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जिले के दो मार्गों को मिला शहीदों का नाम
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उधमपुर के थलेए से कोठी मार्ग के नामकरण पर शहीद सिपाही जगत राम मार्ग को श्रद्धांजलि देते लोग
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। नगर के एमएच चौक से इंदिरा चौक को जाने वाले मार्ग का वीरवार को नया नामकरण कर शहीद रायफलमैन गुलाम मोहम्मद खान मार्ग किया गया। इस मौके पर आयोजित कार्यक्रम में नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. जोगेश्वर गुप्ता मुख्यातिथि थे।
उन्होंने औपचारिक रूप से नामकरण की प्रक्रिया को पूरा कर इसका उद्घाटन किया, और शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि की। मौके पर शहीद के पारिवारिक सदस्यों के अलावा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्य, पार्षद और आम लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुख्यातिथि ने कहा कि शहीद राइफलमैन गुलाम मोहम्मद खान ने साल 2004 में श्रीनगर के पहलगाम में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज उनके शौर्य और शहादत को सलाम करते हुए सरकार ने उनके नाम पर इस मार्ग का नामकरण किया है। इसके लिए शहीद के पारिवारिक सदस्यों के साथ पूरे जिलावासियों को गर्व है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने स्कूलों, सड़कों व सरकारी भवनों के नाम को देश के शहीदों के नाम पर रखने की बेहद सराहनीय पहल की है। इससे शहीदों के सम्मान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, शहीद के परिजनों ने खुशी व्यक्त करते हुए सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की सराहनीय पहल ने शहीदों की स्मृतियों को पुनर्जीवित करने का काम किया है। जब भी वे इस मार्ग से गुजरेंगे, उन्हें गर्व महसूस होगा।
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उधर, ब्लॉक घोरडी में थलेए से कोठी को जाने वाले मार्ग का परम वीर चक्र विजेता शहीद सिपाही जगत राम के नाम पर नामकरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम रामनगर व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा शहीद के पारिवारिक सदस्य और बीडीसी अध्यक्ष आरती शर्मा, सरपंच, पंच, एक्सईएन पीएमजीएसवाई, एई, एसएचओ रामनगर और अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी ने बारी-बारी से शहीद को श्रद्धांजलि भेंट की।
बीडीसी अध्यक्ष ने कहा कि शहीद सभी भावी पीढ़ियों के लिए गौरव और प्रेरणा हैं। हम हमेशा अपने शहीदों के सर्वोच्च बलिदान के ऋणी रहेंगे। सरकार की इस पहल से हमारी वर्तमान और आने वाली पीढ़ी शहीदों के सर्वोच्च बलिदान के बारे में जानेगी, और नागरिकों में देशभक्ति की भावना का पोषण करेगी। इसके साथ ही उन्होंने शहीद जगत राम के परिवार के सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया।
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उन्होंने औपचारिक रूप से नामकरण की प्रक्रिया को पूरा कर इसका उद्घाटन किया, और शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि की। मौके पर शहीद के पारिवारिक सदस्यों के अलावा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्य, पार्षद और आम लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मुख्यातिथि ने कहा कि शहीद राइफलमैन गुलाम मोहम्मद खान ने साल 2004 में श्रीनगर के पहलगाम में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया था। आज उनके शौर्य और शहादत को सलाम करते हुए सरकार ने उनके नाम पर इस मार्ग का नामकरण किया है। इसके लिए शहीद के पारिवारिक सदस्यों के साथ पूरे जिलावासियों को गर्व है।
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उन्होंने कहा कि सरकार ने स्कूलों, सड़कों व सरकारी भवनों के नाम को देश के शहीदों के नाम पर रखने की बेहद सराहनीय पहल की है। इससे शहीदों के सम्मान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, शहीद के परिजनों ने खुशी व्यक्त करते हुए सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार की सराहनीय पहल ने शहीदों की स्मृतियों को पुनर्जीवित करने का काम किया है। जब भी वे इस मार्ग से गुजरेंगे, उन्हें गर्व महसूस होगा।
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उधर, ब्लॉक घोरडी में थलेए से कोठी को जाने वाले मार्ग का परम वीर चक्र विजेता शहीद सिपाही जगत राम के नाम पर नामकरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एसडीएम रामनगर व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा शहीद के पारिवारिक सदस्य और बीडीसी अध्यक्ष आरती शर्मा, सरपंच, पंच, एक्सईएन पीएमजीएसवाई, एई, एसएचओ रामनगर और अन्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। सभी ने बारी-बारी से शहीद को श्रद्धांजलि भेंट की।
बीडीसी अध्यक्ष ने कहा कि शहीद सभी भावी पीढ़ियों के लिए गौरव और प्रेरणा हैं। हम हमेशा अपने शहीदों के सर्वोच्च बलिदान के ऋणी रहेंगे। सरकार की इस पहल से हमारी वर्तमान और आने वाली पीढ़ी शहीदों के सर्वोच्च बलिदान के बारे में जानेगी, और नागरिकों में देशभक्ति की भावना का पोषण करेगी। इसके साथ ही उन्होंने शहीद जगत राम के परिवार के सदस्यों का भी आभार व्यक्त किया।