{"_id":"6ae4eb573207f68d5c05e528","slug":"jammu-kashmir-news-udhampur-news-c-202-1-udh1010-142382-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Udhampur News: पीएम फसल बीमा योजना के तहत 21,214 किसानों ने कराया पंजीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Udhampur News: पीएम फसल बीमा योजना के तहत 21,214 किसानों ने कराया पंजीकरण
विज्ञापन
उधमपुर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ 2026 के लिए जिले में पंजीकृत किसानों के बीमा दावों के सत्यापन और मंजूरी की प्रक्रिया की समीक्षा को लेकर शुक्रवार को जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक की गई। बैठक में समिति के समक्ष प्रस्तुत पंजीकरण विवरण के अनुसार खरीफ 2026 के लिए जिले में कुल 21,214 किसानों ने धान और मक्का की फसलों का बीमा करवाने के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें 1,469 धान उत्पादक और 19,745 मक्का उत्पादक किसान शामिल हैं।
बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अनंत द्विवेदी ने की। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के आवेदनों का निर्धारित समयसीमा के भीतर सत्यापन पूरा कर पात्र मामलों को मंजूरी दी जाए ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त प्रेम सिंह, मुख्य योजना अधिकारी उत्तम सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन ऋणी किसानों और किसान क्रेडिट कार्ड धारकों का राजस्व और कृषि विभाग की ओर से पहले ही सत्यापन किया जा चुका है, उनके मामलों को आगे की प्रक्रिया के लिए सत्यापित माना जाएगा। हालांकि, इसके लिए बैंकों के माध्यम से अग्रणी जिला प्रबंधक से पुष्टि और योजना के निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर आवश्यक मंजूरी देने के निर्देश दिए गए। वहीं, गैर-ऋणी किसानों के मामलों में संबंधित राजस्व अधिकारियों को पंजीकृत किसानों के विवरण और भूमि रिकार्ड का सत्यापन कर उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने को कहा गया। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कृषि विभाग पात्र मामलों को मंजूरी के लिए पोर्टल पर आगे बढ़ाएगा।
विज्ञापन
बैठक के दौरान विसंगतियों के चलते चिह्नित मामलों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान समिति ने कुल 27 मामलों को रद्द करने का निर्णय लिया। इनमें 20 ऋणी किसानों के मामले ऐसे थे जिन्हें बैंकों की ओर से डुप्लीकेट के रूप में चिह्नित किया गया था, जबकि सात गैर-ऋणी किसानों के मामलों में आवेदकों के नाम पर संबंधित भूमि रिकॉर्ड नहीं पाए गए।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने, सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने और पोर्टल पर समय पर जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग को राजस्व अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया संपन्न करवाने को कहा गया।
विज्ञापन
बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अनंत द्विवेदी ने की। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों के आवेदनों का निर्धारित समयसीमा के भीतर सत्यापन पूरा कर पात्र मामलों को मंजूरी दी जाए ताकि कोई भी पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न रहे। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त प्रेम सिंह, मुख्य योजना अधिकारी उत्तम सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन ऋणी किसानों और किसान क्रेडिट कार्ड धारकों का राजस्व और कृषि विभाग की ओर से पहले ही सत्यापन किया जा चुका है, उनके मामलों को आगे की प्रक्रिया के लिए सत्यापित माना जाएगा। हालांकि, इसके लिए बैंकों के माध्यम से अग्रणी जिला प्रबंधक से पुष्टि और योजना के निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर आवश्यक मंजूरी देने के निर्देश दिए गए। वहीं, गैर-ऋणी किसानों के मामलों में संबंधित राजस्व अधिकारियों को पंजीकृत किसानों के विवरण और भूमि रिकार्ड का सत्यापन कर उनकी प्रामाणिकता सुनिश्चित करने को कहा गया। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कृषि विभाग पात्र मामलों को मंजूरी के लिए पोर्टल पर आगे बढ़ाएगा।
विज्ञापन
बैठक के दौरान विसंगतियों के चलते चिह्नित मामलों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान समिति ने कुल 27 मामलों को रद्द करने का निर्णय लिया। इनमें 20 ऋणी किसानों के मामले ऐसे थे जिन्हें बैंकों की ओर से डुप्लीकेट के रूप में चिह्नित किया गया था, जबकि सात गैर-ऋणी किसानों के मामलों में आवेदकों के नाम पर संबंधित भूमि रिकॉर्ड नहीं पाए गए।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने, सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने और पोर्टल पर समय पर जानकारी अपडेट करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग को राजस्व अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी प्रक्रिया संपन्न करवाने को कहा गया।