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डुबडुबा बस्ती में मकान की छत गिरने से उड़ी लोगों की नींद

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People lost their sleep due to the collapse of the roof of the house in the submerged settlement
उधमपुर। शहर के बीच डुबडुबा बस्ती में मकान क्षतिग्रस्त होकर गिरने लगे हैं। वीरवार को एक मकान की छत अचानक से गिर गई। परिवार की किस्मत अच्छी थी और उस समय मकान के अंदर कोई नहीं था। मकान गिरने की जानकारी मिनने के बाद बस्ती में रहने वाले अन्य परिवारों की नींद उड़ चुकी है, क्योंकि सभी मकानों की हालत खराब है और इनकी हालत सुधारने की बस्ती के लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। इस बस्ती का निर्माण 50 साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला ने करवाया था।
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मकान के मालिक संजय शर्मा ने बताया कि सुबह के समय पूरा परिवार किसी काम से घर से बाहर था और अचानक सभी ने घर के अंदर से कुछ गिरने की आवाज सुनी और सभी घबरा गए। जब कमरा खोल कर देखा तो पता चला कि मकान की छत ही गिर गई और अंदर सारा सामान मलबे में दब गया है। छत गिरने की आवाज सुन कर आसपास रहने वाले लोग मौके पर पहुंच गए और मलबा हटा कर सामान को बाहर निकालने में मदद करने लगे। संजय शर्मा ने बताया कि छत गिरने के बाद उसके बाद रात गुजारने को कोई स्थान नहीं बचा है। उसको अब प्रशासन से मदद मिलने की ही उम्मीद है, क्योंकि उसकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह छत का निर्माण कर सके। वहीं मकान की छत गिरने के बाद डुबडुबा बस्ती के अन्य लोगों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि कई मकानों की हालत खराब है और किसी भी पल इनकी छत भी गिरने की संभावना है।
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पूर्व पंच सूरमी देवी ने बताया कि करीब 50 वर्ष पहले डुबडुबा बस्ती का निर्माण पूर्ण मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला ने करवाया था। उन्होंने जब उनकी खराब हालत को देखा तो तुरंत बस्ती का निर्माण करने के आदेश दिए थे। सरकार ने करीब 35 लोगों को पक्के मकान बना कर दिए थे, लेकिन अब अनदेखी के कारण हालत खराब हो गई है। मौजूदा समय यह सभी मकान गिरने की कगार पर हैं। कुछ परिवारों ने आर्थिक स्थिति में थोड़ा सुधार होने मकान की मरम्मत करवाई है। इसलिए बस्ती के लोगों की प्रशासन से अपील है कि मकानों की मरम्मत करवाने में मदद की जाए, ताकि बस्ती में कोई बड़ा हादसा न हो। उनकी बस्ती पहले पंचायत के अधीन थी, लेकिन अब इसको नगर परिषद के वार्ड नंबर एक में शामिल किया गया है।
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