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आपदा प्रबंधन का प्रोजेक्ट अधर में
ब्यूरो/अमर उजाला, उध्ामपुर
Updated Fri, 03 Apr 2015 12:34 AM IST
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जिले में भूस्खलन, बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदा के लिए मंजूर किया 13 करोड़ का आपदा प्रबंधन प्रोजेक्ट अभी तक अधर में लटका हुआ है। आपदा प्रबंधन के प्रोजेक्ट पर चल रहे काम में सालों लग गए और लोग प्राकृतिक आपदा की चपेट में आकर अपनी जानें गवां रहे हैं।
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आपदा प्रबंधन प्रोजेक्ट पूरा नहीं होने से अभी तक सद्दल गांव से लाशें पूरी तरह से नहीं निकल पाई हैं। पूर्व विधायक बलवंत सिंह मनकोटिया के अनुसार हाल ही में हुई बारिश से हुए नुकसान को बचाया जा सकता था।
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कई मकान गिरे और जानवरों की मौत हो गई। लोगों को घर से बाहर रात काटनी पड़ी। इस आपदा से निपटने के लिए उन्होंने उधमपुर जिले के लिए 13 करोड़ रुपये का आपदा प्रबंधन प्रोजेक्ट को पास कराया था।
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इस प्रोजेक्ट पर केवल बिरमा पुल पर ही काम हुआ। एक साल में काम पूरा किया जाना था। इसे कई साल लग गए। उन्होंने मांग की है कि प्रोजेक्ट पर काम जल्द पूरा हो। सरकार को आड़े हाथों लेते हुए मनकोटिया ने कहा कि पिछले साल सिंतबर में आई बाढ़ के कारण सद्दल गांव पूरी तरह से तबाह हो गया।
सात महीने गुजरने के बाद भी लाशों को पूरी तरह से नहीं निकाला जा सका है। छह महीने तक मुफ्त राशन देने के दावे भी खोखले साबित हुए। उन्होंने कहा कश्मीर में थोड़ी-सी बारिश हुई और केंद्रीय मंत्री वहां पर पहुंच गए।
दिल्ली सरकार ने हमेशा उधमपुर को नजरअंदाज किया है। लोगों को मुआवजा भी पूरी तरह से नहीं मिल पाया है। यह जम्मू से भेदभाव का मिसाल है। पिछले साल आई बाढ़ से भी सरकार ने कोई सबक नहीं लिया और इस साल मार्च महीने मेें भी कई लोगों को नुकसान उठाना पड़ा।