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Udhampur News: राजमा में मिले कीड़े, पीरा वाले राजमा चावल के मालिक को 8,000 रुपये जुर्माना
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उधमपुर। शिव नगर स्थित प्रसिद्ध पीरा वाले राजमा चावल की दुकान में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी होने पर न्यायपालिका ने सख्त रुख अपनाया है। उप न्यायाधीश की अदालत ने दुकान मालिक पर 8,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही दोषी को अदालत उठने तक साधारण कारावास की सजा सुनाई।
मामला के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी (ब्लॉक उधमपुर) मोहम्मद रियाज ने शिव नगर स्थित परिसर का निरीक्षण किया और राजमा के नमूने लिए। नमूनों को परीक्षण के लिए खाद्य विश्लेषक के पास भेजा गया। रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार राजमा का नमूना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। इसमें जीवित और मृत कीड़े पाए गए, साथ ही नमी की मात्रा भी तय सीमा से अधिक थी। यह स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक और अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध था।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा दायर मामले की सुनवाई के दौरान अभियुक्त हिमांशु जंड्याल ने अदालत के समक्ष स्वेच्छा से अपराध स्वीकार कर लिया। हालांकि संबंधित कानूनों के तहत इस तरह के उल्लंघन के लिए छह महीने तक कारावास और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है लेकिन अदालत ने आरोपी के पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड न होने और पहली बार अपराध करने की स्थिति को देखते हुए नरम रुख अपनाया। न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 8,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब्त की गई दूषित सामग्री को अपील की अवधि समाप्त होने के बाद नष्ट कर दिया जाएगा।
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मामला के अनुसार खाद्य सुरक्षा अधिकारी (ब्लॉक उधमपुर) मोहम्मद रियाज ने शिव नगर स्थित परिसर का निरीक्षण किया और राजमा के नमूने लिए। नमूनों को परीक्षण के लिए खाद्य विश्लेषक के पास भेजा गया। रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार राजमा का नमूना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था। इसमें जीवित और मृत कीड़े पाए गए, साथ ही नमी की मात्रा भी तय सीमा से अधिक थी। यह स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक और अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध था।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा दायर मामले की सुनवाई के दौरान अभियुक्त हिमांशु जंड्याल ने अदालत के समक्ष स्वेच्छा से अपराध स्वीकार कर लिया। हालांकि संबंधित कानूनों के तहत इस तरह के उल्लंघन के लिए छह महीने तक कारावास और एक लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है लेकिन अदालत ने आरोपी के पूर्व में कोई आपराधिक रिकॉर्ड न होने और पहली बार अपराध करने की स्थिति को देखते हुए नरम रुख अपनाया। न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 8,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब्त की गई दूषित सामग्री को अपील की अवधि समाप्त होने के बाद नष्ट कर दिया जाएगा।
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