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गांव में तेंदुआ देखने के वाद कड़मान के ग्रामिण दहशत में
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तेंदुए दवारा बंदर को वनाया गया आपना शिकार
- फोटो : KATRA
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कटड़ा। जम्मू-कटड़ा मार्ग पर कड़माल क्षेत्र में बीती रात तेंदुआ और उसके बच्चे ने बंदरों को शिकार बनाया। इस डर से ग्रामीणों ने शाम होते ही घर से निकलना बंद कर दिया है।
स्थानीय निवासी राजकुमार शर्मा, दिलीप कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, इंद्रप्रकाश, राकेश कुमार, सोहन लाल शर्मा, रमेश कुमार, आदि ने बताया कि करीब एक माह से गांव और आसपास के गांवों में दो तेंदुए घूम रहे हैं। इसके कारण लोग दहशत भरी जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। शाम ढलते ही ग्रामीण अपने घरों में कैद हो जाते हैं। इस समस्या को लेकर कई बार वन विभाग को अवगत करवाया गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह वही मादा तेंदुआ और उसका बच्चा है जो पिछले वर्ष भी इन क्षेत्रों में घूम रहे थे। गांव में घूम रहे तेंदुए कई लावारिस कुत्तों को भी शिकार बना रहे हैं। हालात यह हैं कि वर्तमान में तेंदुए बंदरों को भी नहीं छोड़ रहे। बीती रात इन तेंदुओं ने दो से तीन बंदरों को मारा है।
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गौरतलब है कि बीते वर्ष कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन के समय में भी मई-जून माह में तेंदुए ने इन क्षेत्रों में आतंक मचाया था। जिसको लेकर वन विभाग ने पिंजरा लगाकर करीब दो वर्षीय एक तेंदुए को पकड़ लिया था। जबकि एक मादा तेंदुआ और एक अन्य युवा तेंदुआ पकड़ से बाहर रह गया। हालांकि, काफी समय से तेंदुए को इन क्षेत्रों में देखा नहीं गया है।
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कड़माल सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की उपस्थिति का मामला संज्ञान में आया है। अलबत्ता वन विभाग ने वन्यजीव विभाग को इसके बारे में सूचित कर दिया है। वन्यजीव विभाग की टीम एक-दो दिन के भीतर इन क्षेत्रों में तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाएगी। जल्द इन तेंदुओं को पकड़कर किसी सुरक्षित जगह पर छोड़ा दिया जाएगा।
- सौरव डमराल, रेंज अधिकारी, वन विभाग कटड़ा
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स्थानीय निवासी राजकुमार शर्मा, दिलीप कुमार शर्मा, श्याम शर्मा, इंद्रप्रकाश, राकेश कुमार, सोहन लाल शर्मा, रमेश कुमार, आदि ने बताया कि करीब एक माह से गांव और आसपास के गांवों में दो तेंदुए घूम रहे हैं। इसके कारण लोग दहशत भरी जिंदगी व्यतीत कर रहे हैं। शाम ढलते ही ग्रामीण अपने घरों में कैद हो जाते हैं। इस समस्या को लेकर कई बार वन विभाग को अवगत करवाया गया है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह वही मादा तेंदुआ और उसका बच्चा है जो पिछले वर्ष भी इन क्षेत्रों में घूम रहे थे। गांव में घूम रहे तेंदुए कई लावारिस कुत्तों को भी शिकार बना रहे हैं। हालात यह हैं कि वर्तमान में तेंदुए बंदरों को भी नहीं छोड़ रहे। बीती रात इन तेंदुओं ने दो से तीन बंदरों को मारा है।
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गौरतलब है कि बीते वर्ष कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन के समय में भी मई-जून माह में तेंदुए ने इन क्षेत्रों में आतंक मचाया था। जिसको लेकर वन विभाग ने पिंजरा लगाकर करीब दो वर्षीय एक तेंदुए को पकड़ लिया था। जबकि एक मादा तेंदुआ और एक अन्य युवा तेंदुआ पकड़ से बाहर रह गया। हालांकि, काफी समय से तेंदुए को इन क्षेत्रों में देखा नहीं गया है।
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कड़माल सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदुओं की उपस्थिति का मामला संज्ञान में आया है। अलबत्ता वन विभाग ने वन्यजीव विभाग को इसके बारे में सूचित कर दिया है। वन्यजीव विभाग की टीम एक-दो दिन के भीतर इन क्षेत्रों में तेंदुओं को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाएगी। जल्द इन तेंदुओं को पकड़कर किसी सुरक्षित जगह पर छोड़ा दिया जाएगा।
- सौरव डमराल, रेंज अधिकारी, वन विभाग कटड़ा