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Udhampur News: मां चंडी की पवित्र छड़ी मचैल से की विदा
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मचैल माता यात्रा की पवित्र छड़ी मचैल से वापिस विदा की गई।
संवाद न्यूज एजेंसी
किश्तवाड़। मचैल माता की पवित्र छड़ी शनिवार को मां चंडी के दरबार से वापस रवाना हुई। भजन संकीर्तन के साथ ही मचैल वासियों ने नम आखों से माता की पवित्र छड़ी को विदा किया।
कड़ी सुरक्षा के बीच मचैल दरबार से सभी यात्री भी छड़ी के साथ ही लाैटे। शनिवार को अठोली पाडर में पवित्र छड़ी रुकेगी। इसके बाद रविवार को डोडा पहुंचेगी। इसी के साथ मचैल माता की यात्रा पूर्ण हो गई। गौरतलब है कि हर वर्ष यह यात्रा पांच सितंबर तक चलती है परंतु 14 अगस्त को चिशोती पाडर में आई आपदा के बाद यात्रा बंद कर दी गई।
सिर्फ पवित्र छड़ी ही मचैल आई जिसके साथ लगभग दो दर्जन ही लोग साथ पहुंचे हुए थे। शनिवार को सभी लोग वापस लोटे तो मचैल माता का दरबार यात्रियों के बिना सूना हो गया। अब लंगर पार्टियां भी वापस जाएंगी। इस वर्ष लगभग एक लाख 70 हजार से अधिक यात्रियों ने 14 अगस्त तक दर्शन कर लिए थे। अगर बादल फटने की त्रासदी नहीं होती तो यह आंकड़ा तीन लाख पार हो सकता था।
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किश्तवाड़। मचैल माता की पवित्र छड़ी शनिवार को मां चंडी के दरबार से वापस रवाना हुई। भजन संकीर्तन के साथ ही मचैल वासियों ने नम आखों से माता की पवित्र छड़ी को विदा किया।
कड़ी सुरक्षा के बीच मचैल दरबार से सभी यात्री भी छड़ी के साथ ही लाैटे। शनिवार को अठोली पाडर में पवित्र छड़ी रुकेगी। इसके बाद रविवार को डोडा पहुंचेगी। इसी के साथ मचैल माता की यात्रा पूर्ण हो गई। गौरतलब है कि हर वर्ष यह यात्रा पांच सितंबर तक चलती है परंतु 14 अगस्त को चिशोती पाडर में आई आपदा के बाद यात्रा बंद कर दी गई।
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सिर्फ पवित्र छड़ी ही मचैल आई जिसके साथ लगभग दो दर्जन ही लोग साथ पहुंचे हुए थे। शनिवार को सभी लोग वापस लोटे तो मचैल माता का दरबार यात्रियों के बिना सूना हो गया। अब लंगर पार्टियां भी वापस जाएंगी। इस वर्ष लगभग एक लाख 70 हजार से अधिक यात्रियों ने 14 अगस्त तक दर्शन कर लिए थे। अगर बादल फटने की त्रासदी नहीं होती तो यह आंकड़ा तीन लाख पार हो सकता था।
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