{"_id":"611ff4b98ebc3e79cc14323d","slug":"police-personnel-told-how-to-stop-counterfeiting-smuggling-udhampur-news-jmu24194179","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस कर्मियों को जालसाजी, तस्करी रोकने के बताए तरीके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस कर्मियों को जालसाजी, तस्करी रोकने के बताए तरीके
विज्ञापन
उधमपुर। जालसाजी और तस्करी न केवल उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी खतरे में डालती है। यह समस्या विशेष चिंता का विषय है, क्योंकि जम्मू और कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र विशेष रूप से अवैध व्यापार के दुष्परिणामों की चपेट में है और इसका प्रमुख कारण शत्रुतापूर्ण पड़ोसी देश है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारी इस खतरे को रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं और स्थिति पर उनकी पकड़ मजबूत है। यह बातें एडीजीपी सुरक्षा एंव शेर ए कश्मीर पुलिस अकादमी के निदेशक एसडी सिंह जमवाल ने जालसाजी और तस्करी की रोकथाम पर आयोजित क्षमता निर्माण कार्यक्रम में कहीं।
कहा कि हाल के दिनों में उन्होंने सिगरेट, शराब और एफएमसीजी उत्पादों की बड़ी खेप के साथ बड़ी मात्रा में सैनिटाइजर जब्त किए हैं। कार्यक्रम को फिक्की, कमेटी अगेंस्ट स्मगलिंग एंड कॉउंटर फेयटिंग एक्टिविटीज डेस्ट्रोयइंग द इकोनॉमी की ओर से आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य जालसाजी और तस्करी की रोकथाम पर क्षमता को बढ़ाना है। इसके तहत आयोजित सत्र में केस हिस्ट्री, व्यावहारिक सत्र और प्रासंगिक कानूनों का संग्रह शामिल किया गया था।
उन्होंने कहा कि समिति जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में वर्षों से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। इसी के तहत शेर ए कश्मीर पुलिस अकादमी में भी समिति की ओर से क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम (वेबिनार) का आयोजन किया गया था। इसमें अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य, वास्तविक उत्पादकों के साथ-साथ ग्राहकों के लिए हानिकारक तस्करी और जालसाजी के माध्यम से अवैध व्यापार गतिविधियों के बढ़ते आयामों को समझने का बेसिक कोर्स कर रहे 30 प्रोबेश्नर अधिकारियों और 60 सब इंस्पेक्टर को शामिल किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा कि हाल के दिनों में उन्होंने सिगरेट, शराब और एफएमसीजी उत्पादों की बड़ी खेप के साथ बड़ी मात्रा में सैनिटाइजर जब्त किए हैं। कार्यक्रम को फिक्की, कमेटी अगेंस्ट स्मगलिंग एंड कॉउंटर फेयटिंग एक्टिविटीज डेस्ट्रोयइंग द इकोनॉमी की ओर से आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य जालसाजी और तस्करी की रोकथाम पर क्षमता को बढ़ाना है। इसके तहत आयोजित सत्र में केस हिस्ट्री, व्यावहारिक सत्र और प्रासंगिक कानूनों का संग्रह शामिल किया गया था।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि समिति जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में वर्षों से कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करता रहा है। इसी के तहत शेर ए कश्मीर पुलिस अकादमी में भी समिति की ओर से क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम (वेबिनार) का आयोजन किया गया था। इसमें अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य, वास्तविक उत्पादकों के साथ-साथ ग्राहकों के लिए हानिकारक तस्करी और जालसाजी के माध्यम से अवैध व्यापार गतिविधियों के बढ़ते आयामों को समझने का बेसिक कोर्स कर रहे 30 प्रोबेश्नर अधिकारियों और 60 सब इंस्पेक्टर को शामिल किया गया।
विज्ञापन