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रक्षा क्षेत्र में मेड इन इंडिया को मिले बढ़ावा: डॉ. कौशिक
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उधमपुर के उत्तरी कमान में सेना प्रमुख से मिलती डीआरडीओ अधिकारी
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) की वैज्ञानिक डॉ. चंद्रिका कौशिक ने सोमवार को सेना की उत्तरी कमान प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी व अन्य अधिकारियों से मुलाकात कर रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में भविष्य की प्रौद्योगिकी पर हो रहे काम के साथ मेक इन इंडिया से मेड इन इंडिया के सफर के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में मेड इन इंडिया को और बढ़ावा मिलना चाहिए।
उत्तरी कमान के दौरे पर डॉ. चंद्रिका ने उत्तरी कमान के अधिकारियों को शिक्षा, तकनीकी, उद्योग, आदि में डीआरडीओ के काम और दृष्टिकोण को समझाया। उन्होंने बताया कि डीआरडीओ नवीनतम तकनीकों पर कार्य कर रहा है। उन्होंने तीनों सेनाओं में डीआरडीओ की भूमिका और नवीनतम तकनीकों का प्रयोग करते हुए मेक इन इंडिया से मेड इन इंडिया तक तय किए सफर को विस्तार से समझाया।
डॉ. चंद्रिका ने मिसाइल सिस्टम, तारपीडो और विभिन्न प्रकार के गोला बारूद में उच्च और नई तकनीक के बारे में जानकारी दी। उनकी ज्यादातर बातचीत भविष्य में इस्तेमाल होने वाली तकनीक और नए विचारों पर ही केंद्रित रही। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ स्वदेशी रक्षा उत्पादन उद्योग का आधार रहा है। इस पर सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ने डीआरडीओ की मेहनत, समर्पण और योगदान की सराहना की।
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उत्तरी कमान के दौरे पर डॉ. चंद्रिका ने उत्तरी कमान के अधिकारियों को शिक्षा, तकनीकी, उद्योग, आदि में डीआरडीओ के काम और दृष्टिकोण को समझाया। उन्होंने बताया कि डीआरडीओ नवीनतम तकनीकों पर कार्य कर रहा है। उन्होंने तीनों सेनाओं में डीआरडीओ की भूमिका और नवीनतम तकनीकों का प्रयोग करते हुए मेक इन इंडिया से मेड इन इंडिया तक तय किए सफर को विस्तार से समझाया।
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डॉ. चंद्रिका ने मिसाइल सिस्टम, तारपीडो और विभिन्न प्रकार के गोला बारूद में उच्च और नई तकनीक के बारे में जानकारी दी। उनकी ज्यादातर बातचीत भविष्य में इस्तेमाल होने वाली तकनीक और नए विचारों पर ही केंद्रित रही। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ स्वदेशी रक्षा उत्पादन उद्योग का आधार रहा है। इस पर सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ने डीआरडीओ की मेहनत, समर्पण और योगदान की सराहना की।
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