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जिला अस्पताल उधमपुर ने हासिल किया कायाकल्प में पहला पुरस्कार
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उधमपुर। स्वच्छता और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने लिए उधमपुर जिला अस्पताल को जम्मू-कश्मीर में लगातार दूसरी बार कायाकल्प अवार्ड में पहला स्थान मिला है। जिला अस्पताल का स्कोर 86.83 प्रतिशत रहा है। इस उपलब्धि के लिए जिला अस्पताल को 50 लाख रुपये नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इस राशि का 25 प्रतिशत स्टाफ व 75 जिला फीसदी अस्पताल की कमियों को दूर करने पर खर्च किया जाएगा। वहीं सीएचसी की श्रेणी में सीएचसी रामनगर को 10 लाख रुपये राशि वाला दूसरा पुरस्कार हासिल मिला है। उधमपुर को पीएचसी और सीएचसी की कैटेगरी में नौ पुरस्कार मिले हैं।
2015 से हर वर्ष कायाकल्प पुरस्कार घोषित किए जाते हैं। वर्ष 2015-2016 में जिला अस्पताल उधमपुर ने इसमें पहली बार दूसरा पुरस्कार हासिल किया है। 2020-21 में पहली बार जिला अस्पताल ने प्रदेश में पहला पुरस्कार हासिल किया था। पीएचसी कैटेगरी में जिला उधमपुर में पहला पुरस्कार पीएचसी टिकरी ने हासिल किया है, जबकि पीएचसी घोरडी, पीएचसी हरतरयान और पीएचसी गढ़ी को प्रशस्ति पुरस्कार मिला है। एचडब्ल्यूसी की कैटेगरी में जिला उधमपुर में एचडब्ल्यूसी मांड ने पहला पुरस्कार हासिल किया है। एचडब्ल्यूसी सनसू, एचडब्ल्यूसी रौन दोमेल, एचडब्ल्यूसी देहाड़ी और एचडब्ल्यूसी बट्टल ने प्रशस्ति पुरस्कार हासिल किया है। कायाकल्प पुरस्कार के लिए समितियों का गठन किया गया था। इन समितियों ने सभी अस्पतालों में पहुंच कर सुविधाओं का जायजा लेकर अंक दिए।
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लगातार दूसरी बार पुरस्कार मिलना गौरव: डॉ. डोगरा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केसी डोगरा ने कहा कि जिला उधमपुर को 11 पुरस्कार मिलना सम्मान की बात है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय रैना सहित पूरे स्टाफ ने बहुत मेहनत की है। लगातार दूसरी बार यह पुरस्कार और भी गौरवान्वित करता है।
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2015 से हर वर्ष कायाकल्प पुरस्कार घोषित किए जाते हैं। वर्ष 2015-2016 में जिला अस्पताल उधमपुर ने इसमें पहली बार दूसरा पुरस्कार हासिल किया है। 2020-21 में पहली बार जिला अस्पताल ने प्रदेश में पहला पुरस्कार हासिल किया था। पीएचसी कैटेगरी में जिला उधमपुर में पहला पुरस्कार पीएचसी टिकरी ने हासिल किया है, जबकि पीएचसी घोरडी, पीएचसी हरतरयान और पीएचसी गढ़ी को प्रशस्ति पुरस्कार मिला है। एचडब्ल्यूसी की कैटेगरी में जिला उधमपुर में एचडब्ल्यूसी मांड ने पहला पुरस्कार हासिल किया है। एचडब्ल्यूसी सनसू, एचडब्ल्यूसी रौन दोमेल, एचडब्ल्यूसी देहाड़ी और एचडब्ल्यूसी बट्टल ने प्रशस्ति पुरस्कार हासिल किया है। कायाकल्प पुरस्कार के लिए समितियों का गठन किया गया था। इन समितियों ने सभी अस्पतालों में पहुंच कर सुविधाओं का जायजा लेकर अंक दिए।
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लगातार दूसरी बार पुरस्कार मिलना गौरव: डॉ. डोगरा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केसी डोगरा ने कहा कि जिला उधमपुर को 11 पुरस्कार मिलना सम्मान की बात है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय रैना सहित पूरे स्टाफ ने बहुत मेहनत की है। लगातार दूसरी बार यह पुरस्कार और भी गौरवान्वित करता है।
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