{"_id":"67df19e29fa1f084ac0bec0b","slug":"one-nation-one-election-programme-organised-udhampur-news-c-202-1-sjam1011-121598-2025-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: एक राष्ट्र-एक चुनाव पर लगाया जागरूकता शिविर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: एक राष्ट्र-एक चुनाव पर लगाया जागरूकता शिविर
विज्ञापन
उधमपुर। बटोत के मैत्रा की बक्शी नगर बस्ती में आयोजित जागरूकता शिविर।
उधमपुर/बटोत। एक राष्ट्र- एक चुनाव के समर्थन में चल रहे जागरूकता कार्यक्रम की शृंखला में मैत्रा पंचायत की बक्शी नगर बस्ती में जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें मुख्य वक्ता डीडीसी रामबन बी रेणुका कटोच ने एक साथ चुनाव कराने के महत्व और लाभ पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से चुनाव खर्च में काफी कमी आएगी और सुरक्षा बलों, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों को बार-बार चुनाव ड्यूटी से मुक्ति मिलेगी। कटोच ने आगे कहा कि बार-बार आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण विकास परियोजनाएं अधर में रह जाती हैं। एक साथ चुनाव कराने से यह बाधा दूर होगी और सरकारें अपने विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगी। इससे राजनीतिक अस्थिरता कम होगी, नीति निर्माण में स्थिरता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा।
इससे मतदाताओं में अधिक जागरूकता और उत्साह पैदा होगा, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ेगा और लोकतंत्र मजबूत होगा। चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों को बार-बार चुनाव प्रचार के लिए भारी मात्रा में धन खर्च करना पड़ता है। एक साथ चुनाव होने से चुनाव खर्च कम होगा जिससे धन का अधिक कुशल उपयोग होगा। उन्होंने बताया कि एक राष्ट्र एक चुनाव एक क्रांतिकारी कदम है जो भारत के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और कुशल बना सकता है। इससे न केवल सरकार के काम में निरंतरता आएगी, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता भी मजबूत होगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से चुनाव खर्च में काफी कमी आएगी और सुरक्षा बलों, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों को बार-बार चुनाव ड्यूटी से मुक्ति मिलेगी। कटोच ने आगे कहा कि बार-बार आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण विकास परियोजनाएं अधर में रह जाती हैं। एक साथ चुनाव कराने से यह बाधा दूर होगी और सरकारें अपने विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगी। इससे राजनीतिक अस्थिरता कम होगी, नीति निर्माण में स्थिरता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण सुनिश्चित होगा।
विज्ञापन
इससे मतदाताओं में अधिक जागरूकता और उत्साह पैदा होगा, जिससे मतदान प्रतिशत बढ़ेगा और लोकतंत्र मजबूत होगा। चुनाव आयोग और राजनीतिक दलों को बार-बार चुनाव प्रचार के लिए भारी मात्रा में धन खर्च करना पड़ता है। एक साथ चुनाव होने से चुनाव खर्च कम होगा जिससे धन का अधिक कुशल उपयोग होगा। उन्होंने बताया कि एक राष्ट्र एक चुनाव एक क्रांतिकारी कदम है जो भारत के लोकतंत्र को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और कुशल बना सकता है। इससे न केवल सरकार के काम में निरंतरता आएगी, बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता भी मजबूत होगी। संवाद
विज्ञापन