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Udhampur News: जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर, बीमारियां फैलने का डर
Tue, 02 Jun 2026 01:44 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:44 AM IST
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उधमपुर में हड़ताल से पहले प्रतिदिन औसतन 25 से 30 टन उठाया जाता था कचरा, राहगीर परेशान
कचरे के ढेर के आसपास कुत्तों और अन्य जानवरों का लगा रहता है जमावड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। पिछले पांच दिनों से सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। सड़कों, गलियों और मुख्य बाजारों में जगह-जगह कचरे के कचरे के अंबार लग गए हैं। भीषण गर्मी के बीच गंदगी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। लोगों को बीमारियां फैलने का भी डर सता रहा है।
नगर परिषद के अनुसार, सामान्य दिनों में शहर से प्रतिदिन औसतन 25 से 30 टन कचरा उठाया जाता है। पिछले पांच दिनों से सफाई कार्य पूरी तरह बंद होने के कारण अब तक भारी मात्रा में कचरा डंप हो चुका है। मुख्य चौक, मोहल्लों और सड़क किनारों पर पसरी गंदगी लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। इन कचरे के ढेरों के आसपास कुत्तों और अन्य जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी में उठती दुर्गंध से लोग घरों में कैद
एक तरफ पारा लगातार चढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ तेज गर्मी के कारण कचरे से उठने वाली सड़न और भयानक दुर्गंध पूरे शहर में फैल रही है जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि घरों के बाहर फैली गंदगी के कारण न केवल बाहर निकलना दूभर हो गया है, बल्कि बदबू की वजह से घरों की खिड़कियां और दरवाजे तक खोलना मुश्किल है। इसके अलावा, बाजारों में दुकानों के ठीक सामने जमा गंदगी के कारण ग्राहकों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। इससे स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड का बढ़ा डर
सड़कों पर सड़ रहे इस कचरे के कारण शहर में मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। ऐसी बदतर परिस्थितियों में डेंगू, मलेरिया, डायरिया (दस्त), उल्टी, टाइफाइड तथा अन्य संक्रामक व जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं निकाला, तो शहर में स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात बन सकते हैं।
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प्रशासन की ओर से हमारी जायज मांगों को लेकर अभी तक कोई सकारात्मक पहल या ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक कर्मचारियों की हड़ताल अनवरत जारी रहेगी।
-विक्की, जिला प्रधान, सफाई कर्मचारी संघ
नगर परिषद के सभी सफाई कर्मचारी इस समय हड़ताल पर हैं। इस कारण हमारे पास शहर में सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने का कोई दूसरा वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं है। जब तक कर्मचारी हड़ताल वापस नहीं लेते, तब तक सुचारू रूप से सफाई करवाना बेहद मुश्किल है।
-सद्दाम हुसैन, सीईओ नगर परिषद, उधमपुर
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कचरे के ढेर के आसपास कुत्तों और अन्य जानवरों का लगा रहता है जमावड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। पिछले पांच दिनों से सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। सड़कों, गलियों और मुख्य बाजारों में जगह-जगह कचरे के कचरे के अंबार लग गए हैं। भीषण गर्मी के बीच गंदगी से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। लोगों को बीमारियां फैलने का भी डर सता रहा है।
नगर परिषद के अनुसार, सामान्य दिनों में शहर से प्रतिदिन औसतन 25 से 30 टन कचरा उठाया जाता है। पिछले पांच दिनों से सफाई कार्य पूरी तरह बंद होने के कारण अब तक भारी मात्रा में कचरा डंप हो चुका है। मुख्य चौक, मोहल्लों और सड़क किनारों पर पसरी गंदगी लोगों के लिए जी का जंजाल बन चुकी है। इन कचरे के ढेरों के आसपास कुत्तों और अन्य जानवरों का जमावड़ा लगा रहता है जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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भीषण गर्मी में उठती दुर्गंध से लोग घरों में कैद
एक तरफ पारा लगातार चढ़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ तेज गर्मी के कारण कचरे से उठने वाली सड़न और भयानक दुर्गंध पूरे शहर में फैल रही है जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि घरों के बाहर फैली गंदगी के कारण न केवल बाहर निकलना दूभर हो गया है, बल्कि बदबू की वजह से घरों की खिड़कियां और दरवाजे तक खोलना मुश्किल है। इसके अलावा, बाजारों में दुकानों के ठीक सामने जमा गंदगी के कारण ग्राहकों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा है। इससे स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड का बढ़ा डर
सड़कों पर सड़ रहे इस कचरे के कारण शहर में मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। ऐसी बदतर परिस्थितियों में डेंगू, मलेरिया, डायरिया (दस्त), उल्टी, टाइफाइड तथा अन्य संक्रामक व जलजनित बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं निकाला, तो शहर में स्वास्थ्य आपातकाल जैसे हालात बन सकते हैं।
प्रशासन की ओर से हमारी जायज मांगों को लेकर अभी तक कोई सकारात्मक पहल या ठोस समाधान नहीं निकाला गया है। जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक कर्मचारियों की हड़ताल अनवरत जारी रहेगी।
-विक्की, जिला प्रधान, सफाई कर्मचारी संघ
नगर परिषद के सभी सफाई कर्मचारी इस समय हड़ताल पर हैं। इस कारण हमारे पास शहर में सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने का कोई दूसरा वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं है। जब तक कर्मचारी हड़ताल वापस नहीं लेते, तब तक सुचारू रूप से सफाई करवाना बेहद मुश्किल है।
-सद्दाम हुसैन, सीईओ नगर परिषद, उधमपुर