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Udhampur News: पंचायत उन्नति सूचकांक के बारे में किया जागरूक
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उधमपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की तरफ से डीसी कार्यालय परिसर में पंचायत उन्नति सूचकांक पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य संबंधित हितधारकों को पंचायत उन्नति सूचकांक के बारे में जागरूक करना था।
डीसी सलोनी राय ने जमीनी स्तर पर समावेशी और लक्षित विकास प्राप्त करने में पंचायत उन्नति सूचकांक के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सभी हितधारकों से पीएआई विषयों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए क्षेत्रीय पदाधिकारियों को सक्रिय रूप से सक्रिय करने का आग्रह किया। संबंधित विभागों को पीएआई पोर्टल पर डेटा अपलोड करते समय अत्यधिक सटीकता बनाए रखने का निर्देश दिया।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की विषय विशेषज्ञ निदा रफीक ने प्रतिभागियों को पंचायत विकास सूचकांक के उद्देश्यों और महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएआई सतत विकास लक्ष्यों के प्रमुख संकेतकों के आधार पर पंचायतों के सामाजिक-आर्थिक और अवसंरचनात्मक विकास की निगरानी और मापन के लिए एक संरचित उपकरण है।
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पीएआई-2.0 के अंतर्गत विभिन्न विषयों, जैसे बाल-सुलभ पंचायत, जल-पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत और पंचायतों में आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त प्रेम सिंह, मुख्य योजना अधिकारी मोहम्मद इकबाल, सहायक आयुक्त राजस्व डॉ. उमेश शान, सहायक आयुक्त पंचायत डॉ. अश्विनी हंसा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और क्षेत्रीय पदाधिकारी कार्यशाला में उपस्थित थे।
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डीसी सलोनी राय ने जमीनी स्तर पर समावेशी और लक्षित विकास प्राप्त करने में पंचायत उन्नति सूचकांक के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सभी हितधारकों से पीएआई विषयों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए क्षेत्रीय पदाधिकारियों को सक्रिय रूप से सक्रिय करने का आग्रह किया। संबंधित विभागों को पीएआई पोर्टल पर डेटा अपलोड करते समय अत्यधिक सटीकता बनाए रखने का निर्देश दिया।
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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की विषय विशेषज्ञ निदा रफीक ने प्रतिभागियों को पंचायत विकास सूचकांक के उद्देश्यों और महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएआई सतत विकास लक्ष्यों के प्रमुख संकेतकों के आधार पर पंचायतों के सामाजिक-आर्थिक और अवसंरचनात्मक विकास की निगरानी और मापन के लिए एक संरचित उपकरण है।
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पीएआई-2.0 के अंतर्गत विभिन्न विषयों, जैसे बाल-सुलभ पंचायत, जल-पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत और पंचायतों में आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त प्रेम सिंह, मुख्य योजना अधिकारी मोहम्मद इकबाल, सहायक आयुक्त राजस्व डॉ. उमेश शान, सहायक आयुक्त पंचायत डॉ. अश्विनी हंसा सहित अन्य संबंधित अधिकारी और क्षेत्रीय पदाधिकारी कार्यशाला में उपस्थित थे।