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Udhampur News: महिला काॅलेज में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस
Sat, 22 Feb 2025 01:23 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sat, 22 Feb 2025 01:23 AM IST
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कार्यक्रम में भाग लेने वाले विद्यार्थी और शिक्षक। स्रोत : आयोजक
- फोटो : udhampur
उधमपुर। राजकीय महिला काॅलेज में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के मद्देनजर डोगरी विभाग की तरफ से मातृभाषा दिवस की रजत जयंती के अवसर पर भाषा का महत्व विषय पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
इस कार्यक्रम की शुरूआत प्रो. शमा रानी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि भाषा भारत में शिक्षा का एक महत्वपूर्ण पहलू है और क्षेत्रीय भाषाओं और संस्कृतियों के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, प्रो. यशपाल ने मातृभाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
डोगरी संकाय की प्रो. मंजू बाला ने डोगरी भाषा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर हिंदी विभाग के संकाय प्रो. सुनील मगोत्रा ने एकता के प्रतीक के रूप में हिंदी भाषा के महत्व और भारत में राष्ट्रीय एकीकरण और सद्भाव को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम में लगभग 50 छात्रों ने भाग लिया और 10 छात्रों ने इस अवसर पर डोगरी भाषा की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में प्रो. सिमरन खजूरिया, व्याख्याता संतोष गुप्ता, डॉ. ओम प्रकाश और प्रो. संदेश कुमार मौजूद थे। संवाद
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इस कार्यक्रम की शुरूआत प्रो. शमा रानी के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि भाषा भारत में शिक्षा का एक महत्वपूर्ण पहलू है और क्षेत्रीय भाषाओं और संस्कृतियों के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के कार्यान्वयन के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, प्रो. यशपाल ने मातृभाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
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डोगरी संकाय की प्रो. मंजू बाला ने डोगरी भाषा को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर हिंदी विभाग के संकाय प्रो. सुनील मगोत्रा ने एकता के प्रतीक के रूप में हिंदी भाषा के महत्व और भारत में राष्ट्रीय एकीकरण और सद्भाव को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम में लगभग 50 छात्रों ने भाग लिया और 10 छात्रों ने इस अवसर पर डोगरी भाषा की प्रासंगिकता पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में प्रो. सिमरन खजूरिया, व्याख्याता संतोष गुप्ता, डॉ. ओम प्रकाश और प्रो. संदेश कुमार मौजूद थे। संवाद
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