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Udhampur News: लू से हीट स्ट्रेस का खतरा, सावधान रहकर खुद व प्रियजनों को भी रखें सुरक्षित
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दोमेल चौक पर वाहन का इंतजार करते लोग तेज धूप से हो रहे परेशान
- प्रशासन की ओर से भी एडवाइजरी की गई जारी, आपात सेवा केंद्रों से ले सकते सहायता
- खानपान सहित कामकाज के दौरान भी बरतें एहतियात
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। प्रशासन ने आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी और दोपहर के समय लगातार लू की मार से बचाव को लेकर शनिवार को अलर्ट जारी किया है। जिसमें जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम आदमी से लेकर प्रत्येक वर्ग, वर्कर और कर्मियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
इसका मकसद है कि हर कोई हीट स्ट्रेस या फिर तापजनित बीमारियों से अपना बचाव कर सके। मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में उधमपुर जिले सहित जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जिससे संभावित रूप से लू की स्थिति पैदा हो सकती है। प्रशासन ने सभी से इस अवधि के दौरान खुद को और अपने प्रियजनों की सुरक्षा के लिए सावधानियां बरतने का आग्रह किया गया है।
लोगों को सलाह है कि हाइड्रेटेड रहें
जब भी संभव हो, पर्याप्त पानी पिएं, भले ही आपको प्यास न लगी हो। प्यास निर्जलीकरण का अच्छा संकेतक नहीं है। यात्रा करते समय पीने का पानी साथ रखें, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन का उपयोग करें और नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नमक मिलाए गए फलों के रस जैसे घर के बने पेय पदार्थों का सेवन करें। तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, खीरा, सलाद पत्ता या अन्य स्थानीय रूप से उपलब्ध फल और सब्जियां जैसे उच्च जल सामग्री वाले मौसमी फल और सब्जियां खाएं।
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खुद को ढक कर रखें
पतले, ढीले, हल्के रंग वाले, सूती कपड़े पहनें। सीधे धूप में निकलने पर अपने सिर को ढकें, छाता, टोपी, तौलिया और अन्य पारंपरिक सिर को ढकने वाली वस्तुओं का इस्तेमाल करें। धूप में बाहर जाते समय जूते या चप्पल जरूर पहनें।
ठेकेदार, वर्कर और मजदूरों के लिए
निर्माण स्थल या फील्ड में काम करने वाले कर्मियों को हाइड्रेटेड रहने के लिए हर 20 मिनट धूप से बचने के लिए सावधान करें। छायादार कार्य क्षेत्र उपलब्ध कराएं। कार्य स्थल पर अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की करें। दोपहर गर्म तापमान में काम करने की बजाए सुबह और शाम के समय में जोरदार और बाहरी कामों को शेड्यूल करें। अतिरिक्त कर्मियों को नियुक्त करें या काम की गति धीमी करें। गर्भवती या किसी बीमारी से पीड़ित या कुछ खास दवाएं लेने वाले कर्मियों को गर्मी में काम करने के बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
क्या न करें
- धूप में बाहर निकलने से बचें, खास तौर पर दोपहर 12 से तीन बजे के बीच।
- दोपहर में बाहर निकलने पर जोरदार गतिविधियां करने से बचें।
- नंगे पैर बाहर न जाएं।
- गर्मी के चरम घंटों में खाना पकाने से बचें।
- खाना पकाने के दौरान हवा आने-जाने के लिए दरवाजे और खिड़कियां खुली रखें।
- शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय या ज्यादा चीनी वाले पेय पदार्थों से बचें।
- क्योंकि इनसे शरीर का ज्यादा तरल पदार्थ निकल जाता है या पेट में ऐंठन हो सकती है।
- ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी खाना न खाएं।
- बच्चों या पालतू जानवरों को पार्क की गई गाड़ी में न छोड़ें।
- गाड़ी के अंदर का तापमान खतरनाक हो सकता है।
- कार्यस्थल पर ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराएं।
सतर्क रहें:
रेडियो सुनें, टीवी देखें, स्थानीय मौसम की खबरों के लिए समाचार पत्र पढ़ें। भारत मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर मौसम का नवीनतम अपडेट प्राप्त करें। जितना संभव हो सके घर के अंदर या छाया में रहें।
सीधी धूप और गर्मी की लहरों को रोकें :
अपने घर के धूप वाले हिस्से में दिन के दौरान खिड़कियां और पर्दे बंद रखें। रात में उन्हें खोलें ताकि ठंडी हवा अंदर आ सके। अगर बाहर जा रहे हैं, तो अपनी बाहरी गतिविधियों को दिन के ठंडे समय यानी सुबह और शाम तक सीमित रखें। शारीरिक परिश्रम, सीधे सूर्य के संपर्क में आना, भीड़भाड़, पानी, भोजन और छाया तक पहुंच में कठिनाई से कमजोर लोगों का स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
गर्मी का स्वास्थ्य पर प्रभाव
उच्च आउटडोर और इनडोर तापमान के संपर्क में आने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हीट स्ट्रेस हो सकता है, जिससे हीट से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। इनमें हल्के से लेकर गंभीर तक शामिल हैं जैसे घमौरियां, हाथ, पैर में सूजन, मांसपेशियों में ऐंठन, बेहोशी, थकावट और हीट स्ट्रोक शामिल हैं। हीट स्ट्रेस कार्डियोवैस्कुलर, श्वसन, किडनी रोग जैसी पुरानी बीमारियों को भी बढ़ा सकता है।
हीट स्ट्रेस के लक्षण :
- चक्कर आना या बेहोशी।
- मतली या उल्टी।
- अत्यधिक प्यास।
- असामान्य रूप से गहरे पीले रंग का पेशाब और उसमें कमी।
- सिरदर्द।
- तेज सांस और दिल की धड़कन।
- यद्यपि कोई भी व्यक्ति किसी भी समय हीट स्ट्रेस और तापजनित बीमारी से पीड़ित हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों को दूसरों की तुलना में अधिक जोखिम होता है और उन्हें अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत होती है।
कोट...
आने वाले दिनों में उधमपुर जिले में भी तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। इसलिए सावधानी बरतें और किसी भी तरह की सहायता के लिए आपातकालीन संचालन केंद्र 01992-272727, 01992-272728 और 112 पर संपर्क करें। -
प्रेम सिंह, एडीसी उधमपुर।
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- खानपान सहित कामकाज के दौरान भी बरतें एहतियात
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। प्रशासन ने आने वाले दिनों में तापमान में बढ़ोतरी और दोपहर के समय लगातार लू की मार से बचाव को लेकर शनिवार को अलर्ट जारी किया है। जिसमें जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम आदमी से लेकर प्रत्येक वर्ग, वर्कर और कर्मियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है।
इसका मकसद है कि हर कोई हीट स्ट्रेस या फिर तापजनित बीमारियों से अपना बचाव कर सके। मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में उधमपुर जिले सहित जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में तापमान में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जिससे संभावित रूप से लू की स्थिति पैदा हो सकती है। प्रशासन ने सभी से इस अवधि के दौरान खुद को और अपने प्रियजनों की सुरक्षा के लिए सावधानियां बरतने का आग्रह किया गया है।
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लोगों को सलाह है कि हाइड्रेटेड रहें
जब भी संभव हो, पर्याप्त पानी पिएं, भले ही आपको प्यास न लगी हो। प्यास निर्जलीकरण का अच्छा संकेतक नहीं है। यात्रा करते समय पीने का पानी साथ रखें, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन का उपयोग करें और नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नमक मिलाए गए फलों के रस जैसे घर के बने पेय पदार्थों का सेवन करें। तरबूज, खरबूजा, संतरा, अंगूर, अनानास, खीरा, सलाद पत्ता या अन्य स्थानीय रूप से उपलब्ध फल और सब्जियां जैसे उच्च जल सामग्री वाले मौसमी फल और सब्जियां खाएं।
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खुद को ढक कर रखें
पतले, ढीले, हल्के रंग वाले, सूती कपड़े पहनें। सीधे धूप में निकलने पर अपने सिर को ढकें, छाता, टोपी, तौलिया और अन्य पारंपरिक सिर को ढकने वाली वस्तुओं का इस्तेमाल करें। धूप में बाहर जाते समय जूते या चप्पल जरूर पहनें।
ठेकेदार, वर्कर और मजदूरों के लिए
निर्माण स्थल या फील्ड में काम करने वाले कर्मियों को हाइड्रेटेड रहने के लिए हर 20 मिनट धूप से बचने के लिए सावधान करें। छायादार कार्य क्षेत्र उपलब्ध कराएं। कार्य स्थल पर अस्थायी आश्रय की व्यवस्था की करें। दोपहर गर्म तापमान में काम करने की बजाए सुबह और शाम के समय में जोरदार और बाहरी कामों को शेड्यूल करें। अतिरिक्त कर्मियों को नियुक्त करें या काम की गति धीमी करें। गर्भवती या किसी बीमारी से पीड़ित या कुछ खास दवाएं लेने वाले कर्मियों को गर्मी में काम करने के बारे में अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।
क्या न करें
- धूप में बाहर निकलने से बचें, खास तौर पर दोपहर 12 से तीन बजे के बीच।
- दोपहर में बाहर निकलने पर जोरदार गतिविधियां करने से बचें।
- नंगे पैर बाहर न जाएं।
- गर्मी के चरम घंटों में खाना पकाने से बचें।
- खाना पकाने के दौरान हवा आने-जाने के लिए दरवाजे और खिड़कियां खुली रखें।
- शराब, चाय, कॉफी और कार्बोनेटेड शीतल पेय या ज्यादा चीनी वाले पेय पदार्थों से बचें।
- क्योंकि इनसे शरीर का ज्यादा तरल पदार्थ निकल जाता है या पेट में ऐंठन हो सकती है।
- ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन से बचें और बासी खाना न खाएं।
- बच्चों या पालतू जानवरों को पार्क की गई गाड़ी में न छोड़ें।
- गाड़ी के अंदर का तापमान खतरनाक हो सकता है।
- कार्यस्थल पर ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराएं।
सतर्क रहें:
रेडियो सुनें, टीवी देखें, स्थानीय मौसम की खबरों के लिए समाचार पत्र पढ़ें। भारत मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर मौसम का नवीनतम अपडेट प्राप्त करें। जितना संभव हो सके घर के अंदर या छाया में रहें।
सीधी धूप और गर्मी की लहरों को रोकें :
अपने घर के धूप वाले हिस्से में दिन के दौरान खिड़कियां और पर्दे बंद रखें। रात में उन्हें खोलें ताकि ठंडी हवा अंदर आ सके। अगर बाहर जा रहे हैं, तो अपनी बाहरी गतिविधियों को दिन के ठंडे समय यानी सुबह और शाम तक सीमित रखें। शारीरिक परिश्रम, सीधे सूर्य के संपर्क में आना, भीड़भाड़, पानी, भोजन और छाया तक पहुंच में कठिनाई से कमजोर लोगों का स्वास्थ्य खराब हो सकता है।
गर्मी का स्वास्थ्य पर प्रभाव
उच्च आउटडोर और इनडोर तापमान के संपर्क में आने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हीट स्ट्रेस हो सकता है, जिससे हीट से संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। इनमें हल्के से लेकर गंभीर तक शामिल हैं जैसे घमौरियां, हाथ, पैर में सूजन, मांसपेशियों में ऐंठन, बेहोशी, थकावट और हीट स्ट्रोक शामिल हैं। हीट स्ट्रेस कार्डियोवैस्कुलर, श्वसन, किडनी रोग जैसी पुरानी बीमारियों को भी बढ़ा सकता है।
हीट स्ट्रेस के लक्षण :
- चक्कर आना या बेहोशी।
- मतली या उल्टी।
- अत्यधिक प्यास।
- असामान्य रूप से गहरे पीले रंग का पेशाब और उसमें कमी।
- सिरदर्द।
- तेज सांस और दिल की धड़कन।
- यद्यपि कोई भी व्यक्ति किसी भी समय हीट स्ट्रेस और तापजनित बीमारी से पीड़ित हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों को दूसरों की तुलना में अधिक जोखिम होता है और उन्हें अतिरिक्त ध्यान देने की जरूरत होती है।
कोट...
आने वाले दिनों में उधमपुर जिले में भी तापमान में वृद्धि होने की संभावना है। इसलिए सावधानी बरतें और किसी भी तरह की सहायता के लिए आपातकालीन संचालन केंद्र 01992-272727, 01992-272728 और 112 पर संपर्क करें। -
प्रेम सिंह, एडीसी उधमपुर।