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Udhampur News: धार रोड पर सड़क हादसे के मामले में कार चालक बरी
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उधमपुर। जिला विशेष मोबाइल मजिस्ट्रेट की अदालत ने धार रोड पर हुए सड़क हादसे के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी कार चालक को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के दावों को साबित करने में विफल रहा है।
हादसा 7 दिसंबर 2022 को रात करीब नौ बजे हुआ था। आरोप था कि चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए शेरू को टक्कर मार दी थी। उपचार के दौरान उसकी मौत होने के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 304-ए (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद मोहिंदर को नामजद किया गया।
सुनवाई के दौरान आरोपी ने बचाव में कोई भी साक्ष्य पेश नहीं किया। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष का केस गवाहों के कमजोर बयान के कारण टिक नहीं सका। मुख्य गवाह ने घटना की जानकारी होने से इन्कार कर दिया। दूसरे गवाह ने न तो आरोपी की पहचान चालक के रूप में की और न ही घटना की सही तारीख बताई। अदालत ने पाया कि कोई भी चश्मदीद यह साबित नहीं कर पाया कि वाहन तेज गति या लापरवाही से चलाया जा रहा था।
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साक्ष्यों की कमी को देखते हुए अदालत ने मोहिंदर सिंह को बरी करने का आदेश जारी किया। हालांकि अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम और मैकेनिकल रिपोर्ट के आधार पर दोष सिद्ध करने की कोशिश की थी।
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हादसा 7 दिसंबर 2022 को रात करीब नौ बजे हुआ था। आरोप था कि चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए शेरू को टक्कर मार दी थी। उपचार के दौरान उसकी मौत होने के बाद पुलिस ने आईपीसी की धारा 304-ए (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के बाद मोहिंदर को नामजद किया गया।
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सुनवाई के दौरान आरोपी ने बचाव में कोई भी साक्ष्य पेश नहीं किया। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष का केस गवाहों के कमजोर बयान के कारण टिक नहीं सका। मुख्य गवाह ने घटना की जानकारी होने से इन्कार कर दिया। दूसरे गवाह ने न तो आरोपी की पहचान चालक के रूप में की और न ही घटना की सही तारीख बताई। अदालत ने पाया कि कोई भी चश्मदीद यह साबित नहीं कर पाया कि वाहन तेज गति या लापरवाही से चलाया जा रहा था।
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साक्ष्यों की कमी को देखते हुए अदालत ने मोहिंदर सिंह को बरी करने का आदेश जारी किया। हालांकि अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम और मैकेनिकल रिपोर्ट के आधार पर दोष सिद्ध करने की कोशिश की थी।