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Udhampur News: खंभे और पेड़ गिरे, दरके पहाड़, धंसी सड़कें और जमींदोज हुए घर
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उधमपुर। जिला उधमपुर में भी भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। दो दिन से बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ गई और बुधवार को मोबाइल नेटवर्क भी ठप रहा।
कई जगहों से सड़के धंसने, पहाड़ दरकने से भूस्खलन, पेड़ गिरने, शूटिंग स्टोन, नदी नालों में उफान से बाढ़, बिजली के खंभे गिरने, तारे टूटने, कच्चे घर क्षतिग्रस्त होने और फसलों के नुकसान की सूचनाएं हैं। दो दिन की इस तेज बारिश ने ऐसा भयावह मंजर पेश किया है कि लोग अभी भी आगामी 24 घंटे के मौसमी एडवाइजरी को लेकर सहमे हुए हैं।
प्रशासनिक टीमें बुधवार को मौसम में सुधार के बाद नुकसान का जायजा लेने और राहत कार्य के लिए दिनभर मैदान में डटी रहीं। शहर के भीतर वार्ड 5 के बाड़ेयां मोहल्ला, वार्ड 11 के संबल रोड, वार्ड 19 के रेहमती मोहल्ला, वार्ड 15 के दूधाधारी मंदिर रोड, टाऊन हाल रोड इत्यादि में कई कच्चे मकान क्षतिग्रत हुए हैं।
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चन्नी मोड़ में भूस्खलन से दस से अधिक कच्चे घर हुए जमींदोज
शहर के नजदीक पंचायत कशीराह के चन्नी मोड़ इलाके में भूस्खलन से दस से अधिक कच्चे मकान जमींदोज हो गए हैं और कई पक्के मकानों में भी पानी और मलबा भरने से भारी नुकसान हुआ है। मोहल्ले की सड़क पर भी काफी ज्यादा पानी भरने से आवाजाही भी मुश्किल हो गई है।
स्थानीय निवासी संदीप कुमार और अन्य ने बताया कि बुधवार सुबह के समय पहाड़ी से जब मलबा गिरना शुरू हुआ तो हमने तत्काल सभी साथ लगते घरों के लोगों को पास के एक निजी कम्युनिटी हाल में स्थानांतरित कर दिया था। मलबा गिरने से कच्चे घर टूट गए हैं और पक्के घरों के भीतर भी काफी ज्यादा मलबा और पानी भर गया। काफी ज्यादा नुकसान बारिश के कारण यहां हुआ है, जिसका अभी आकलन नहीं हो सका है। प्रशासन से आकलन कर जल्द से जल्द सहायता प्रदान करे ताकि बेघर हो गए यह लोग फिर से अपने घरों में लौट सकें।
दो दिन से नहीं हो पाई बिजली-पानी की आपूर्ति, मोबाइल नेटवर्क भी बंद
भारी बारिश से बिजली ढांचे को हुए नुकसान के चलते दो दिन से उधमपुर में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप रहने से लोगों को जहां रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी तो वहीं पानी की सप्लाई भी नहीं मिलने के कारण काफी ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। पानी के लिए आसपास के प्राकृतिक जलाशयों पर दिनभर पानी के लिए लोगो की भारी भीड़ लगी रही। उधर मोबाइल नेटवर्क बंद रहने के कारण भी काफी समस्या पेश आई। ऑनलाइन सेवाएं भी बंद रहीं और बिजली नहीं होने के कारण ऑफलाइन कामकाज भी प्रभावित रहे।
कोट
भारी बारिश और तेज हवाओं से 33 केवी और 11 केवी लाइन में फॉल्ट आ जाने और अन्य जगहों पर खंभे गिरने और पेड़ गिरने से बिजली ढांचे को नुकसान हुआ है। अभी बिजली को रीस्टोर करने को प्राथमिकता दी गई है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
- किरण कुमार गुप्ता, एक्सईएन ग्रिड, बिजली विभाग
तवी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण सलमेह पंपिंग स्टेशन सहित अन्य जगहों पर विभागीय मशीनरी को नुकसान हुआ है, इसलिए मौसम में सुधार होने पर ही पानी की आपूर्ति बहाल हो पायेगी।
-संदीप गुप्ता, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग, संदीप गुप्ता
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कई जगह गिरी पस्सियां, सड़के भी हुई क्षतिग्रस्त
भारी बारिश के कारण जिले भर में जगह-जगह पहाड़ियों से पस्सियां गिरने के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अकेले धार रोड पर ही शहर के नजदीक गोल मेला से लेकर सत्तैनी तक के हिस्से में दस से अधिक जगहों पर पहाड़ से पस्सी गिरी है। इसके कारण बुधवार को भी वाहनों की आवाजाही को लेकर दिक्कत बनी रही। हालांकि बुधवार को मौसम में सुधार होने पर दोपहर तक इनमें से ज्यादातर पस्सियों को सड़क से हटा लिया गया। इसी तरह से जिले के अन्य ग्रामीण इलाकों रामनगर, चिनैनी, घोरड़ी, पंचैरी, मोंगरी, मजालता आदि में भी कई जगहों पर पस्सियां गिरने और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से वाहनों को आवाजाही में दिक्कतें पेश आई हैं।
गोल मेला में धंसी सड़क
शहर के नजदीक गोल मेला इलाके में धार रोड का एक किनारा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इससे वाहनों को आवाजाही तो प्रभावित नहीं हुई लेकिन इस हिस्से पर लगे बिजली के खंभे भी सड़क धंसने से उखड़ के गिर गए। गनीमत रही कि रात के समय हुए इस हादसे में किसी को कोई चोट नहीं लगी है।
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नदी नाले उफान पर सड़कें जलमग्न
मंगलवार को हुई तेज बारिश से जहां तवी नदी, बिरमा नदी और देविका समेत आसपास के अन्य नदी नाले उफान पर रहे। शहर के नजदीक काशीराह, सत्तैनी, दंदयाल, शिवनगर में जलमग्न हुई सड़कों पर बुधवार को मौसम में सुधार आने के बाद भी मलबा बिखरा रहा।
कई जगह गिरे पेड़
भारी बारिश और तेज हवाओं के चलने से शहर के भीतर भी कई जगहों पर पेड़ गिर गए। इसमें एम एच चौक के समीप, पुराने मिलिट्री हॉस्पिटल के नजदीक, टाऊन हाल रोड इत्यादि जगहों पर बड़े बड़े वृक्ष धराशाई हो गए थे, जिन्हें बाद में काटकर हटाना पड़ा।
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कई जगहों से सड़के धंसने, पहाड़ दरकने से भूस्खलन, पेड़ गिरने, शूटिंग स्टोन, नदी नालों में उफान से बाढ़, बिजली के खंभे गिरने, तारे टूटने, कच्चे घर क्षतिग्रस्त होने और फसलों के नुकसान की सूचनाएं हैं। दो दिन की इस तेज बारिश ने ऐसा भयावह मंजर पेश किया है कि लोग अभी भी आगामी 24 घंटे के मौसमी एडवाइजरी को लेकर सहमे हुए हैं।
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प्रशासनिक टीमें बुधवार को मौसम में सुधार के बाद नुकसान का जायजा लेने और राहत कार्य के लिए दिनभर मैदान में डटी रहीं। शहर के भीतर वार्ड 5 के बाड़ेयां मोहल्ला, वार्ड 11 के संबल रोड, वार्ड 19 के रेहमती मोहल्ला, वार्ड 15 के दूधाधारी मंदिर रोड, टाऊन हाल रोड इत्यादि में कई कच्चे मकान क्षतिग्रत हुए हैं।
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चन्नी मोड़ में भूस्खलन से दस से अधिक कच्चे घर हुए जमींदोज
शहर के नजदीक पंचायत कशीराह के चन्नी मोड़ इलाके में भूस्खलन से दस से अधिक कच्चे मकान जमींदोज हो गए हैं और कई पक्के मकानों में भी पानी और मलबा भरने से भारी नुकसान हुआ है। मोहल्ले की सड़क पर भी काफी ज्यादा पानी भरने से आवाजाही भी मुश्किल हो गई है।
स्थानीय निवासी संदीप कुमार और अन्य ने बताया कि बुधवार सुबह के समय पहाड़ी से जब मलबा गिरना शुरू हुआ तो हमने तत्काल सभी साथ लगते घरों के लोगों को पास के एक निजी कम्युनिटी हाल में स्थानांतरित कर दिया था। मलबा गिरने से कच्चे घर टूट गए हैं और पक्के घरों के भीतर भी काफी ज्यादा मलबा और पानी भर गया। काफी ज्यादा नुकसान बारिश के कारण यहां हुआ है, जिसका अभी आकलन नहीं हो सका है। प्रशासन से आकलन कर जल्द से जल्द सहायता प्रदान करे ताकि बेघर हो गए यह लोग फिर से अपने घरों में लौट सकें।
दो दिन से नहीं हो पाई बिजली-पानी की आपूर्ति, मोबाइल नेटवर्क भी बंद
भारी बारिश से बिजली ढांचे को हुए नुकसान के चलते दो दिन से उधमपुर में बिजली आपूर्ति पूरी तरह से ठप रहने से लोगों को जहां रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी तो वहीं पानी की सप्लाई भी नहीं मिलने के कारण काफी ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। पानी के लिए आसपास के प्राकृतिक जलाशयों पर दिनभर पानी के लिए लोगो की भारी भीड़ लगी रही। उधर मोबाइल नेटवर्क बंद रहने के कारण भी काफी समस्या पेश आई। ऑनलाइन सेवाएं भी बंद रहीं और बिजली नहीं होने के कारण ऑफलाइन कामकाज भी प्रभावित रहे।
कोट
भारी बारिश और तेज हवाओं से 33 केवी और 11 केवी लाइन में फॉल्ट आ जाने और अन्य जगहों पर खंभे गिरने और पेड़ गिरने से बिजली ढांचे को नुकसान हुआ है। अभी बिजली को रीस्टोर करने को प्राथमिकता दी गई है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
- किरण कुमार गुप्ता, एक्सईएन ग्रिड, बिजली विभाग
तवी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण सलमेह पंपिंग स्टेशन सहित अन्य जगहों पर विभागीय मशीनरी को नुकसान हुआ है, इसलिए मौसम में सुधार होने पर ही पानी की आपूर्ति बहाल हो पायेगी।
-संदीप गुप्ता, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग, संदीप गुप्ता
कई जगह गिरी पस्सियां, सड़के भी हुई क्षतिग्रस्त
भारी बारिश के कारण जिले भर में जगह-जगह पहाड़ियों से पस्सियां गिरने के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अकेले धार रोड पर ही शहर के नजदीक गोल मेला से लेकर सत्तैनी तक के हिस्से में दस से अधिक जगहों पर पहाड़ से पस्सी गिरी है। इसके कारण बुधवार को भी वाहनों की आवाजाही को लेकर दिक्कत बनी रही। हालांकि बुधवार को मौसम में सुधार होने पर दोपहर तक इनमें से ज्यादातर पस्सियों को सड़क से हटा लिया गया। इसी तरह से जिले के अन्य ग्रामीण इलाकों रामनगर, चिनैनी, घोरड़ी, पंचैरी, मोंगरी, मजालता आदि में भी कई जगहों पर पस्सियां गिरने और सड़कों के क्षतिग्रस्त होने से वाहनों को आवाजाही में दिक्कतें पेश आई हैं।
गोल मेला में धंसी सड़क
शहर के नजदीक गोल मेला इलाके में धार रोड का एक किनारा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इससे वाहनों को आवाजाही तो प्रभावित नहीं हुई लेकिन इस हिस्से पर लगे बिजली के खंभे भी सड़क धंसने से उखड़ के गिर गए। गनीमत रही कि रात के समय हुए इस हादसे में किसी को कोई चोट नहीं लगी है।
नदी नाले उफान पर सड़कें जलमग्न
मंगलवार को हुई तेज बारिश से जहां तवी नदी, बिरमा नदी और देविका समेत आसपास के अन्य नदी नाले उफान पर रहे। शहर के नजदीक काशीराह, सत्तैनी, दंदयाल, शिवनगर में जलमग्न हुई सड़कों पर बुधवार को मौसम में सुधार आने के बाद भी मलबा बिखरा रहा।
कई जगह गिरे पेड़
भारी बारिश और तेज हवाओं के चलने से शहर के भीतर भी कई जगहों पर पेड़ गिर गए। इसमें एम एच चौक के समीप, पुराने मिलिट्री हॉस्पिटल के नजदीक, टाऊन हाल रोड इत्यादि जगहों पर बड़े बड़े वृक्ष धराशाई हो गए थे, जिन्हें बाद में काटकर हटाना पड़ा।