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Udhampur News: दो डीसी बदले पर अधर में अटकी मॉडल रोड
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उधमपुर। शहर के बीचोबीच यातायात की मुख्य धारा और कारोबारी गतिविधियों की रीढ़ मानी जाने वाली धार रोड को मॉडल रोड के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना प्रशासनिक उपेक्षा की शिकार होकर रह गई है। अधिकारियों के तबादलों की बलि चढ़ी यह परियोजना आज ठंडे बस्ते में पड़ी है, जिसके चलते सलाथिया चौक से वीनस चौक तक हर दिन हजारों शहरवासियों और राहगीरों को भारी ट्रैफिक जाम और अव्यवस्था से जूझना पड़ रहा है।
शहीद पुलिस स्मारक स्थल दोमेल से सलाथिया चौक तक और वहां से वीनस चौक तक फैले करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस स्ट्रैच को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ संवारने का खाका जनवरी 2025 में खींचा गया था। बीआरओ (ग्रेफ) और जिला प्रशासन की जुगलबंदी से लगभग 60 लाख रुपये की लागत से दोमेल से सलाथिया चौक तक का पहला चरण तो समय रहते पूरा कर लिया गया लेकिन दूसरा चरण शुरू होने से पहले ही फाइलों में गुम हो गया। योजना के तहत सलाथिया चौक से वीनस चौक का काम अप्रैल 2025 में शुरू होना था लेकिन अक्तूबर 2026 बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी है।
इस ड्रीम प्रोजेक्ट को तत्कालीन डीसी सलोनी राय ने बड़े उत्साह के साथ हरी झंडी दिखाई थी। पहले चरण के अतिक्रमण हटाओ अभियान और सौंदर्यीकरण से शहरवासियों में आस जगी थी लेकिन उनके तबादले के बाद जिले की कमान संभालने वाले डीसी मिंगा शेरपा का कार्यकाल महज कुछ महीनों का रहा। अब हाल ही में अनंत द्विवेदी ने नए डीसी के रूप में पदभार संभाला है। दो-दो जिलाधीशों के बदलने और प्रशासनिक फेरबदल के कारण यह बहुप्रतीक्षित परियोजना पूरी तरह ठप पड़ गई। पुरानी योजनाओं का इस तरह बीच में लटकना उधमपुर के विकास मॉडल पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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यह स्ट्रैच शहर का सबसे संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्र है। जिला अस्पताल, पोस्ट ऑफिस, बीआरटीएफ कैंपस, कोर्ट, तहसील और कई प्रमुख बैंकों के साथ-साथ शहर की बड़ी व्यावसायिक गतिविधियां इसी सड़क पर केंद्रित हैं। इतना ही नहीं यह मार्ग सांबा, कठुआ, लखनपुर के जरिए पंजाब और हिमाचल प्रदेश को श्रीनगर व उधमपुर से जोड़ने वाला मुख्य वैकल्पिक रूट है। ऐसे में दूसरे चरण का काम रुकने से यहां रोजाना घंटों रेंगता यातायात आम लोगों और मरीजों के लिए आफत बन गया है।
कोट
मामले की पूरी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। जिसके स्पष्ट होते ही जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
- अनंत द्विवेदी, जिलाधीश, उधमपुर
पहले चरण के काम से काफी उम्मीदें बंधी थीं, लेकिन दूसरे चरण का काम न शुरू होने से सलाथिया चौक से वीनस चौक तक अस्थायी अतिक्रमण और ट्रैफिक का लोड काफी बढ़ गया है। प्रशासन को तुरंत इस परियोजना को पुनर्जीवित करना चाहिए।
-जतिंद्र बरमानी, प्रधान, व्यापार मंडल उधमपुर
अधिकारियों के बदलने से जनहित की परियोजनाओं का ठप हो जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। धार रोड केवल एक सड़क नहीं, बल्कि उधमपुर की जीवनरेखा है। अस्पताल जाने वाली एम्बुलेंस तक इस जाम में फंसती है। परियोजना को जल्द अमल में लाया जाना चाहिए।
- कमल गुप्ता, समाजसेवी
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शहीद पुलिस स्मारक स्थल दोमेल से सलाथिया चौक तक और वहां से वीनस चौक तक फैले करीब डेढ़ किलोमीटर लंबे इस स्ट्रैच को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ संवारने का खाका जनवरी 2025 में खींचा गया था। बीआरओ (ग्रेफ) और जिला प्रशासन की जुगलबंदी से लगभग 60 लाख रुपये की लागत से दोमेल से सलाथिया चौक तक का पहला चरण तो समय रहते पूरा कर लिया गया लेकिन दूसरा चरण शुरू होने से पहले ही फाइलों में गुम हो गया। योजना के तहत सलाथिया चौक से वीनस चौक का काम अप्रैल 2025 में शुरू होना था लेकिन अक्तूबर 2026 बीत जाने के बाद भी जमीनी स्तर पर एक ईंट तक नहीं रखी जा सकी है।
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इस ड्रीम प्रोजेक्ट को तत्कालीन डीसी सलोनी राय ने बड़े उत्साह के साथ हरी झंडी दिखाई थी। पहले चरण के अतिक्रमण हटाओ अभियान और सौंदर्यीकरण से शहरवासियों में आस जगी थी लेकिन उनके तबादले के बाद जिले की कमान संभालने वाले डीसी मिंगा शेरपा का कार्यकाल महज कुछ महीनों का रहा। अब हाल ही में अनंत द्विवेदी ने नए डीसी के रूप में पदभार संभाला है। दो-दो जिलाधीशों के बदलने और प्रशासनिक फेरबदल के कारण यह बहुप्रतीक्षित परियोजना पूरी तरह ठप पड़ गई। पुरानी योजनाओं का इस तरह बीच में लटकना उधमपुर के विकास मॉडल पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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यह स्ट्रैच शहर का सबसे संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्र है। जिला अस्पताल, पोस्ट ऑफिस, बीआरटीएफ कैंपस, कोर्ट, तहसील और कई प्रमुख बैंकों के साथ-साथ शहर की बड़ी व्यावसायिक गतिविधियां इसी सड़क पर केंद्रित हैं। इतना ही नहीं यह मार्ग सांबा, कठुआ, लखनपुर के जरिए पंजाब और हिमाचल प्रदेश को श्रीनगर व उधमपुर से जोड़ने वाला मुख्य वैकल्पिक रूट है। ऐसे में दूसरे चरण का काम रुकने से यहां रोजाना घंटों रेंगता यातायात आम लोगों और मरीजों के लिए आफत बन गया है।
कोट
मामले की पूरी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। जिसके स्पष्ट होते ही जल्द आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
- अनंत द्विवेदी, जिलाधीश, उधमपुर
पहले चरण के काम से काफी उम्मीदें बंधी थीं, लेकिन दूसरे चरण का काम न शुरू होने से सलाथिया चौक से वीनस चौक तक अस्थायी अतिक्रमण और ट्रैफिक का लोड काफी बढ़ गया है। प्रशासन को तुरंत इस परियोजना को पुनर्जीवित करना चाहिए।
-जतिंद्र बरमानी, प्रधान, व्यापार मंडल उधमपुर
अधिकारियों के बदलने से जनहित की परियोजनाओं का ठप हो जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। धार रोड केवल एक सड़क नहीं, बल्कि उधमपुर की जीवनरेखा है। अस्पताल जाने वाली एम्बुलेंस तक इस जाम में फंसती है। परियोजना को जल्द अमल में लाया जाना चाहिए।
- कमल गुप्ता, समाजसेवी