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दौशाला मंदिर सरकार की उपेक्षा का शिकार
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चिनैनी। भगवान शिव की बारात का साक्षी रहा मंदिर दौशाला आज भी सरकारी उपेक्षा का शिकार है। 680 वर्ष पूर्व निर्मित ग्यारह रूद्रीय भगवान शिव का मंदिर तवी नदी के किनारे स्थित है। मंदिर तक अभी भी पक्की सड़क की सुविधा नहीं है। कच्ची सड़क भी काफी दयनीय हालत में है। इसके अलावा आजतक तवी नदी पर पुल का निमार्ण भी नहीं हो पाया है। इस कारण भक्तों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
दशकों से तवी नदी पर पुल बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन आजतक प्रशासन और सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। मान्यता है कि इस प्राचीन मंदिर से होकर भगवान शिव की बारात आगे के लिए रवाना हुई थी, तभी से मंदिर में हर साल विशाल भंडारे का आयोजन होता है। मंदिर कमेटी के सदस्यों के अनुसार इस मंदिर को तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित किया जाए तो श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर भी विशाल भंडारे का आयोजन होता है। मगर सड़क व पुल की सुविधा नहीं होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
11 रूद्रीय शिव मंदिर के लिए तवी नदी पर पुल को लेकर डीपीआर लोक निमार्ण विभाग व जेकेपीसीसी ने भेजी है। प्रयास है कि जल्द ही अनुमति मिलेगी, जिसके बाद समस्याओं का निदान हो जाएगा।
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-प्रकाश चंद, बीडीसी चेयरमैन
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दशकों से तवी नदी पर पुल बनाए जाने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन आजतक प्रशासन और सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। मान्यता है कि इस प्राचीन मंदिर से होकर भगवान शिव की बारात आगे के लिए रवाना हुई थी, तभी से मंदिर में हर साल विशाल भंडारे का आयोजन होता है। मंदिर कमेटी के सदस्यों के अनुसार इस मंदिर को तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित किया जाए तो श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होगा। इसके अलावा महाशिवरात्रि पर भी विशाल भंडारे का आयोजन होता है। मगर सड़क व पुल की सुविधा नहीं होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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11 रूद्रीय शिव मंदिर के लिए तवी नदी पर पुल को लेकर डीपीआर लोक निमार्ण विभाग व जेकेपीसीसी ने भेजी है। प्रयास है कि जल्द ही अनुमति मिलेगी, जिसके बाद समस्याओं का निदान हो जाएगा।
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-प्रकाश चंद, बीडीसी चेयरमैन