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नालियां छोड़ सड़कों पर बहता नजर आया बारिश का पानी
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उधमपुर शहर में बारिश के दौरान नाली से सड़क पर पहुंची गंदगी
- फोटो : UDHAMPUR
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उधमपुर। शहर में वर्षों से बंद पड़े नाले व नालियों ने रविवार सुबह पौने घंटे हुई बारिश के दौरान नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। तेज बारिश होने पर नालियों का पानी व कचरा सड़कों पर बहना शुरू हो गया। यह कचरा बारिश बंद होने के बाद भी शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बना रहा।
शहर के 21 वार्डों में ज्यादातर नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं। नगर परिषद ने घर घर से कचरा उठाने की ओर तो ध्यान दिया है, लेकिन कई वर्षों से बंद पड़ी नालियां और नालों की सफाई की तरफ आज तक ध्यान नहीं दिया गया है। इसी का परिणाम है कि जब भी तेज बारिश होती है तो निकासी न होने पर कचरे के साथ गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है।
रविवार सुबह जब तेज बारिश शुरू हुई तो शिवनगर, एमएच चौक, कल्लर, कैप्परी व शहर के कई स्थानों पर कचरा गंदे पानी के साथ पुराने राजमार्ग पर बहने लगा। एमएच चौक इलाके में कचरे से पूरा पुराना राजमार्ग भर गया और एक बड़ा हिस्सा तालाब में तब्दील हो गया था। इस दौरान लोगों को पैदल चलने के लिए भी स्थान नहीं मिला। कचरे और गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना उनकी मजबूरी बनी रही।
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ऐसे ही हालात शिवनगर में भी हुए, जब बारिश बंद होने के बाद भी नालियों व नालों का पानी पुराने राजमार्ग पर घंटों तक बहता रहा। शहरवासी इसके कारण परेशानियों से जूझने को मजबूर रहे। बारिश बंद होने के बाद शहर की सड़कें पूरी तरह से कचरा व गंदे पानी से भरी नजर आ रही थीं। शहरवासियों का कहना था कि नगर परिषद को कभी भी नालियों और नालों की सफाई की तरफ ध्यान देते नहीं देखा गया है। अगर नालों और नालियों की नियमित रूप से सफाई की जाए तो तेज बारिश होने पर इस तरह की परेशानी नहीं होगी।
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शहर के 21 वार्डों में ज्यादातर नालियां कचरे से भरी पड़ी हैं। नगर परिषद ने घर घर से कचरा उठाने की ओर तो ध्यान दिया है, लेकिन कई वर्षों से बंद पड़ी नालियां और नालों की सफाई की तरफ आज तक ध्यान नहीं दिया गया है। इसी का परिणाम है कि जब भी तेज बारिश होती है तो निकासी न होने पर कचरे के साथ गंदा पानी सड़कों पर बहने लगता है।
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रविवार सुबह जब तेज बारिश शुरू हुई तो शिवनगर, एमएच चौक, कल्लर, कैप्परी व शहर के कई स्थानों पर कचरा गंदे पानी के साथ पुराने राजमार्ग पर बहने लगा। एमएच चौक इलाके में कचरे से पूरा पुराना राजमार्ग भर गया और एक बड़ा हिस्सा तालाब में तब्दील हो गया था। इस दौरान लोगों को पैदल चलने के लिए भी स्थान नहीं मिला। कचरे और गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना उनकी मजबूरी बनी रही।
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ऐसे ही हालात शिवनगर में भी हुए, जब बारिश बंद होने के बाद भी नालियों व नालों का पानी पुराने राजमार्ग पर घंटों तक बहता रहा। शहरवासी इसके कारण परेशानियों से जूझने को मजबूर रहे। बारिश बंद होने के बाद शहर की सड़कें पूरी तरह से कचरा व गंदे पानी से भरी नजर आ रही थीं। शहरवासियों का कहना था कि नगर परिषद को कभी भी नालियों और नालों की सफाई की तरफ ध्यान देते नहीं देखा गया है। अगर नालों और नालियों की नियमित रूप से सफाई की जाए तो तेज बारिश होने पर इस तरह की परेशानी नहीं होगी।