रियासी। जिला मजिस्ट्रेट कुमार अभिषेक ने शुक्रवार को जिला स्तरीय नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक की। बैठक के दौरान जिला मजिस्ट्रेट ने निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन करने वाली फार्मेसियों और चिकित्सा प्रतिष्ठानों के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने सभी दवा की दुकानों को पारदर्शिता और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए कम्प्यूटरीकृत बिलिंग प्रणाली और सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ड्रग इंस्पेक्टर ने बैठक को सूचित किया कि दवाओं की बिक्री और वितरण की निगरानी के लिए जिले भर में नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं।
जिला मजिस्ट्रेट ने अफीम और गांजे की अवैध खेती की स्थिति की भी समीक्षा की और संबंधित विभागों को निगरानी तेज करने और ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया। जागरूकता के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने मादक पदार्थों के दुरुपयोग के हानिकारक प्रभावों को उजागर करने के लिए व्यापक सूचना, शिक्षा और संचार गतिविधियों का आह्वान किया। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में मादक पदार्थों के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रमों को मजबूत करने और नशामुक्त परिसर पहल के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। स्वास्थ्य विभाग ने बैठक को सूचित किया कि जिला अस्पताल में नशामुक्ति केंद्र और नशा उपचार सुविधा शुरू कर दी गई है और आवश्यक दवाएं प्राप्त हो चुकी हैं। विभाग ने बैठक को मादक पदार्थों के सेवन से प्रभावित व्यक्तियों को प्रदान की जा रही परामर्श सेवाओं के बारे में भी जानकारी दी।