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Udhampur News: छह घंटे बीस मिनट बंद रही माता वैष्णो देवी की यात्रा
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जानकारी के मुताबिक भवन में कुछ पत्थर गिरने के कारण यात्रा को रोका गया था जिसके कारण 4 से 5 घंटे
- धर्मनगरी में हो रही बारिश और कठुआ में दो जगहों पर बादल फटने के बाद श्राइन बोर्ड ने एहतियात के तौर पर उठाया कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। कठुआ में दो जगहों पर बादल फटने और लगातार हो रही बारिश के चलते रविवार को माता वैष्णो देवी की यात्रा छह घंटे और बीस मिनट बंद रही। श्राइन बोर्ड की ओर से दोपहर लगभग 12 बजे सभी पंजीकरण केंद्र बंद कर दिए गए जो शाम को 6:20 पर खोले गए।
बता दें कि जन्माष्टमी के दिन से ही धर्मनगरी कटड़ा सहित त्रिकुटा पर्वत पर रुक-रुक बारिश हो रही है। उधर कठुआ जिले में बादल फटने की घटनाओं के बाद श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा अस्थायी तौर पर रोक दी। मां के भवन को जाने वाले सभी मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई। यात्रा रोके जाने से पहले करीब 9400 श्रद्धालुओं को भवन की ओर रवाना किया जा चुका था जबकि बाकी यात्रियों को कटड़ा व अन्य पड़ावों पर रोक दिया गया। शाम 6:20 पर यात्रा फिर से शुरू हुई।
बताया जा रहा है कि श्राइन बोर्ड प्रशासन ने पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर सभी मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी है। बारिश से त्रिकुटा पर्वत पर भूस्खलन की आशंका बनी रहती है। वहीं बादल फटने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और भी सतर्कता बरती जा रही है। बारिश के कारण रविवार को हेलिकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही। इस वजह से बुजुर्ग श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाना उचित नहीं होगा। श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कटड़ा। कठुआ में दो जगहों पर बादल फटने और लगातार हो रही बारिश के चलते रविवार को माता वैष्णो देवी की यात्रा छह घंटे और बीस मिनट बंद रही। श्राइन बोर्ड की ओर से दोपहर लगभग 12 बजे सभी पंजीकरण केंद्र बंद कर दिए गए जो शाम को 6:20 पर खोले गए।
बता दें कि जन्माष्टमी के दिन से ही धर्मनगरी कटड़ा सहित त्रिकुटा पर्वत पर रुक-रुक बारिश हो रही है। उधर कठुआ जिले में बादल फटने की घटनाओं के बाद श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा अस्थायी तौर पर रोक दी। मां के भवन को जाने वाले सभी मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह से रोक दी गई। यात्रा रोके जाने से पहले करीब 9400 श्रद्धालुओं को भवन की ओर रवाना किया जा चुका था जबकि बाकी यात्रियों को कटड़ा व अन्य पड़ावों पर रोक दिया गया। शाम 6:20 पर यात्रा फिर से शुरू हुई।
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बताया जा रहा है कि श्राइन बोर्ड प्रशासन ने पुलिस व सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर सभी मार्गों पर चौकसी बढ़ा दी है। बारिश से त्रिकुटा पर्वत पर भूस्खलन की आशंका बनी रहती है। वहीं बादल फटने की घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर और भी सतर्कता बरती जा रही है। बारिश के कारण रविवार को हेलिकॉप्टर सेवा भी प्रभावित रही। इस वजह से बुजुर्ग श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार का जोखिम उठाना उचित नहीं होगा। श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।