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Udhampur News: न्याय के लिए परिवार का प्रदर्शन
Sun, 23 Feb 2025 01:32 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sun, 23 Feb 2025 01:32 AM IST
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रामबन में न्याय की मांग करता परिवार। संवाद
- फोटो : ramban
श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर खाई में मिला था शव, विशेष जांच दल के गठन की मांग
रामबन। श्रीनगर के नौगाम निवासी उमर यासीन शाह (24) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर उनके परिवार ने रामबन में विरोध प्रदर्शन किया।
उमर का शव और उनकी महिंद्रा थार (जेके01एएन-9990) 30 दिसंबर 2024 को श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर डिगडूल इलाके में एक खाई में मिला था। परिवार का दावा है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। वे मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल के गठन की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी कमिश्नर रामबन बसीर उल हक चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुलबीर सिंह से मामले में त्वरित कार्रवाई की अपील की। परिजनों के अनुसार उमर 22 दिसंबर को श्रीनगर से जम्मू के लिए रवाना हुए थे, लेकिन उसके बाद से लापता थे। 30 दिसंबर को कुछ चरवाहों ने डिगडूल में एक खड्ड में उनका शव देखा, जिसके बाद पुलिस ने शव बरामद कर परिवार को सौंप दिया।
परिवार का कहना है कि उमर उनके माता-पिता का इकलौता बेटा और परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। वे न्याय की मांग को लेकर जरूरत पड़ने पर नई दिल्ली तक जाने को तैयार हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामबन कुलबीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और हर संभव पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। संवाद
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रामबन। श्रीनगर के नौगाम निवासी उमर यासीन शाह (24) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर उनके परिवार ने रामबन में विरोध प्रदर्शन किया।
उमर का शव और उनकी महिंद्रा थार (जेके01एएन-9990) 30 दिसंबर 2024 को श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर डिगडूल इलाके में एक खाई में मिला था। परिवार का दावा है कि यह महज एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या है। वे मामले की गहन जांच के लिए विशेष जांच दल के गठन की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने डिप्टी कमिश्नर रामबन बसीर उल हक चौधरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुलबीर सिंह से मामले में त्वरित कार्रवाई की अपील की। परिजनों के अनुसार उमर 22 दिसंबर को श्रीनगर से जम्मू के लिए रवाना हुए थे, लेकिन उसके बाद से लापता थे। 30 दिसंबर को कुछ चरवाहों ने डिगडूल में एक खड्ड में उनका शव देखा, जिसके बाद पुलिस ने शव बरामद कर परिवार को सौंप दिया।
परिवार का कहना है कि उमर उनके माता-पिता का इकलौता बेटा और परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। वे न्याय की मांग को लेकर जरूरत पड़ने पर नई दिल्ली तक जाने को तैयार हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रामबन कुलबीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और हर संभव पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। संवाद
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