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Udhampur News: अब जीएमसी में भी होंगे थायराइड के टेस्ट
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उधमपुर। जीएमसी में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के लिए हॉरमोंस मशीन लाई जा रही है ताकि जो टेस्ट आज तक अस्पताल में नहीं होते थे, वे सभी हो सकें।
गौरतलब है कि मौजूदा समय में अस्पताल में थायराइड, टार्च, विटामिन डी, ऑर्यन डिफेंसी, हैपेटाइटस के सभी टेस्ट नई मशीन से होंगे। हॉरमोंस मशीन न होने के चलते ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को आ रही थी। ये सभी टेस्ट ज्यादातर गर्भवती महिलाओं के किए जाते हैं। इसके लिए प्राइवेट में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। अब मशीन के आने से उन्हें काफी लाभ होगा।
जिले का मुख्य अस्पताल होने के चलते महिलाओं की रहती है भारी भीड़
गौरतलब है कि जिले का मुख्य अस्पताल होने के चलते ज्यादातर लोग गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए इसी अस्पताल में लाते हैं। इसके चलते प्रसव से पहले डाॅक्टर की ओर से लगातार नौ महीनों तक गर्भवती महिला के कई प्रकार के टेस्ट करवाते हैं। इनमें थायराइड, टार्च, विटामिन डी, ऑर्यन डिफेंसी जैसे टेस्ट होते हैं। यह सुविधा अस्पताल में न होने के कारण उन्हें ये टेस्ट बाहर से करवाने पड़ते हैं। एक सप्ताह के भीतर नई मशीन आने से महिलाओं के सभी टेस्ट अस्पताल में ही होंगे। इससे लोगोें को राहत मिलेगी।
इस संदर्भ में जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. मृत्युंजय गुप्ता का कहना है कि अस्पताल में जिस तरह से पहले थायराइड, टार्च, विटामिन डी, ऑर्यन डिफेंसी जैसे टेस्ट नहीं होते थे। इसके चलते मरीजों को परेशान होना पड़ता था लेकिन एक सप्ताह के भीतर इन टेस्टों की सुविधा भी अस्पताल में शुरू हो जाएगी। इसके लिए जल्द ही नई मशीन आने वाली है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और जल्द ही सभी कमियों को पूरा कर लिया जाएगा।
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गौरतलब है कि मौजूदा समय में अस्पताल में थायराइड, टार्च, विटामिन डी, ऑर्यन डिफेंसी, हैपेटाइटस के सभी टेस्ट नई मशीन से होंगे। हॉरमोंस मशीन न होने के चलते ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को आ रही थी। ये सभी टेस्ट ज्यादातर गर्भवती महिलाओं के किए जाते हैं। इसके लिए प्राइवेट में टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं। अब मशीन के आने से उन्हें काफी लाभ होगा।
जिले का मुख्य अस्पताल होने के चलते महिलाओं की रहती है भारी भीड़
गौरतलब है कि जिले का मुख्य अस्पताल होने के चलते ज्यादातर लोग गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए इसी अस्पताल में लाते हैं। इसके चलते प्रसव से पहले डाॅक्टर की ओर से लगातार नौ महीनों तक गर्भवती महिला के कई प्रकार के टेस्ट करवाते हैं। इनमें थायराइड, टार्च, विटामिन डी, ऑर्यन डिफेंसी जैसे टेस्ट होते हैं। यह सुविधा अस्पताल में न होने के कारण उन्हें ये टेस्ट बाहर से करवाने पड़ते हैं। एक सप्ताह के भीतर नई मशीन आने से महिलाओं के सभी टेस्ट अस्पताल में ही होंगे। इससे लोगोें को राहत मिलेगी।
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इस संदर्भ में जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ. मृत्युंजय गुप्ता का कहना है कि अस्पताल में जिस तरह से पहले थायराइड, टार्च, विटामिन डी, ऑर्यन डिफेंसी जैसे टेस्ट नहीं होते थे। इसके चलते मरीजों को परेशान होना पड़ता था लेकिन एक सप्ताह के भीतर इन टेस्टों की सुविधा भी अस्पताल में शुरू हो जाएगी। इसके लिए जल्द ही नई मशीन आने वाली है। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और जल्द ही सभी कमियों को पूरा कर लिया जाएगा।
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