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शव पहुंचाने मढ़वा गए एंबुलेंस चालक का चौथे दिन मिला शव
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किश्तवाड़। तीन दिनों के बाद जिला अस्पताल के एंबुलेंस चालक का शव वाड़वन से किश्तवाड़ हेलिकॉप्टर से लाया गया। इस दौरान उसकी अंतिम यात्रा में भारी संख्या में लोगों ने शामिल होकर नम आंखों से उसे विदाई दी।
एंबुलेंस चालक कुलवंत सिंह शान निवासी सेमना 22 अक्तूबर को एक महिला का शव लेकर मढ़वा गया था। वहां से लौटते समय अचानक बर्फबारी आरंभ हो गई जिसमें वाड़वन से कई किलोमीटर दूर मर्गन टॉप पर वह फंस गया। और, वहीं पर उसकी ठंड के कारण मौत हो गई। बर्फबारी और मौसम खराब होने से उसके शव को दो दिन तक नहीं लाया जा सका। जिसके कारण उसके परिजनों में जिला प्रशासन के प्रति भारी रोष था। इसी को ध्यान में रखकर प्रशासन ने हेलिकॉप्टर की व्यवस्था की, और शव मंगलवार को किश्तवाड़ लाया गया।
जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर के किश्तवाड़ पहुंचने के कुछ देर बाद ही शव का पोस्टमार्टम हुआ, और परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजनों ने दोपहर में चौगान मैदान में उसका अंतिम संस्कार किया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी सहित जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा, पूर्व विधायक सज्जाद अहमद किचलू व पुलिस के अधिकारी शामिल थे।
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मौसम की जानकारी होते हुए भी उसे क्यों भेजा गया- परिजन
जिला अस्पताल में सुपरिंटेंडेंट डॉ. परवेज अहमद वानी का कहना था कि जहां कोई नहीं जाता था, वहां कुलवंत जाने को तैयार होता था। कभी उसके मुंह से ना नहीं सुनी। हमेेशा आगे आने को लालायित रहता था। मढ़वा जाने के लिए भी वह खुद तैयार हो गया। उसके जाने से काफी नुकसान हो गया। वहीं, उसके परिजनों का कहना है कि जब एडवाइजरी निकाली गई थी कि मौसम खराब है, तो उसे ऐसी जगह क्यों भेजा गया?
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एंबुलेंस चालक कुलवंत सिंह शान निवासी सेमना 22 अक्तूबर को एक महिला का शव लेकर मढ़वा गया था। वहां से लौटते समय अचानक बर्फबारी आरंभ हो गई जिसमें वाड़वन से कई किलोमीटर दूर मर्गन टॉप पर वह फंस गया। और, वहीं पर उसकी ठंड के कारण मौत हो गई। बर्फबारी और मौसम खराब होने से उसके शव को दो दिन तक नहीं लाया जा सका। जिसके कारण उसके परिजनों में जिला प्रशासन के प्रति भारी रोष था। इसी को ध्यान में रखकर प्रशासन ने हेलिकॉप्टर की व्यवस्था की, और शव मंगलवार को किश्तवाड़ लाया गया।
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जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर के किश्तवाड़ पहुंचने के कुछ देर बाद ही शव का पोस्टमार्टम हुआ, और परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद परिजनों ने दोपहर में चौगान मैदान में उसका अंतिम संस्कार किया। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी व कर्मचारी सहित जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा, पूर्व विधायक सज्जाद अहमद किचलू व पुलिस के अधिकारी शामिल थे।
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मौसम की जानकारी होते हुए भी उसे क्यों भेजा गया- परिजन
जिला अस्पताल में सुपरिंटेंडेंट डॉ. परवेज अहमद वानी का कहना था कि जहां कोई नहीं जाता था, वहां कुलवंत जाने को तैयार होता था। कभी उसके मुंह से ना नहीं सुनी। हमेेशा आगे आने को लालायित रहता था। मढ़वा जाने के लिए भी वह खुद तैयार हो गया। उसके जाने से काफी नुकसान हो गया। वहीं, उसके परिजनों का कहना है कि जब एडवाइजरी निकाली गई थी कि मौसम खराब है, तो उसे ऐसी जगह क्यों भेजा गया?