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Udhampur News: छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ भाजयुमो ने किया प्रदर्शन
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उधमपुर। भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से घोरड़ी के स्कूल में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर बुधवार को सलाथिया चौक में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका और शिक्षा विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष जांच करने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो अध्यक्ष विशाल सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आए मामले ने छात्राओं की सुरक्षा और स्कूलों में शिक्षकों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक को समाज में गुरु का सम्मान दिया जाता है और अधिकांश शिक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। ऐसे में यदि किसी शिक्षक पर छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और कथित छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगते हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घोरड़ी स्कूल की करीब सात छात्राओं ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित शिक्षक पर इससे पहले भी विद्यार्थियों के साथ कथित छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार के आरोप सामने आ चुके हैं। नेताओं ने कहा कि छात्राओं के साथ कथित तौर पर की गई अनुचित व्यवहार के आरोपों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि संबंधित शिक्षक पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं तो उसे केवल अटैच क्यों किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी स्तर पर संबंधित शिक्षक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल अटैचमेंट जैसी कार्रवाई से छात्राओं की शिकायतों का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोप सिद्ध होने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि कोई अधिकारी या व्यक्ति संबंधित शिक्षक को बचाने का प्रयास करता है तो उसकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने भी छात्राओं के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा कि स्कूल हो या घर, बच्चियों के साथ किसी भी प्रकार के गलत व्यवहार के खिलाफ समाज को मजबूती से खड़ा होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्राओं की शिकायतों को दबाने के बजाय उन्हें न्याय और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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प्रदर्शन के दौरान भाजयुमो अध्यक्ष विशाल सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आए मामले ने छात्राओं की सुरक्षा और स्कूलों में शिक्षकों के व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक को समाज में गुरु का सम्मान दिया जाता है और अधिकांश शिक्षक पूरी जिम्मेदारी के साथ विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। ऐसे में यदि किसी शिक्षक पर छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार और कथित छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगते हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घोरड़ी स्कूल की करीब सात छात्राओं ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित शिक्षक पर इससे पहले भी विद्यार्थियों के साथ कथित छेड़छाड़ और अनुचित व्यवहार के आरोप सामने आ चुके हैं। नेताओं ने कहा कि छात्राओं के साथ कथित तौर पर की गई अनुचित व्यवहार के आरोपों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि संबंधित शिक्षक पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं तो उसे केवल अटैच क्यों किया गया है। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी स्तर पर संबंधित शिक्षक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि केवल अटैचमेंट जैसी कार्रवाई से छात्राओं की शिकायतों का समाधान नहीं हो सकता। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोप सिद्ध होने पर संबंधित शिक्षक के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि कोई अधिकारी या व्यक्ति संबंधित शिक्षक को बचाने का प्रयास करता है तो उसकी भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। वहीं महिला कार्यकर्ताओं ने भी छात्राओं के समर्थन में आवाज उठाते हुए कहा कि स्कूल हो या घर, बच्चियों के साथ किसी भी प्रकार के गलत व्यवहार के खिलाफ समाज को मजबूती से खड़ा होना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि छात्राओं की शिकायतों को दबाने के बजाय उन्हें न्याय और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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