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Udhampur News: जमीनें खाली कराने के विरोध में डीएपी का 28 को प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी (डीएपी) की बैठक प्रांतीय महासचिव बृजमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें सरकारी जमीनों से बेदखली के आदेश के मामले को लेकर 28 जनवरी को शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में राज्य सचिव प्रीति खजूरिया, जिला अध्यक्ष अश्विनी खजूरिया, वरिष्ठ नेता और संस्थापक सदस्य संजीव दुबे, अनूप खजूरिया शामिल थे। जिला अध्यक्ष ने कहा कि अब समय आ गया है कि जम्मू-कश्मीर में लोगों के अधिकारों के लिए पुरजोर संघर्ष किया जाए। रोशनी अधिनियम के तहत सरकारी भूमि तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य की विधायिका के माध्यम से लोगों को आवंटित की गई थी। अब लोगों को जमीन खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। प्रदेश सरकार लोगों को बेदखल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती, क्योंकि उन्होंने कानूनी रूप से जमीन का स्वामित्व प्राप्त किया है।
उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत तक राजकीय भूमि को वापस लेने और लोगों को जबरन बेदखल करने का आदेश मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इस आदेश ने हजारों लोगों में दहशत पैदा कर दी है। इसे तुरंत रद्द किया जाए। बैठक में कपिल कुमार, जोगिंदर सिंह, शुभम शर्मा, आदि शामिल थे।
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उधमपुर। डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी (डीएपी) की बैठक प्रांतीय महासचिव बृजमोहन शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। इसमें सरकारी जमीनों से बेदखली के आदेश के मामले को लेकर 28 जनवरी को शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में राज्य सचिव प्रीति खजूरिया, जिला अध्यक्ष अश्विनी खजूरिया, वरिष्ठ नेता और संस्थापक सदस्य संजीव दुबे, अनूप खजूरिया शामिल थे। जिला अध्यक्ष ने कहा कि अब समय आ गया है कि जम्मू-कश्मीर में लोगों के अधिकारों के लिए पुरजोर संघर्ष किया जाए। रोशनी अधिनियम के तहत सरकारी भूमि तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य की विधायिका के माध्यम से लोगों को आवंटित की गई थी। अब लोगों को जमीन खाली करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। प्रदेश सरकार लोगों को बेदखल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती, क्योंकि उन्होंने कानूनी रूप से जमीन का स्वामित्व प्राप्त किया है।
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उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत तक राजकीय भूमि को वापस लेने और लोगों को जबरन बेदखल करने का आदेश मानवाधिकारों का उल्लंघन है। इस आदेश ने हजारों लोगों में दहशत पैदा कर दी है। इसे तुरंत रद्द किया जाए। बैठक में कपिल कुमार, जोगिंदर सिंह, शुभम शर्मा, आदि शामिल थे।
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