, जबकि कम लागत वाले 39 पॉलीहाउस बनाए गए हैं। हाईटेक पॉलीहाउस बनाने में 21 लाख रुपये खर्च आते हैं, जबकि कम लागत वाले पॉलीहाउस के लिए 2 लाख रुपये की जरूरत होती है। इन दोनों प्रकार के पॉलीहाउस के निर्माण पर विभाग की ओर से किसानों को 95 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।
ये पॉलीहाउस टिकरी जोन के धनु और बरेडिया, सतैनी, कैंबल डंगा में बनाए गए हैं। किसानों का कहना है कि अब वे देसी खाद से विदेशी सब्जियां उगा रहे हैं। धनु गांव के संजीत सिंह ने बताया कि सरकार से उन्हें पॉलीहाउस निर्माण पर 95 प्रतिशत सब्सिडी मिली है। अब वे देसी सब्जियों के साथ-साथ विदेशी सब्जियां भी तैयार कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है।
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किसान हंसराज, संजीत सिंह, रामलाल और कृष्णलाल ने बताया कि वे सरकार की इस सब्सिडी से बहुत खुश हैं। अब वे बेमौसमी सब्जियां तैयार करके समय से पहले मंडी में ले जाकर बेच रहे हैं। हाईटेक पॉलीहाउस बनाने में 21 लाख रुपये का खर्च आता है, लेकिन सरकार की 95 प्रतिशत सब्सिडी मिलने के बाद किसानों को केवल 2 लाख रुपये ही खर्च करने पड़ते हैं।
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वर्तमान में किसान देसी सब्जियों के साथ-साथ विदेशी सब्जियां भी देसी खाद से तैयार कर रहे हैं। बाजार में महंगे दामों पर बिकने वाली विदेशी सब्जियां जैसे शिमला मिर्च (लाल और पीली किस्में), खीरा, बैंगन और टमाटर आदि अब किसान स्वयं उगाकर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं।
जिले में किसानों को आधुनिक तरीके से खेती कर मुनाफा कमाने के लिए विभाग की ओर से 10 हाईटेक पॉलीहाउस बनाए गए हैं, जबकि 39 कम लागत वाले पॉलीहाउस तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग समय-समय पर किसानों को जागरूक कर रहा है और सरकारी योजनाओं का लाभ दे रहा है। विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक किसानों को पॉलीहाउस बनवाकर दिए जाएं, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरे और कृषि क्षेत्र में नई क्रांति आए।
संजय आनंद, जिला कृषि विभाग के अधिकारी