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सुद्धमहादेव मेला: शिव मंदिर में शीश नवाने पहुंचे हजारों लोग
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चिनैनी। सुद्धमहादेव का तीन दिवसीय मेला बुधवार को संपन्न हो गया। मेले में आखिरी दिन भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने देविका व पाप नाशनी बावली में स्नान कर प्राचीन शिव मंदिर में शीश नवाया।
गौरतलब है कि कोरोना काल के चलते दो वर्ष तक मेले का आयोजन नहीं हो सका था। इस बार गर्मी की छुट्टियां होने व मैदानी इलाकों में बढ़ रही गर्मी के चलते मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मेले में पहुंचने वालों ने झूलों का आनंद भी उठाया। साथ ही दुकानों पर मनपसंद खरीदारी की। इस दौरान लोग मानतलाई व गौरीकुंड मंदिर में भी पहुंचे। प्राचीन शिव मंदिर में शीश भी नवाया।
बुधवार को सुबह से ही मौसम सुहावना हो गया था। कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हुई। सोमवार से शुरू मेले में करीब 70 हजार श्रद्धालु पहुंचे। इस बार ज्यादा रौनक ज्येष्ठ पूर्णिमा पर दिखी।
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दंगल के साथ मेले का हुआ समापन
सुद्धमहादेव का तीन दिवसीय मेला दंगल के साथ संपन्न हो गया। आखिरी दिन शाम चार बजे दंगल की शुरूआत हुई, जिसका उद्घाटन मेला अधिकारी व तहसीलदार चिनैनी वेद प्रकाश व नायब तहसीलदार सुद्धमहादेव तनवीर शाह ने किया। अंतिम दिन चौगान ग्राउंड पर सुद्धमहादेव दंगल कमेटी की ओर से दंगल करवाया गया। इसके बाद मेले का समापन हो गया। दंगल में पहलावन जिला उधमपुर के अलावा जम्मू, कठुआ, सांबा, पंजाब आदि से पहुंचे थे। दंगल की शुरूआत पहले छोटे पहलवानों से हुई।
तमदेह पर नैना देवी में लगा मेला
चिनैनी। चिनैनी से करीब 35 किलोमीटर दूर नैना देवी स्थान पर मेले का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन मंदिर कमेटी के चेयरमैन व गांव सराड़ के सरपंच सुदेश चंद्र व बिजली विभाग के अधिकारी अरुण गुप्ता ने किया। मेले में अलसुबह से लोगों का तांता शुरू हो गया था।
सुबह दस बजे तक लोगों की संख्या सैकड़ों में थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया मेले में रौनक बढ़ती गई। तमदेह पर लगे मेले में चिनैनी के अलावा सुद्धमहादेव, मानतलाई, बप्प, सराड़, मरोठी, लाटी व अन्य जगहों से लोगों ने शिरकत की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी लोगों ने खूब आनंद उठाया।
बाबा जित्तों को पालकी में सजाकर निकाली शोभायात्रा
कटड़ा। क्रांतिकारी किसान बाबा जित्तो मेला के अंतिम दिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ ही यात्रियों ने हाजिरी लगाई। इस दौरान परिवार की सुख शांति की कामना की। बुधवार को करीब 20000 श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। तीन दिवसीय मेले में लगभग 35000 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इससे पहले बीती रात बाबा जित्तो मंदिर में सोंगलों की विधिवत पूजा अर्चना के साथ स्थापित किया गया।
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गौरतलब है कि कोरोना काल के चलते दो वर्ष तक मेले का आयोजन नहीं हो सका था। इस बार गर्मी की छुट्टियां होने व मैदानी इलाकों में बढ़ रही गर्मी के चलते मेले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मेले में पहुंचने वालों ने झूलों का आनंद भी उठाया। साथ ही दुकानों पर मनपसंद खरीदारी की। इस दौरान लोग मानतलाई व गौरीकुंड मंदिर में भी पहुंचे। प्राचीन शिव मंदिर में शीश भी नवाया।
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बुधवार को सुबह से ही मौसम सुहावना हो गया था। कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हुई। सोमवार से शुरू मेले में करीब 70 हजार श्रद्धालु पहुंचे। इस बार ज्यादा रौनक ज्येष्ठ पूर्णिमा पर दिखी।
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दंगल के साथ मेले का हुआ समापन
सुद्धमहादेव का तीन दिवसीय मेला दंगल के साथ संपन्न हो गया। आखिरी दिन शाम चार बजे दंगल की शुरूआत हुई, जिसका उद्घाटन मेला अधिकारी व तहसीलदार चिनैनी वेद प्रकाश व नायब तहसीलदार सुद्धमहादेव तनवीर शाह ने किया। अंतिम दिन चौगान ग्राउंड पर सुद्धमहादेव दंगल कमेटी की ओर से दंगल करवाया गया। इसके बाद मेले का समापन हो गया। दंगल में पहलावन जिला उधमपुर के अलावा जम्मू, कठुआ, सांबा, पंजाब आदि से पहुंचे थे। दंगल की शुरूआत पहले छोटे पहलवानों से हुई।
तमदेह पर नैना देवी में लगा मेला
चिनैनी। चिनैनी से करीब 35 किलोमीटर दूर नैना देवी स्थान पर मेले का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन मंदिर कमेटी के चेयरमैन व गांव सराड़ के सरपंच सुदेश चंद्र व बिजली विभाग के अधिकारी अरुण गुप्ता ने किया। मेले में अलसुबह से लोगों का तांता शुरू हो गया था।
सुबह दस बजे तक लोगों की संख्या सैकड़ों में थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया मेले में रौनक बढ़ती गई। तमदेह पर लगे मेले में चिनैनी के अलावा सुद्धमहादेव, मानतलाई, बप्प, सराड़, मरोठी, लाटी व अन्य जगहों से लोगों ने शिरकत की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी लोगों ने खूब आनंद उठाया।
बाबा जित्तों को पालकी में सजाकर निकाली शोभायात्रा
कटड़ा। क्रांतिकारी किसान बाबा जित्तो मेला के अंतिम दिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ ही यात्रियों ने हाजिरी लगाई। इस दौरान परिवार की सुख शांति की कामना की। बुधवार को करीब 20000 श्रद्धालुओं ने हाजिरी लगाई। तीन दिवसीय मेले में लगभग 35000 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इससे पहले बीती रात बाबा जित्तो मंदिर में सोंगलों की विधिवत पूजा अर्चना के साथ स्थापित किया गया।