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चार दिन में एक लाख भक्त भी नहीं आए
Updated Mon, 29 Sep 2014 01:38 AM IST
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इस बार के शारदीय नवरात्र में श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से काफी कम चल रही है। पिछले दस वर्षों में पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि शारदीय नवरात्र के पहले चार दिनों की संख्या एक लाख का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई है। पहले चार नवरात्र में अब तक 95 हजार भक्त ही दर्शन के लिए पहुंचे हैं।
पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार रविवार देर शाम तक 22 हजार भक्त दर्शन को निकल चुके थे तथा कक्ष बंद होने तक यह आंकड़ा 25 हजार तक पहुंचने का अनुमान था। प्रथम नवरात्र पर 24352, दूसरे पर 20013 व तीसरे नवरात्र को 26420 भक्तों ने प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष नमन किया था।
चार दिन की संख्या मिला कर 95 हजार तक ही पहुंच पाई है। जबकि वर्ष 2011 के पहले चार नवरात्र में 1.62 लाख, वर्ष 2012 में 1.66 लाख और वर्ष 2013 में 1.75 लाख भक्तों ने भवन में माथा टेका था। यात्रा में इस भारी गिरावट को लेकर व्यवसायिक क्षेत्र का हर वर्ग चिंतित है।
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व्यवसायियों का मानना है कि राज्य में आई प्राकृतिक आपदा के बाद वैष्णो देवी में हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं। जबकि इस संबंध में अभी तक देशभर तक संदेश पहुंचाने में कामयाबी नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार व्यवसायी वर्ग जल्द ही मीडिया के माध्यम से जहां की स्थिति से देश को अवगत करवाने की योजना पर भी अग्रसर है ताकि भक्तों की संख्या को गति प्रदान हो सके तथा उनका व्यापार पटरी पर लौट आए।
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पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार रविवार देर शाम तक 22 हजार भक्त दर्शन को निकल चुके थे तथा कक्ष बंद होने तक यह आंकड़ा 25 हजार तक पहुंचने का अनुमान था। प्रथम नवरात्र पर 24352, दूसरे पर 20013 व तीसरे नवरात्र को 26420 भक्तों ने प्राकृतिक पिंडियों के समक्ष नमन किया था।
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चार दिन की संख्या मिला कर 95 हजार तक ही पहुंच पाई है। जबकि वर्ष 2011 के पहले चार नवरात्र में 1.62 लाख, वर्ष 2012 में 1.66 लाख और वर्ष 2013 में 1.75 लाख भक्तों ने भवन में माथा टेका था। यात्रा में इस भारी गिरावट को लेकर व्यवसायिक क्षेत्र का हर वर्ग चिंतित है।
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व्यवसायियों का मानना है कि राज्य में आई प्राकृतिक आपदा के बाद वैष्णो देवी में हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं। जबकि इस संबंध में अभी तक देशभर तक संदेश पहुंचाने में कामयाबी नहीं मिली है। जानकारी के अनुसार व्यवसायी वर्ग जल्द ही मीडिया के माध्यम से जहां की स्थिति से देश को अवगत करवाने की योजना पर भी अग्रसर है ताकि भक्तों की संख्या को गति प्रदान हो सके तथा उनका व्यापार पटरी पर लौट आए।