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Udhampur News: लोगों ने बिजली, पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए
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रामबन। भाजपा ने रविवार को रामबन में अपने जन संवाद कार्यक्रम का समापन किया। इसके साथ ही जम्मू संभाग के सभी जिला मुख्यालयों में पार्टी द्वारा चलाए गए जन संपर्क अभियान का भी समापन हो गया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडलों और लोगों ने बिजली, पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। जिले में खेल ढांचे को मजबूत करने, हवाई अड्डे की स्थापना तथा महिला कॉलेज खोलने की मांग भी भाजपा प्रतिनिधिमंडल के समक्ष रखी गई।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों से सीधे संवाद कर उनकी आजीविका, बुनियादी सुविधाओं, सार्वजनिक सेवाओं तथा सरकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता वाले अन्य मुद्दों से संबंधित शिकायतों को सुनना था। भाजपा ने कहा कि जन संवाद के दौरान प्राप्त शिकायतों और सुझावों को संकलित कर जम्मू-कश्मीर विधानसभा के आगामी सत्र में उठाया जाएगा।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा ने कहा कि जन संवाद पहल का उद्देश्य समाज के “वंचित, पीड़ित और प्रभावित” वर्गों तक पहुंचना तथा जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं को समझना था।
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उन्होंने कहा कि रामबन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिनिधिमंडलों और लोगों ने भाग लिया तथा बिजली, पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। जिले में खेल ढांचे को मजबूत करने, हवाई अड्डे की स्थापना तथा महिला कॉलेज खोलने की मांग भी भाजपा प्रतिनिधिमंडल के समक्ष रखी गई।
शर्मा ने कहा कि पीएचई कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों के लंबित वेतन एवं नियमितीकरण, हड़ताल पर चल रहे एनएचएम कर्मचारियों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, वीडीसी सदस्यों तथा अन्य वर्गों से जुड़े मुद्दे भी सामने आए।
उन्होंने कहा, यह कार्यक्रम केवल भाजपा कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं था। विभिन्न वर्गों के लोग आगे आए और अपनी समस्याएं हमारे सामने रखीं। हम विधानसभा में उनकी आवाज बनेंगे और सरकार को जवाबदेह ठहराएंगे।
शर्मा ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में लोग बढ़ती मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर प्रभावी प्रशासन का अभाव है। उन्होंने कारोबारी समुदाय तथा जल जीवन मिशन और सिविल कार्यों से जुड़े ठेकेदारों की समस्याओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा, मुख्य विपक्षी दल होने के नाते, जन संवाद कार्यक्रमों के दौरान प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करेगी और 21 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में वास्तविक जन मुद्दों को उठाएगी।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर अधिक केंद्रित है, जबकि कई क्षेत्रों में बुनियादी सार्वजनिक सेवाएं अभी भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।
सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए शर्मा ने बिजली की कमी, अस्पतालों में चिकित्सा कर्मचारियों की कमी तथा स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, लोगों को चार से दस घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में कर्मचारियों की जरूरत है और स्कूलों में भी स्टाफ की कमी है।
उन्होंने लगभग 25,000 रिक्त पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरने की योजना पर भी सवाल उठाया। शर्मा ने कहा कि इन पदों को पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाना चाहिए ताकि बेरोजगार युवाओं की चिंताओं का समाधान हो सके।
एसपीओ मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव विचाराधीन
शर्मा ने विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मानदेय में बढ़ोतरी की लंबे समय से लंबित मांग को भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह मामला संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है तथा पुलिस मुख्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) के बीच इस संबंध में कई बैठकें और पत्राचार हो चुके हैं। शर्मा के अनुसार, प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और पुलिस मुख्यालय ने एसपीओ के मानदेय में बढ़ोतरी का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेज दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में एसपीओ के मानदेय को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया था और इसमें उनकी सेवा अवधि को भी ध्यान में रखा गया था।
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कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों से सीधे संवाद कर उनकी आजीविका, बुनियादी सुविधाओं, सार्वजनिक सेवाओं तथा सरकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता वाले अन्य मुद्दों से संबंधित शिकायतों को सुनना था। भाजपा ने कहा कि जन संवाद के दौरान प्राप्त शिकायतों और सुझावों को संकलित कर जम्मू-कश्मीर विधानसभा के आगामी सत्र में उठाया जाएगा।
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पत्रकारों को संबोधित करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा ने कहा कि जन संवाद पहल का उद्देश्य समाज के “वंचित, पीड़ित और प्रभावित” वर्गों तक पहुंचना तथा जमीनी स्तर पर उनकी समस्याओं को समझना था।
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उन्होंने कहा कि रामबन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिनिधिमंडलों और लोगों ने भाग लिया तथा बिजली, पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। जिले में खेल ढांचे को मजबूत करने, हवाई अड्डे की स्थापना तथा महिला कॉलेज खोलने की मांग भी भाजपा प्रतिनिधिमंडल के समक्ष रखी गई।
शर्मा ने कहा कि पीएचई कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों के लंबित वेतन एवं नियमितीकरण, हड़ताल पर चल रहे एनएचएम कर्मचारियों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, वीडीसी सदस्यों तथा अन्य वर्गों से जुड़े मुद्दे भी सामने आए।
उन्होंने कहा, यह कार्यक्रम केवल भाजपा कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं था। विभिन्न वर्गों के लोग आगे आए और अपनी समस्याएं हमारे सामने रखीं। हम विधानसभा में उनकी आवाज बनेंगे और सरकार को जवाबदेह ठहराएंगे।
शर्मा ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में लोग बढ़ती मुश्किलों का सामना कर रहे हैं और जमीनी स्तर पर प्रभावी प्रशासन का अभाव है। उन्होंने कारोबारी समुदाय तथा जल जीवन मिशन और सिविल कार्यों से जुड़े ठेकेदारों की समस्याओं का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा, मुख्य विपक्षी दल होने के नाते, जन संवाद कार्यक्रमों के दौरान प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करेगी और 21 सितंबर से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में वास्तविक जन मुद्दों को उठाएगी।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर अधिक केंद्रित है, जबकि कई क्षेत्रों में बुनियादी सार्वजनिक सेवाएं अभी भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।
सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए शर्मा ने बिजली की कमी, अस्पतालों में चिकित्सा कर्मचारियों की कमी तथा स्कूलों में शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के रिक्त पदों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, लोगों को चार से दस घंटे तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में कर्मचारियों की जरूरत है और स्कूलों में भी स्टाफ की कमी है।
उन्होंने लगभग 25,000 रिक्त पदों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरने की योजना पर भी सवाल उठाया। शर्मा ने कहा कि इन पदों को पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाना चाहिए ताकि बेरोजगार युवाओं की चिंताओं का समाधान हो सके।
एसपीओ मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव विचाराधीन
शर्मा ने विशेष पुलिस अधिकारियों (एसपीओ) के मानदेय में बढ़ोतरी की लंबे समय से लंबित मांग को भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह मामला संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाया गया है तथा पुलिस मुख्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) के बीच इस संबंध में कई बैठकें और पत्राचार हो चुके हैं। शर्मा के अनुसार, प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और पुलिस मुख्यालय ने एसपीओ के मानदेय में बढ़ोतरी का प्रस्ताव गृह मंत्रालय को भेज दिया है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में एसपीओ के मानदेय को 6,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया था और इसमें उनकी सेवा अवधि को भी ध्यान में रखा गया था।