फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   flood of devotees on New Year's at Katra

नए साल पर मां वैष्णो के दरबार में भक्तों का सैलाब

Sun, 01 Jan 2017 01:12 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/कटड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला/कटड़ा Updated Sun, 01 Jan 2017 01:12 AM IST
विज्ञापन
flood of devotees on New Year's at Katra
कटड़ा में बाणगंगा चेकपोस्ट के पास उमड़ा भक्तों का सैलाब। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

साल के आखिरी दिन धर्मनगरी कटड़ा में श्रद्धालुओं का जैसे सैलाब उमड़ पड़ा। दिन भर पंजीयन काउंटर पर लंबी कतार लगी रही। शहर में खचाखच भीड़ के कारण बसें अड्डा तक नहीं पहुंच पा रही थी। साल के आखिरी दिन रात नौ बजे तक 53 हजार श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया।

विज्ञापन


दुनिया भर से यात्रियों के सैलाब को देखते हुए धर्मनगरी में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। बसों को शहर से पहले ही रोक कर यात्रियों को उतार दिया जाता रहा। भक्त मुश्किलों की परवाह किए बिना पैदल बाणगंगा की ओर बढ़ रहे थे। चेक पोस्ट पर इतनी भीड़ लगी थी कि कतार आटो स्टैंड से ऊपर तक लगी रही।
विज्ञापन


भवन के ऊपर पर लॉकर रूम और सभी ठहरावों की जगह फुल रही। पिछले साल की तुलना 31 दिसंबर को एक हजार ज्यादा भक्त पहुंचे। पिछले वर्ष 52 हजार श्रद्धालु पहुंचे थे। दूसरी तरफ पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार पूरे 2016 में वैष्णो देवी की प्राकृतिक पिंडियों के दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 77 लाख 20 हजार रही। यह आंकड़ा वर्ष 2015 की तुलता में 50 हजार कम है। 2015 में 77 लाख 70 हजार भक्तों ने माता के दर्शन किए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आंकड़े बताते हैं पिछले चार वर्षों से वैष्णो देवी की यात्रा में गिरावट ही हुई है। वर्ष 2016 में यात्रा में हुई गिरावट के लिए विशेषज्ञ कई कारण बताते हैं। इनमें कश्मीर के हालात और नोटबंदी को प्रमुख बताया गया है। हालांकि वर्ष 2012 के बाद यात्रियों की संख्या में हर बार गिरावट ही हुई है। जहां वर्ष 2014 में भवन में दर्शन करने वाले भक्तों की संख्या 78 लाख 3 हजार थी तो 2013 में 93 लाख 2 हजार भक्तों ने दर्शन किए थे।

वर्ष 2012 में भक्तों का आंकड़ा सबसे अधिक रहा था। 1 करोड़ 4 लाख भक्तों ने दर्शन किए थे। गौरतलब है कि वर्ष 1986 में श्राइन बोर्ड के गठन से पहले वर्ष में मात्र पंद्रह लाख भक्त ही दर्शन को आते थे। बोर्ड द्वारा जैसे-जैसे सुविधाआें में इजाफा किया, वैसे-वैसे भक्तों की संख्या भी बढ़ती गई।


वर्ष 2011 में पहली बार यात्रियों की संख्या ने एक करोड़ का आंकड़ा पार किया, लेकिन पिछले चार वर्षों से हो रही भक्तों में कमी स्थानीय व्यवसायियों के लिए भी चिंता का विषय है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब यात्रा में और वृद्धि लाने के लिए अधिक प्रयास होने चाहिए। इसमें बोर्ड मुख्य भूमिका अदा कर सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed