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कारगिल यात्रा के अंतिम दिन अमरनाथ में जान गंवाने वालों को दी श्रद्धांजलि
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उधमपुर। कारगिल शहीदों की याद में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की तरफ से कारगिल यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें तीन से आठ जुलाई तक पूर्व सैनिकों ने लेह के विभिन्न हिस्सों में जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम दिन श्री अमरनाथ में मारे लोगों और शहीद जवानों को भी श्रद्धांजलि दी गई।
सेवानिवृत्त मेजर उमाकांत शर्मा ने बताया कि तीन जुलाई से आठ जुलाई तक अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की तरफ से कारगिल यात्रा का आयोजन किया गया। इसका नेतृत्व संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी ने किया। इसका उद्देश्य था कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों को याद करना और उन्हें श्रद्धांजलि देना। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की शुरुआत 2011 में उत्तरी कमान के सहयोग से हुई थी। इस बार इस यात्रा में देशभर से कुल 45 पूर्व सैनिक परिवार सम्मिलित हुए।
सर्वप्रथम पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा श्रीनगर स्थित युद्ध स्मारक पर उन सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में भिन्न भिन्न युद्धों में अपनी शहादत दी। इस कार्यक्रम का आयोजन श्रीनगर स्थित कोर हेड क्वार्टर द्वारा किया गया था, जिसमें कश्मीर के भूतपूर्व सैनिक भी सम्मिलित हुए और परस्पर सत्र में सभी ने भाग लिया। पूर्व सैनिक परिवार अगले पड़ाव में द्रास पहुंचे, जहां द्रास मेमोरियल पर वहां के आर्मी कोर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
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इस यात्रा का उद्देश्य जन जन में देश प्रेम की भावना व देश के युवाओं को देश लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करना भी है। इसके बाद कारगिल युद्ध स्मारक पर पुष्प अर्पित कर कारगिल के सैनिक बलिदानियों की वीरता को पुन: याद किया। सेना की तरफ से परस्पर सत्र का आयोजन भी किया गया। इसमें कैप्टन वीरेंद्र सिंह सलाथिया, सार्जेंट यश पाल शर्मा व जम्मू-कश्मीर मातृशक्ति सदस्य सोनी सिंह व अन्रू मौजूद थे।
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सेवानिवृत्त मेजर उमाकांत शर्मा ने बताया कि तीन जुलाई से आठ जुलाई तक अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की तरफ से कारगिल यात्रा का आयोजन किया गया। इसका नेतृत्व संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी ने किया। इसका उद्देश्य था कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों को याद करना और उन्हें श्रद्धांजलि देना। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की शुरुआत 2011 में उत्तरी कमान के सहयोग से हुई थी। इस बार इस यात्रा में देशभर से कुल 45 पूर्व सैनिक परिवार सम्मिलित हुए।
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सर्वप्रथम पूर्व सैनिक सेवा परिषद द्वारा श्रीनगर स्थित युद्ध स्मारक पर उन सभी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर में भिन्न भिन्न युद्धों में अपनी शहादत दी। इस कार्यक्रम का आयोजन श्रीनगर स्थित कोर हेड क्वार्टर द्वारा किया गया था, जिसमें कश्मीर के भूतपूर्व सैनिक भी सम्मिलित हुए और परस्पर सत्र में सभी ने भाग लिया। पूर्व सैनिक परिवार अगले पड़ाव में द्रास पहुंचे, जहां द्रास मेमोरियल पर वहां के आर्मी कोर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए।
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इस यात्रा का उद्देश्य जन जन में देश प्रेम की भावना व देश के युवाओं को देश लिए कुछ करने के लिए प्रेरित करना भी है। इसके बाद कारगिल युद्ध स्मारक पर पुष्प अर्पित कर कारगिल के सैनिक बलिदानियों की वीरता को पुन: याद किया। सेना की तरफ से परस्पर सत्र का आयोजन भी किया गया। इसमें कैप्टन वीरेंद्र सिंह सलाथिया, सार्जेंट यश पाल शर्मा व जम्मू-कश्मीर मातृशक्ति सदस्य सोनी सिंह व अन्रू मौजूद थे।