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कोरोना से मिली राहत, अब गर्मी से राहत पाने निकल पड़े सैलानी
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चिनैनी। कोरोना संकट से मिली राहत और गर्मी के बढ़ते प्रकोप के कारण लोग पटनीटॉप की ओर रुख कर रहे हैं। यहां लोगों को गर्मी से राहत तो मिल ही रही है, साथ ही कोरोना पाबंदियों से निकलने के बाद यहां आकर लोग खुला खुला महसूस रहे हैं।
कोरोना काल की शुरूआत होते ही पर्यटन स्थल पटनीटॉप में पर्यटकों की भी कमी हो गई थी। लोग घरों से नहीं निकल रहे थे। ऐसे में स्थानीय कारोबारियों का धंधा भी चौपट सा हो गया था। लेकिन, अब उसमें राहत मिलने लगी है। क्योंकि, सैलानी एक बार फिर पटनीटॉप की ओर रुख करने लगे हैं। भले ही इसे सीजन की अच्छी शुरूआत नहीं कहेंगे, लेकिन कोरोना संकट के कारण दो साल की मंदी के बाद स्थानीय कारोबारियों के लिए तो यह बदलाव उत्सव जैसा है।
धीरे धीरे अब सब सामान्य हो रहा है। ऐसे में पटनीटॉप में जम्मू संभाग समेत दूसरे राज्यों के लोग भी गर्मी से राहत पाने और यहां के कुदरती सौंदर्य से भरपूर देवदारों की ठंडी छांव का लुत्फ लेने यहां पहुंच रहे हैं। आम दिनों में सैलानियों की संख्या भले ही 25 से 30 प्रतिशत हो, लेकिन सप्ताहांत में 70 से 80 प्रतिशत सैलानी यहां पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही वे कुद, सनासर और नत्थाटॉप में भी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं।
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सैलानियों को भा रही ट्यूलिप की खूबसूरती
ज्यादातर सैलानी पटनीटॉप व सनासर में श्रीनगर की तर्ज पर बनाए गए ट्यूलिप गार्डन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। जो भी सैलानी पटनीटॉप जाता है, उसे कुद पार्क में महक रहे ट्यूलिप के पांच किस्मों के बल्ब अपनी ओर खींचते हैं। इस जगह से रूबरू होने के बाद ही सैलानी पटनीटॉप व सनासर का रूख करते हैं। सनासर में चार कनाल में लगाए ट्यूलिप और वहां की झील सैलानियों को सुंदर नजारे दिखाती है।
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पटनीटॉप में दो वर्ष कोरोना संकट के चलते अच्छे नहीं रहे हैं। इस बार कुछ अच्छे की उम्मीद है। गर्मियों की छुट्टियों में पटनीटॉप इस बार गुलजार रहने की उम्मीद है। इस दौरान देश भर के सैलानी पटनीटॉप का रुख करते हैं।
एसके बडियाल, कारोबारी
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अभी यह सीजन की अच्छी शुरूआत नहीं है। लेकिन, सप्ताहांत में छुट्टी के चलते सैलानी पटनीटॉप पहुंच रहे हैं। जबकि, आम दिनों में भी करीब 30 प्रतिशत कारोबार होता है। 15 अप्रैल के बाद पटनीटॉप में छुट्टियों के चलते अच्छे कारोबार की उम्मीद जरूर है।
सुभाष चंद्र, कारोबारी
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कोरोना संकट से इस बार पाबंदियां हटी हैं। होली पर भी छुट्टियों के चलते अच्छा कारोबार हुआ है। इस समय भी सैलानियों की आवाजाही चल रही है। गर्मियों की छुट्टियों में पटनीटॉप करीब तीन माह तक गुलजार रहेगा।
सुभाष चंद्र, फोटोग्राफर यूनियन के प्रधान
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पटनीटॉप में करीब सौ टैक्सियां हैं। कोरोना संकट के बाद कारोबार की अच्छी उम्मीद नजर आ रही है। गर्मियों की छुट्टियों में देश भर से सैलानी गर्मी से राहत पाने के लिए पटनीटॉप आते हैं, जो पटनीटॉप समेत सनासर, कुद, सुद्धमहादेव, मानतलाई, गौरीकुंड, चिनैनी व लाटी तहसील के अन्य इलाकों का रुख करते हैं।
- प्रकाश चंद्र, पटनीटॉप टैक्सी यूनियन के प्रधान
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कोरोना काल की शुरूआत होते ही पर्यटन स्थल पटनीटॉप में पर्यटकों की भी कमी हो गई थी। लोग घरों से नहीं निकल रहे थे। ऐसे में स्थानीय कारोबारियों का धंधा भी चौपट सा हो गया था। लेकिन, अब उसमें राहत मिलने लगी है। क्योंकि, सैलानी एक बार फिर पटनीटॉप की ओर रुख करने लगे हैं। भले ही इसे सीजन की अच्छी शुरूआत नहीं कहेंगे, लेकिन कोरोना संकट के कारण दो साल की मंदी के बाद स्थानीय कारोबारियों के लिए तो यह बदलाव उत्सव जैसा है।
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धीरे धीरे अब सब सामान्य हो रहा है। ऐसे में पटनीटॉप में जम्मू संभाग समेत दूसरे राज्यों के लोग भी गर्मी से राहत पाने और यहां के कुदरती सौंदर्य से भरपूर देवदारों की ठंडी छांव का लुत्फ लेने यहां पहुंच रहे हैं। आम दिनों में सैलानियों की संख्या भले ही 25 से 30 प्रतिशत हो, लेकिन सप्ताहांत में 70 से 80 प्रतिशत सैलानी यहां पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही वे कुद, सनासर और नत्थाटॉप में भी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं।
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सैलानियों को भा रही ट्यूलिप की खूबसूरती
ज्यादातर सैलानी पटनीटॉप व सनासर में श्रीनगर की तर्ज पर बनाए गए ट्यूलिप गार्डन की ओर आकर्षित हो रहे हैं। जो भी सैलानी पटनीटॉप जाता है, उसे कुद पार्क में महक रहे ट्यूलिप के पांच किस्मों के बल्ब अपनी ओर खींचते हैं। इस जगह से रूबरू होने के बाद ही सैलानी पटनीटॉप व सनासर का रूख करते हैं। सनासर में चार कनाल में लगाए ट्यूलिप और वहां की झील सैलानियों को सुंदर नजारे दिखाती है।
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पटनीटॉप में दो वर्ष कोरोना संकट के चलते अच्छे नहीं रहे हैं। इस बार कुछ अच्छे की उम्मीद है। गर्मियों की छुट्टियों में पटनीटॉप इस बार गुलजार रहने की उम्मीद है। इस दौरान देश भर के सैलानी पटनीटॉप का रुख करते हैं।
एसके बडियाल, कारोबारी
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अभी यह सीजन की अच्छी शुरूआत नहीं है। लेकिन, सप्ताहांत में छुट्टी के चलते सैलानी पटनीटॉप पहुंच रहे हैं। जबकि, आम दिनों में भी करीब 30 प्रतिशत कारोबार होता है। 15 अप्रैल के बाद पटनीटॉप में छुट्टियों के चलते अच्छे कारोबार की उम्मीद जरूर है।
सुभाष चंद्र, कारोबारी
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कोरोना संकट से इस बार पाबंदियां हटी हैं। होली पर भी छुट्टियों के चलते अच्छा कारोबार हुआ है। इस समय भी सैलानियों की आवाजाही चल रही है। गर्मियों की छुट्टियों में पटनीटॉप करीब तीन माह तक गुलजार रहेगा।
सुभाष चंद्र, फोटोग्राफर यूनियन के प्रधान
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पटनीटॉप में करीब सौ टैक्सियां हैं। कोरोना संकट के बाद कारोबार की अच्छी उम्मीद नजर आ रही है। गर्मियों की छुट्टियों में देश भर से सैलानी गर्मी से राहत पाने के लिए पटनीटॉप आते हैं, जो पटनीटॉप समेत सनासर, कुद, सुद्धमहादेव, मानतलाई, गौरीकुंड, चिनैनी व लाटी तहसील के अन्य इलाकों का रुख करते हैं।
- प्रकाश चंद्र, पटनीटॉप टैक्सी यूनियन के प्रधान

नत्थाटाप में बिछी बर्फ के बीच आंनद लेते सैलानी :- संवाद- फोटो : UDHAMPUR